पंजाब कला परिषद् द्वारा पंजाबी लोक कला की ख़ास विभिन्नता और हस्त निर्मित कलाकृतियां ‘गुड्डियाँ पटोले’ की प्रदर्शनी डा. दविन्दर कौर द्वारा कला भवन में लगाई गई जिसका उद्घाटन कला परिषद् के चेयरमैन सुरजीत पातर ने किया। स्वागती शब्द परिषद् के सचिव जनरल लखविन्दर जौहल ने कहे।डा. सुरजीत पातर ने कहा कि यह लोक परंपरा गाँवों में किसी समय पर पूर्ण रूप में प्रचलित हुआ करती थी और बीते समय का जि़क्र करना हमारे लिए आज अहम हो गया है। डा. पातर ने लुप्त हो रही इस लोक कला का पुनर्जीवन करने पर डा. दविन्दर कौर को बधाई दी और आशा जताई कि भविष्य में भी वह अपनी हस्त कला के प्रति दिल से काम करेंगे। इस प्रोग्राम के कनवीनर डा. निर्मल जौढ़ा ने मंच संचालन करते हुए डा. जौढ़ा की हस्त निर्मित कलाकृतियों संबंधी रौशनी डाली। इस प्रदर्शनी में पंजाब के गाँवों से सम्बन्धित लड़कियों द्वारा बनाई जातीं गुड्डियाँ और पटोलों की नुमाईश दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र रही। रंग-बिरंगे कपड़ों, गोटों, फुलकारीयों और फूलों से सजे गुड्डे-गुड्डियों ने लोगों का मन मोह लिया। कला परिषद् द्वारा डा. दविन्दर कौर को फुलकारी और गुलदस्ता देकर सम्मानित किया गया।इस अवसर पर जसमेर सिंह दीपक शर्मा चनारथल, सतनाम चाना, एल.आर नय्यर सहित मशहूर हस्तियाँ उपस्थित थीं।