उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने राजभवन, श्रीनगर में एकीकृत मुख्यालय बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें जम्मू-कश्मीर के वर्तमान सुरक्षा परिदृश्य की समीक्षा की गई। बैठक में उत्तरी सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा, मुख्य सचिव अटल डुल्लू, पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात, 15वीं कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल प्रशांत श्रीवास्तव, 16वीं कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल पी.के. मिश्रा, 9वीं कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल राजन शरावत, जम्मू-कश्मीर के एओसी एयर वाइस मार्शल विकास शर्मा, विशेष महानिदेशक समन्वय पुलिस मुख्यालय एस.जे.एम. गिलानी, प्रमुख सचिव गृह चंद्राकर भारती, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सीआईडी नीतीश कुमार, उपराज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. मंदीप के. भंडारी, सशस्त्र बलों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, जम्मू-कश्मीर पुलिस, खुफिया एजेंसियों और नागरिक प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
उपराज्यपाल ने केंद्र शासित प्रदेश में हाल ही में हुए सफल आतंकवाद-रोधी अभियानों के लिए सुरक्षा बलों, जम्मू-कश्मीर पुलिस और खुफिया एजेंसियों को बधाई दी। उपराज्यपाल ने अधिकारियों से कहा, ‘‘आतंकवाद के खिलाफ युद्ध अभी खत्म नहीं हुआ है। गतिशील और गैर-गतिशील अभियान जारी रहने चाहिए।
हमें इस गति को बनाए रखना होगा और आतंकवाद तथा उसके पूरे तंत्र के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी होगी।‘‘ उन्होंने सुरक्षा तंत्र में निरंतर सुधार और उभरते खतरों के प्रति सक्रिय रूप से अनुकूलन करने का निर्देश दिया। उपराज्यपाल ने कट्टरपंथ और नशीली दवाओं के खतरे से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए ‘संपूर्ण सरकारी दृष्टिकोण‘ अपनाने का आह्वान किया।