मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने विश्व बैंक द्वारा वित्त पोषित झेलम तवी बाढ़ बहाली परियोजना के तहत विकसित किए जा रहे अतिरिक्त ब्लॉक के निर्माण की प्रगति की समीक्षा करने के लिए श्रीनगर के लाल देद अस्पताल का दौरा किया। इस अवसर पर उनके साथ पिंरसिपल सचिव लोक निर्माण विभाग, मंडल आयुक्त कश्मीर, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सचिव, उपायुक्त श्रीनगर, श्रीनगर नगर निगम आयुक्त, ईआरए के सीईओ, आरएंडबी (केंद्रीय) के मुख्य अभियंता तथा अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
परियोजना से संबंधित जानकारी दी गई कि 171.42 करोड़ रुपये की स्वीकृत लागत वाली यह परियोजना वर्ष 2019-20 में जेकेपीसीसी द्वारा शुरू की गई थी, बाद में इसे आरएंडबी विभाग को सौंपा गया। इसका उद्देश्य अस्पताल के ढांचे को व्यापक रूप से उन्नत करना है, जिसमें सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और चिकित्सा उपकरणों से जुड़े कार्य, अस्पताल का फर्नीचर तथा वार्षिक रखरखाव सहयोग शामिल हैं।
दौरे के दौरान मुख्य सचिव को बताया गया कि कुल 283 पाइल्स में से 277 पूरा हो चुके हैं, जबकि राफ्ट कार्य 97 प्रतिषत संपन्न हो चुका है। अब तक 29.07 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। यह भी बताया गया कि शेष स्वीकृत परियोजना लागत 142.35 करोड़ रुपये में से 118.60 करोड़ रुपये अनुबंध समिति के माध्यम से आवंटित कर दिए गए हैं और बचे हुए पाइल का काम प्रगति पर है।
परियोजना की संशोधित पूर्णता तिथि 31 दिसंबर 2026 तय की गई है। परियोजना के महत्व को रेखांकित करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि यह अस्पताल समूची कश्मीर घाटी का एकमात्र तृतीयक स्तरीय स्त्री रोग अस्पताल है, जो हर वर्ष हजारों महिलाओं और नवजात शिशुओं को सेवा प्रदान करता है।
इसलिए इसके बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाना मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नया ब्लॉक तैयार होने पर रोगियों की सुविधा में व्यापक सुधार होगा और अस्पताल पर मौजूदा दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा।
उन्होंने कार्यान्वयन एजेंसियों को निर्देश दिए कि वे संशोधित समयसीमा का सख्ती से पालन करें और उच्चतम गुणवत्ता मानकों को सुनिश्चित करें, ताकि इस ब्लॉक को एक आदर्श स्वास्थ्य सेवा ब्लॉक के रूप में विकसित किया जा सके। मुख्य सचिव ने सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि ऐसे प्रोजेक्ट हमारे यूटी में स्वास्थ्य ढांचे के विस्तार और आधुनिकीकरण पर हमारे ध्यान को दर्शाते हैं।
लाल देद अस्पताल का अतिरिक्त ब्लॉक सेवा प्रदायगी में महत्वपूर्ण अंतराल को पूरा करने और घाटी की महिलाओं व बच्चों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को पूरा करने में परिवर्तनकारी भूमिका निभाएगा। अटल डुल्लू ने स्पष्ट किया कि वे स्वयं इस महत्वपूर्ण परियोजना की प्रगति की निगरानी कर रहे हैं।
जनता के लिए इसके महत्व को देखते हुए, उन्होंने कार्य की गति की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए, ताकि समय पर परियोजना पूरी हो और किसी भी तरह की अनावश्यक देरी न हो।