चंडीगढ़ ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के झंजेड़ी कैंपस के चंडीगढ़ लॉ कॉलेज ने संविधान दिवस को समर्पित एक साप्ताहिक वर्कशॉप का आयोजन किया। कानूनी मुद्दों पर बहुमूल्य जानकारी प्रदान करने वाली इस वर्कशॉप का विषय "कानून को जीवित रखना" रखा गया था। पंजाब राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण के सहयोग से आयोजित इस वर्कशॉप में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया और कानून के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।
इस दौरान माननीय मनजिंदर सिंह जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-सदस्य सचिव पंजाब कानूनी सेवा प्राधिकरण, माननीय कृष्ण कुमार सिंगला अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अतिरिक्त सदस्य सचिव, पंजाब राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण, सराभी पराशर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सहित न्याय व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण व्यक्तियों ने संबंधित विषय पर अपने विचार साँझा किये।
माननीय न्यायाधीश मनजिंदर सिंह ने छात्रों के साथ कानूनी सुधारों के महत्व के बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने कानूनी सुधारों के माध्यम से न्याय प्राप्त करने वाले समाज के महत्व के बारे में भी जानकारी दी। माननीय अतिरिक्त न्यायाधीश कृष्ण कुमार सिंगला, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अतिरिक्त सदस्य सचिव, पंजाब राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण ने संवैधानिक बुनियादी सिद्धांतों की रक्षा में कानूनी जागरूकता की भूमिका पर महत्वपूर्ण जानकारी साँझा की।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट और सचिव, जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण, एस ए एस नगर सुरभि पराशर ने कानून और लोगों के बीच पहुंच के अंतर को पाटने की आवश्यकता पर चर्चा की। इस अवसर पर डा. चंडीगढ़ लॉ कॉलेज की निदेशक राखी सिंह चौहान की पुस्तक "मीडिया लॉ इन कॉन्स्टिट्यूशनल फ्रेमवर्क" का लोकार्पण भी किया गया।
झंजेडी कैंपस के एम डी अर्श धालीवाल ने समारोह में भाग लेते हुए महत्वपूर्ण जानकारी साझा करने के लिए माननीय न्यायाधीश को धन्यवाद दिया। एमडी अर्श धालीवाल ने कहा कि झंजेड़ी कैंपस अपने छात्रों में संवैधानिक मूल्यों की समझ को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
यह वर्कशॉप छात्रों को न्याय और सामाजिक मुद्दों के बारे में जागरूक करने, वकील के पेशे के महत्व और जिम्मेदारी को समझने और एक अच्छे नागरिक के रूप में समाज में अपनी अलग पहचान बनाने के हमारे प्रयास का एक हिस्सा है।