77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर माननीय सांसद, राज्यसभा, श्री कार्तिकेय शर्मा ने बराड़ा क्षेत्र के गांवों में VB-G RAM-G (ग्रामीण) योजना के अंतर्गत आयोजित चौपाल कार्यक्रमों के दौरान ग्रामीणों के साथ-साथ मीडिया से भी संवाद किया।मीडिया से बातचीत के दौरान सांसद ने समस्त देशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं और स्वतंत्रता सेनानियों व संविधान निर्माताओं को नमन करते हुए कहा कि उनके त्याग और संघर्ष की वजह से आज देश लोकतंत्र के इस मजबूत स्वरूप तक पहुंच पाया है।
चौपाल को संबोधित करते हुए सांसद ने बताया कि मोदी सरकार ने ग्रामीण रोजगार को सशक्त करने की दिशा में VB-G RAM-G योजना के अंतर्गत कार्य दिवसों को 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन किया है, ताकि ग्रामीण परिवारों को अधिक रोजगार और आर्थिक सुरक्षा मिल सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना को लेकर फैल रहे भ्रम को दूर करना ही इस गांव-गांव दौरे का मुख्य उद्देश्य है।
सांसद श्री कार्तिकेय शर्मा ने कहा,“गणतंत्र दिवस का संदेश साफ है—सत्ता जनता की है। जनसेवा जनता के बीच रहकर ही होती है। इसी भावना के साथ मैं खुद गांवों में आया हूं, ताकि किसी भी तरह का भ्रम न रहे। मोदी सरकार का संकल्प है कि विकास अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।”उन्होंने हरियाणा सरकार की भी सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार केंद्र की योजनाओं को प्रभावी ढंग से ज़मीन पर उतार रही है और ग्रामीण विकास, रोजगार एवं जनकल्याण के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है।
द्वितीय चौपाल कार्यक्रम देवेंद्र चौहान बराड़ा (पिंटू राणा) के निवास के समीप आयोजित किया गया, जहां किसानों और श्रमिकों ने रोजगार, मजदूरी और स्थानीय समस्याओं को लेकर अपनी बात रखी। सांसद ने कहा कि जनप्रतिनिधियों का दायित्व केवल समीक्षा बैठकें करना नहीं, बल्कि जनता के बीच जाकर वास्तविक स्थिति को समझना है।इसके पश्चात तृतीय चौपाल कार्यक्रम नगर पालिका चेयरमैन रजत मलिक के नेतृत्व में आयोजित हुआ।
यहां सांसद ने कहा कि आज आवश्यकता है कि हम योजनाओं की निरंतर समीक्षा करें, जनता से फीडबैक लें और उसी के आधार पर विकसित भारत के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ें।मीडिया से बातचीत में सांसद ने कहा कि विकसित भारत केवल नारे से नहीं बनेगा, बल्कि गांव, गरीब, किसान और श्रमिक को सशक्त करने से ही यह सपना साकार होगा।चौपाल कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की सहभागिता रही और सांसद द्वारा स्वयं गांवों में पहुंचकर संवाद करने की पहल की व्यापक सराहना की गई।