Wednesday, 22 July 2026

 

 

खास खबरें मोदी सरकार की बर्बरता के शिकार छात्रों की मदद के लिए केजरीवाल ने दिनभर अस्पताल, थाने से लेकर जंतर-मंतर तक की भागदौड़ पंजाब कैबिनेट ने पंजाब विधानसभा का 13वां सत्र 3 से 10 अगस्त तक बुलाने को दी मंजूरी मोगा ग्रेनेड हमले में शामिल 3 मुख्य आरोपियों सहित 17 व्यक्ति गिरफ्तार पंजाब द्वारा आगामी खरीद के लिए भंडारण हेतु स्थान बनाने हेतु मासिक 12 लाख मीट्रिक टन अनाज की लिफ्टिंग पर जोर मुख्य सचिव ने चंडीगढ़ में लैंडस्टैक एवं नक्शा परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की विधायक कुलजीत सिंह रंधावा ने दो आंगनवाड़ी वर्करों को नियुक्ति पत्र सौंपे विधायक कुलजीत सिंह रंधावा ने हमायूंपुर, तसिंबली, बसौली और कसौली में की जनसभाएं एवं लोक मिलनियां प्रदेश में 1 करोड़ 40 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य किया गया निर्धारित-नायब सिंह सैनी हरियाणा के राज्यपाल ने स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर की समीक्षा की मोदी सरकार की बर्बरता के शिकार छात्रों के साथ खड़ी है आम आदमी पार्टी - अरविंद केजरीवाल पंजाब में बनाए जाएंगे 10 लाख नए राशन कार्ड : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान लोकतंत्र प्रतिनिधित्व से चलता है, उसके लिए नुमायंदे बनाए जाते हैं, नुमायंदों को अपनी बात संसद में रखनी चाहिए’’: अनिल विज पर्यावरण संरक्षण को बनाएं जन आंदोलन : नायब सिंह सैनी ट्रीटेड पानी का वैज्ञानिक और योजनाबद्ध तरीके से उपयोग किया जाए- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी देश के युवा और किसान सड़कों पर हैं, लेकिन बातचीत करने के बजाय, भाजपा सरकार उनकी आवाज़ दबाने के लिए बल का इस्तेमाल कर रही है : बलतेज पन्नू मुख्यमंत्री से मिले नीट (स्नातक)-2026 में अखिल भारतीय स्तर पर द्वितीय रैंक प्राप्त करने वाले पंशुल बंसल मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मिर्जापुर माजरा व भूखड़ी पहुंचकर शोक संतप्त परिवारों को दी सांत्वना लोकतंत्र की मजबूती के लिए प्रत्येक व्यक्ति अपना वोट अवश्य बनवाए- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी प्रधानमंत्री मोदी ने देखते ही पहचाना, कार्यकर्ताओं के प्रति उनका स्नेह अतुलनीय : विनीत जोशी मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने की विशेष गहन पुनरीक्षण पर समीक्षा बैठक आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी कॉन्वोकेशन 2026: 506 स्टूडेंट्स को मिली डिग्रियां

 

राष्ट्रीय सुरक्षा भारत की पहली प्राथमिकता बनी रहेगी

Subrahmanyam Jaishankar, BJP, Bharatiya Janata Party, External Affairs Minister
Listen to this article

Web Admin

Web Admin

5 Dariya News

नई दिल्ली , 14 Jul 2022

Last updated on: Jul 14, 2022, 00:00 IST

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पूर्वी लद्दाख सेक्टर में चीन के साथ मौजूदा सीमा गतिरोध पर चर्चा करते हुए मंगलवार को तिरुवनंतपुरम में कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा नरेंद्र मोदी सरकार की पहली प्राथमिकता रही है। उन्होंने कहा, "राष्ट्रीय सुरक्षा निस्संदेह पहली प्राथमिकता है। यथास्थिति बनाए रखना एक अन्य विशेषता है, जिसने नरेंद्र मोदी सरकार की विदेश नीति को परिभाषित किया है। 

चाहे चीन हो, यूक्रेन हो या पाकिस्तान, यह सरकार एक स्टैंड लेती है और उस पर टिकी रहती है और मीडिया या चुनावों में गढ़ी गई राय से प्रभावित नहीं होती है।"इस नीति का एक उत्कृष्ट उदाहरण जयशंकर और चीनी स्टेट काउंसलर और विदेश मंत्री वांग यी के बीच बाली में 7 जुलाई, 2022 को हुई बैठक है, जो जी20 विदेश मंत्रियों की बैठक से अलग हुई थी। 

भारत की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति चीन द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति से काफी अलग है। भारतीय प्रेस विज्ञप्ति में पूर्वी लद्दाख में 1597 किलोमीटर की वास्तविक नियंत्रण रेखा पर यथास्थिति की बहाली के लिए बुलाई गई बैठक में द्विपक्षीय संबंधों के लिए सीमा समाधान की केंद्रीयता पर प्रकाश डाला गया। चीनी प्रेस रीलीज में उल्लेख किया गया है कि जयशंकर ने इस मुद्दे को यूं ही उठाया जैसे कि भारत-चीन के बीच सीमा गतिरोध बड़े द्विपक्षीय कैनवास पर सिर्फ एक छोटा सा मुद्दा हो। 

