Monday, 17 June 2024

 

 

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सीजीसी लांडरां की आईक्यूएसी ने एक्रेडिटेशन के लिए आउटकम-बेस्ड एजुकेशन प्रोग्राम पर शार्ट टर्म कोर्स का आयोजन किया

CGC Landran, Landran, Chandigarh Group Of Colleges, Satnam Singh Sandhu, Rashpal Singh Dhaliwal
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5 Dariya News

लांडरां , 22 May 2024

सीजीसी लांडरां के इंटरनल क्वालिटी अशुरन्स सेल (आईक्यूऐसी), ने एनआईटीटीटीआर, चंडीगढ़ के सहयोग से, 'आउटकम-बेस्ड एजुकेशन प्रोग्राम फॉर एक्रेडिटेशन' ('प्रमाणीकरण के लिए परिणाम आधारित शिक्षा कार्यक्रम') पर पांच दिन का शार्ट टर्म कोर्स का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में सीजीसी लांडरां के 60 से ज़्यादा फैकल्टी मेंबर्स ने भाग लिया।

सेमिनार ने फैकल्टी मेंबर्स के लिए परिणाम-आधारित शिक्षा की गहरी समझ और प्रमाणीकरण प्रक्रियाओं में इसकी अनिवार्य भूमिका के लिए एक प्रासंगिक मंच के रूप में कार्य किया और उन्हें उच्च शिक्षा के बदलते परिदृश्य को प्रभावी ढंग से नेविगेट करने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल से सुसज्जित किया। नेशनल एजुकेशन पालिसी (एनईपी) 2020 के अनुसार नेशनल बोर्ड ऑफ़ एक्रेडिटेशन (एनबीए) और नेशनल असेसमेंट और एक्रेडिटेशन कौंसिल (एनएएसी) गाइडलाइन्स, शैक्षिक प्रथाओं को संरेखित करने के केंद्रित दृष्टिकोण के साथ, इस कार्यक्रम का उद्देश्य सीजीसी शिक्षकों को शैक्षिक उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए आवश्यक ज्ञान और उपकरण प्रदान करना था। 

इसने उपस्थित लोगों को एनईपी 2020 और इसकी छात्र-केंद्रित विशेषताओं का व्यापक अवलोकन प्रदान किया। इस कार्यक्रम में प्रमुख शिक्षाविदों ने अपनी उपस्थिति देकर इसको शोभा बढ़ाई, जिनमें प्रो. सी. राम कृष्ण, हेड, सीएसई डिपार्टमेंट, एनआईटीटीटीआर, चंडीगढ़, डॉ. ऋतुला ठाकुर, एसोसिएट प्रोफेसर, एनआईटीटीटीआर चंडीगढ़ शामिल हुए। 

उनके साथ डॉ. पी.एन. हृषीकेशा, कैंपस डायरेक्टर, सीजीसी लांडरां, डॉ. जे.एस. खटरा, डायरेक्टर अकादमिक, डॉ. हरसिमरन कौर, एसोसिएट डीन, आईक्यूएसी, सीजीसी लांडरां तथा अन्य विभाग के डीन और डायरेक्टर भी उपस्थित हुए। डॉ. पी.एन. हृषीकेशा, कैंपस डायरेक्टर, सीजीसी लांडरां ने कहा, इस कार्यक्रम ने सीजीसी लांडरां की एजुकेशन क्वालिटी और स्टैण्डर्ड को बढ़ाने की प्रतिबद्धता को उजागर किया है। 

यह कार्यक्रम निरंतर सीखने और उभरते शिक्षण प्रथाओं को अपनाने के माध्यम से शिक्षा में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। वर्कशॉप के पहले दिन  डॉ. बलविंदर सिंह धालीवाल ने ओबीई और एनबीए एक्रेडिटेशन का ओवरव्यू प्रस्तुत किया, जिसके बाद डॉ. ऋतुला ठाकुर ने एनईपी 2020 और ओबीई के बीच संबंध पर चर्चा की। दूसरे दिन, प्रमुख रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ. पी.के. तुलसी ने ब्लूम्स टैक्सोनॉमी का ढांचा और ओबीई आधारित पाठ्यक्रम परिणामों को डिजाइन करने की प्रस्तुति दी, और ओबीई के लिए विभिन्न शिक्षण-लर्निंग प्रक्रियाओं पर प्रकाश डाला। 

डॉ. ऋतुला ठाकुर ने भी पाठ्यक्रम परिणामों को तैयार करने पर एक गतिविधि सत्र आयोजित किया। तीसरे दिन, डॉ. मीनाक्षी सूद द्वारा सीओ-पीओ के स्पष्ट मानचित्रण पर एक रोचक सत्र और डॉ. धालीवाल द्वारा मूल्यांकन के लिए रूब्रिक डिजाइनिंग पर प्रस्तुति शामिल थी, जिसमें उन्होंने रूब्रिक डिजाइन के लिए विभिन्न उपकरण साझा किए। चौथे दिन, डॉ. ऋतुला ठाकुर ने शिक्षण उद्देश्यों को टेस्ट आइटम्स के साथ मानचित्रित करने पर चर्चा की, और डॉ. धालीवाल ने सीओ/पीओ के मूल्यांकन और प्राप्ति पर अंतर्दृष्टि प्रदान की। 

अंतिम दिन में डॉ. एस.एस. गिल का एनबीए के लिए आवेदन करने और आत्म-मूल्यांकन रिपोर्ट भरने पर सत्र, और डॉ. सी. राम कृष्णा का कार्यक्रम मूल्यांकन पर विशेषज्ञ दृष्टिकोण प्रस्तुत करने का सत्र शामिल था। सीजीसी लांडरां की आईक्यूएसी सेल, गुणवत्ता सुनिश्चित करने, मार्गदर्शन और मॉनिटरिंग पर केंद्रित होकर, पाठ्यक्रम, शिक्षक विकास, अनुसंधान और विकास, प्लेसमेंट गतिविधियों, प्रमाणीकरण प्रक्रियाओं, सह-पाठ्यक्रिया और अतिपाठ्यक्रिया गतिविधियों आदि में गुणवत्ता सुधार के लिए योजनाओं को समर्पित करती है।

CGC Landran’s IQAC organises short term course on Outcome-based Education Program for Accreditation

Landran 

The Internal Quality Assurance Cell (IQAC), CGC Landran, organised a five-day Short Term Course, on ‘Outcome-based Education Programme for Accreditation’ in collaboration with NITTTR, Chandigarh. The event saw the participation of 60-plus faculty members from CGC Landran. The seminar served as a relevant platform for faculty members to deepen their understanding of Outcome-based Education and its indispensable role in accreditation processes and to instil them with the knowledge and skills necessary to effectively navigate the evolving landscape of higher education. 

With a focused approach of aligning educational practices with the National Board of Accreditation (NBA) and National Assessment and Accreditation Council (NAAC) guidelines as per the National Education Policy (NEP) 2020, the event aimed to equip CGC educators with the requisite knowledge and tools for attaining educational excellence. It also provided the attendees with a comprehensive overview of NEP 2020 and its student-centric features.

Eminent academicians who graced the event with their presence included Prof. C. Rama Krishna, Head, CSE Department, NITTTR, Chandigarh, Dr. Ritula Thakur, Associate Professor, NITTTR Chandigarh. They were accompanied by Dr. P.N. Hrisheekesha, Campus Director, CGC Landran, Dr. J.S. Khattra, Director Academics, Dr. Harsimran Kaur, Associate Dean, IQAC, Deans and HoDs of CGC Landran.  

The event underscores CGC Landran's commitment to enhancing educational quality and standards. It also reflects the institution's dedication to fostering excellence in education through continuous learning and the adoption of evolving pedagogical practices, said Dr. P.N. Hrisheekesha, Campus Director, CGC Landran. 

During the workshop, Day 1 featured Dr. Balwinder Singh Dhaliwal's overview of OBE and NBA accreditation, followed by Dr. Ritula Thakur's discussion on the linkage between NEP 2020 and OBE. On Day 2, Dr. P.K. Tulsi, an eminent retired professor, presented the framework of Bloom’s Taxonomy and designing OBE-based course outcomes, and highlighted various teaching-learning processes for OBE. 

Dr. Ritula Thakur also conducted an activity session on framing course outcomes. Day 3 included an engaging session by Dr. Meenakshi Sood and a presentation on designing rubrics for assessment by Dr. Dhaliwal, who shared various tools for rubric design. On Day 4, Dr. Ritula Thakur discussed mapping instructional objectives with test items. 

The concluding day featured Dr. S. S. Gill's session on applying for NBA and filling out the self-assessment report, followed by Dr. C. Rama Krishna’s expert perspective on program evaluation. Focused on planning guiding and monitoring quality assurance, CGC Landran’s IQAC cell dedicates itself towards fostering quality improvement strategies in curriculum, faculty development, research and development, placement activities, accreditation processes, co-curricular and extracurricular activities, etc.

ਸੀਜੀਸੀ ਲਾਂਡਰਾਂ ਦੇ ਆਈਕਿਊਏਸੀ ਵੱਲੋਂ ਪ੍ਰਮਾਣਤਾ ਲਈ ਨਤੀਜਾ ਆਧਾਰਿਤ ਸਿੱਖਿਆ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ’ਤੇ ਐਸਟੀਪੀ ਦਾ ਆਯੋਜਨ

ਲਾਂਡਰਾਂ

ਇੰਟਰਨਲ ਕੁਆਲਿਟੀ ਐਸ਼ੋਰੈਂਸ ਸੈੱਲ (ਆਈਕਿਊਏਸੀ), ਸੀਜੀਸੀ ਲਾਂਡਰਾਂ ਵੱਲੋਂ ਐਨਆਈਟੀਟੀਟੀਆਰ, ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਦੇ ਸਹਿਯੋਗ ਨਾਲ ‘ਪ੍ਰਮਾਣਤਾ ਲਈ ਨਤੀਜਾ ਅਧਾਰਿਤ ਸਿੱਖਿਆ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ’ (ਆਊਟਕਮ ਬੇਸਡ ਐਜੂਕੇਸ਼ਨ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ) ਵਿਸ਼ੇ ਉੱਤੇ ਪੰਜ ਦਿਨਾਂ ਸ਼ਾਰਟ ਟਰਮ ਕੋਰਸ ਦਾ ਆਯੋਜਨ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਇਸ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਵਿੱਚ ਸੀਜੀਸੀ ਲਾਂਡਰਾਂ ਤੋਂ 60 ਤੋਂ ਵੱਧ ਫੈਕਲਟੀ ਮੈਂਬਰਾਂ ਨੇ ਹਿੱਸਾ ਲਿਆ।

ਇਸ ਸੈਮੀਨਾਰ ਦਾ ਮੁੱਖ ਉਦੇਸ਼ ਫੈਕਲਟੀ ਮੈਂਬਰਾਂ ਲਈ ਨਤੀਜਾ ਅਧਾਰਿਤ ਸਿੱਖਿਆ ਅਤੇ ਮਾਨਤਾ ਪ੍ਰਕਿਿਰਆਵਾਂ ਵਿੱਚ ਇਸ ਦੀ ਲਾਜ਼ਮੀ ਭੂਮਿਕਾ ਦੀ ਸਮਝ ਨੂੰ ਵਧਾਉਣਾ ਅਤੇ ਉੱਚ ਸਿੱਖਿਆ ਦੇ ਉੱਭਰ ਰਹੇ ