बादल परिवार की मौजूदा सरकार की लोक विरोधी नीतियों से दुखी आत्म हत्या कर रहे किसानों के साथ-साथ पंजाब की सडक़ों पर भी बेलागम चल रही बादल की ट्रांसपोर्ट कंपनी की बसें आए दिन लोगों को सडक़ों पर मौत के घाट उतार रही हैं। जिसकी ताजा मिसाल होशियारपुर -दसूहा नजदीक हुए बादल की ट्रांसपोर्ट कंपनी की एक बस ने पिता -पुत्र को सडक़ पर कुचल कर मौत के घाट उतार दिया। उक्त हादसे में पिता-पुत्र की मौत पर गहरा दुख जाहिर करते हुए आम आदमी पार्टी की चुनाव प्रचार समिति के चेयरमैन और मैंबर पार्लियामेंट भगवंत मान ने कहा है कि ‘बादलों की बसों के आतंक हद से ज्यादा हो चुका है, इसके अंत के लिए बादलों का राजनैतिक अंत भी जरूरी हो गया है। पंजाब के हर एक जागते जमिर वाले शख्स को अकाली -भाजपा के इस माफिया राज के खिलाफ एकजुट हो कर झंडा उठाना होगा।मान ने कहा कि 2016 में अनेकों ऐसे बस हादसे हुए हैं जिन में पीडितों को अभी तक इन्साफ नहीं मिला। उन्होंने हादसों का जिक्र करते हुए कहा कि बहुचर्चित मोगा ओरबिट बस कांड के पीडि़त परिवार के एक ओर मैंबर की तरफ से दोषियों को पहचानने से इन्कार करना, जालंधर में डबवाली ट्रांसपोर्ट के स्टाफ द्वारा एक पत्रकार के साथ बदसलूकी करने और बादल परिवार की ही एक लग्जरी बस द्वारा होशियारपुर में एक 51 साला स्कूटर सवार को कुचलने और बीते दिन ही होशियारपुर -दसूहा नजदीक बादल की ट्रांसपोर्ट कंपनी की एक बस ने पिता-पुत्र को सडक़ पर कुचल कर मौत के घाट उतार दिया जैसी घटीं घटनाओं की सख्त आलोचना करते हुए मान ने कहा कि सत्ता के नशो में डूबा बादल परिवार पिछली घटनाओं से कोई सबक नहीं लेना चाहता।।
उन्होंने कहा कि पंजाब निवासियों के लिए इस से ज्यादा ओर बदकिस्मती क्या होगी जब राज्य में कानून -व्यवस्था को लागू करने के लिए जिम्मेदार मुख्य मंत्री प्रकाश सिंह बादल और उप मुख्य मंत्री और ग्रह मंत्री सुखबीर सिंह बादल के अपने परिवार की बसों का स्टाफ कानून को छींके टांग कर सडक़ों पर गुंडागर्दी से अंधां धूंद बसें चला रहा है।बादलों ने अपने बस माफिया को खुली छूट दी हुई है ताकि लोग दहश्त में रहें और उनका हर प्रकार का माफिया बेरोक चलता रहे। नतीजन बादलों और उनके करीबी अकाली-भाजपा नेताओं की बसें और रेत -बजरी ढुलाई वाले टिप्पर -ट्रक किसी न किसी की जान लेते रहते हैं।अंत में भगवंत मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार बनने पर बादल परिवार और उनके करीबियों की तरफ से सत्ता के जोर के साथ लिए और बढ़ाए गए बस परमिटों की जांच करेगी। गलत तरीके से लिए गए परमिटों को रद्द करके बेरोजगार नौजवानों को बांटा जाएगा। पंजाब रोडवेज और पीआरटीसी की बसे बढ़ा कर गांवों और दूर दराज के बंद पड़े सरकारी रूटों पर चलाया जाएगा।