अतीत में जब दौलेट बेग ओल्डी (डीबीओ) क्षेत्र में देपसांग बुलगे में 2013 के उल्लंघन के प्रभाव को द्विपक्षीय संबंधों के संदर्भ में जनता से दूर रखा गया था, इसके विपरीत मोदी सरकार अप्रैल 2020 की यथास्थिति के लिए प्रतिबद्ध है। द्विपक्षीय संबंधों की बहाली की दिशा में यही एकमात्र रास्ता है। जिस तरह चीन हर द्विपक्षीय बैठक में 'एक चीन नीति' की मान्यता चाहता है और पाकिस्तान जैसे देश से निपटने के लिए अक्सर बैठक के बारे में अपनी राय जारी करता है, मोदी सरकार ने भी तमाम दबावों के बावजूद लीक पर बने रहने और इससे पीछे हटने का फैसला नहीं किया है। 

चीन के साथ सभी भारतीय वार्ताकारों को दिए गए निर्देश से यह साफ है कि जिस तरह चीन लद्दाख एलएसी पर अपनी 1959 की लाइन पर टिका है, वैसे ही भारत भी इस अत्यधिक संवेदनशील क्षेत्र में अपने स्टैंड पर टिका रहेगा और हार नहीं मानेगा। यूक्रेन युद्ध पर मोदी सरकार का स्टैंड शुरू से एक ही है और पश्चिमी शक्तियों या मास्को से कतई प्रभावित नहीं है। 

इसने दोनों पक्षों से युद्ध तत्काल समाप्त करने का आह्वान किया है, क्योंकि युद्ध के प्रभाव वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को प्रभावित कर रहे हैं और छोटे देशों में खाद्य और ईंधन सुरक्षा की समस्या पैदा कर रहे हैं। यूरोप या अमेरिका या रूस के दबाव के आगे झुकने के बजाय, सरकार के लिए भारत का यहां रहने वाले लोगों के हित सर्वोपरि हैं। 

यूक्रेन युद्ध ने स्वदेशी सैन्य हार्डवेयर पर भारतीय भेद्यता को भी उजागर किया है और सरकार का ध्यान सैन्य औद्योगीकरण पर खींचा है जो पहले कभी नहीं किया गया। मोदी सरकार की दृढ़ विदेश नीति पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय संबंधों को देखने पर स्पष्ट हो जाती है। 18 सितंबर 2016 के बाद से जम्मू-कश्मीर के उरी में भारतीय सेना के ब्रिगेड मुख्यालय पर हुए आतंकी हमले के बाद से पाकिस्तान के साथ शीर्ष स्तर पर कोई द्विपक्षीय वार्ता नहीं हुई है। 

अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए गठबंधन सरकार ने 2001 के संसद हमले के लगभग दो साल बाद पाकिस्तानी तानाशाह जनरल परवेज मुशर्रफ के साथ बातचीत शुरू करने का फैसला किया और पाकिस्तान को इस बात के लिए मजबूर किया कि वो पाकिस्तानी नियंत्रण के कश्मीर को आतंकवाद के समर्थन के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं देगा। 

उस वक्त मीडिया ने भी सरकार पर भारी दबाव बनाया था कि पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय वार्ता जारी रखी जाय। जुलाई 2001 के आगरा शिखर सम्मेलन के विफल होने के बाद वाम-उदारवादी मीडिया शोक में डूब गया। वाजपेयी और उनके डिप्टी लालकृष्ण आडवाणी ने कश्मीर पर पाकिस्तानी तानाशाह के सामने झुकने से इनकार कर दिया। 

लश्कर-ए-तैयबा-आईएसआई आतंकी टीम द्वारा 26/11 के मुंबई हमले के आठ महीने बाद ही प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार पाकिस्तान के साथ बातचीत के लिए तैयार हो गई। मनमोहन सरकार ने न केवल इस्लामाबाद में यूसुफ रजा गिलानी सरकार के साथ द्विपक्षीय संबंधों को बहाल करने के लिए बातचीत का फैसला किया, बल्कि शर्म अल शेख में जारी संयुक्त बयान में पाकिस्तान पहली बार 'बलूचिस्तान के लिए खतरा' शब्द डालने में कामयाब रहा। 

25 दिसंबर 2015 को लाहौर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन पीएम नवाज शरीफ के बीच बैठक के लगभग छह साल बाद, पाकिस्तान के साथ कोई बातचीत नहीं हुई है, क्योंकि भारत के खिलाफ आतंकवाद का उन्मूलन बातचीत के लिए एक पूर्व शर्त है। 2016 सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 बालाकोट स्ट्राइक ने भी पाकिस्तान को एक कड़ा संदेश दिया है कि कोई भी आतंकी हमला बेजवाब नहीं रहेगा और रावलपिंडी जीएचक्यू और दुनिया को भी संदेश मिल गया है।

 

Tags: Subrahmanyam Jaishankar , BJP , Bharatiya Janata Party , External Affairs Minister

 

 

related news

 

 

 

Photo Gallery

 

 

Video Gallery

 

 

5 Dariya News RNI Code: PUNMUL/2011/49000
© 2011-2026 | 5 Dariya News | All Rights Reserved
Powered by: CDS PVT LTD