पंजाब के उप मुख्यमंत्री स. सुखबीर सिंह बादल पंजाब सरकार द्वारा 3 से 5 जनवरी 2013 तक करवाये जा रहे तीन दिवसीय प्रवासी भारतीय सम्मेलन के मंच से शिरोमणि अकाली दल-भाजपा सरकार द्वारा गत 6 वर्षों के दौरान आरम्भ किये और सम्पूर्ण किये गये वेमिसाल विकास कार्यों और राज्य सरकार के आगामी बीस वर्षों के लिए विकास के संकल्प को विदेशों में निवास क रते पंजाबी भाईचारे के आगे रखा जायेगा। स. बादल जोकि राज्य के निवेश प्रोत्साहन मंत्री भी हैं, इस अवसर पर विदेशी निवेशकों को आगामी दशक के दौरान निवेश के लिए सबसे पंसदीदा स्थान बनने जा रहे पंजाब में निवेश करने के लिए प्रेरित करेंगें। आज यहां प्रवासी भारतीय सम्मेलन के लिए उच्च ताकती और प्रबन्धकीय, दोनो कमेटियों की संयुक्त बैठक उप मुख्यमंत्री स. बादल और प्रवासी भारतीय मामलों सम्बन्धी मंत्री स. बिक्रम सिंह मजीठिया की अध्यक्षता में हुई जिसमें राज्य में पहली बार करवाये जा रहे इस तीन दिवसीय सम्मेलन के लिए विभिन्न विभागों द्वारा की जा रही तैयारियों के विवरण दिये गये। स. बादल ने कहा कि इस तीन दिवसीय सम्मेलन को करवाने का उद्धेश्य यह है कि हम विभिन्न देशों में चुने गये पंजाबी प्रतिनिधियों से खुलकर विचार विमर्श कर सकें। ताकि वह प्रवासी भारतीयों को पेश मुशिकलें राज्य सरकार के ध्यान में लाएं और राज्य सरकार उन मुश्किलों के निपटारे के लिए उठाये जाने वाले कदमों सम्बन्धी सम्मेलन के अन्तिम दिन एलान कर सकें। उन्होंने कहा कि सम्मेलन का दूसरा दिन प्रवासी भारतीय मीडिया की समस्याओं को समझने के प्रति समर्पित होगा और राज्य सरकार द्वारा अपना संदेश प्रवासी भारतीय मीडिया में ले जाने के लिए योजनाबंदी की जायेगी। उन्होंने बताया कि पहले दो दिन सम्मेलन चण्डीगढ़ में होगा और अन्तिम दिन जालन्धर में होगा। स. बादल ने श्रीमती गुरप्रीत दियो, आईजी/ प्रवासी भारतीय मामले को निर्देश दिये कि वह प्रवासी भारतीयों की सम्पत्तियों की रक्षा के लिए एक ऐसी योजना बनाएं जिसके तहत प्रवासी भारतीय बाहर जाते समय अपनी सम्पत्ति सम्बन्धी जानकारी क्षेत्र के एसएचओ को दें और वह उन जायदादों पर किसी किस्म के नजायज कब्जे या खरीदोफरोखत को रोकें और किसी लापरवाही के लिए सम्बन्धित अधिकारी की जबावदेही निर्धारित की जा सकें। स. बादल ने गृह और अन्य सम्बन्धित विभागों को भी निर्देश दिये कि वह मानवीय तस्करी कानून , प्रवासी भारतीयों के विवाहों के अनिवार्य पंजीकरण और प्रवासी भारतीयों की सम्पत्तियों को किरायेदारों से खाली करवाने सम्बन्धी बिल पंजाब विधान सभा के दिसम्बर माह में होने वाले विधान सभा सत्र में लाये ताकि प्रवासी भारतीय सम्मेलन से पूर्व इन कानूनों को नोटिफाई किया जा सकें। बैठक में यह भी फैसला यह भी फैसला किया गया कि पुडा मोहाली में प्रवासी भारतीय भवन के लिए उचित जगह अलाट करेगा और सम्मेलन दौरान इसका नींव पत्थर रखा जायेगा। बैठक में सम्मेलन के दौरान प्रमुख अतिथियों को विरासत-ए- खालसा और बाबा बन्दा सिंह बहादुर यादगार दिखाने का फैसला किया गया। इस अवसर पर अन्य के अतिरिक्त श्री सुखदेव सिंह ढींडसा, एम पी , स. बिक्रम सिंह मजीठिया, प्रवासी भारतीय मामले मंत्री, श्री सिकन्दर सिंह मलूका, शिक्षा मंत्री, श्री सरवरण सिंह फिल्लोर पर्यटन मंत्री, श्री अजीत सिंह कोहाड़ परिवहन मंत्री, श्री सुरजीत सिंह रखड़ा ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री, श्री शरनजीत सिंह ढिल्ल्लों, लोक निर्माण मंत्री, श्री सोहन सिंह ठंडल, श्रीमती महिन्द्र कोैर जौश और श्री मंतार सिंह बराड़ सभी मुख्य संसदीय सचिव, श्री महेशइन्द्र सिंह ग्रेवाल और श्री कमल शर्मा , दोनों सलाहकार / मुख्यमंत्री , श्री परगट सिंह, श्री गुरप्रताप सिंह बडाला , श्री सुरिन्द्र सिंह भुल्लेवाल राठा और श्री दर्शन सिंह शिवालिक, सभी विधायक , श्री एस के संधू , प्रधान सचिव/ मुख्यमंंत्री, श्री पीएस औजला, प्रधान सचिव / उप मुख्यमंंत्री श्री एनएस कंग वित्तायुक्त राजस्व , श्री एस एस चन्नी , प्रधान सचिव प्रवासी भारतीय मामले श्री ए आर तलवाड प्रधान सचिव उद्योग , श्री आर के गेंगटा आयुक्त प्रवासी भारतीय मामले, श्री मनवेश सिंह सिद्दू और श्री अजय कुमार महाजन दोनों विशेष प्रधान सचिव/ उपमुख्यमंंत्री, श्री प्रिंयक भारती , उपायुक्त जालन्धर, श्रीमती अलकनंदा दियाल , उपायुक्त कपूरथला और श्री डीएस मांगट निदेशक सूचना एवं लोक सम्पर्क प्रमुख तौर पर उपस्थित थे।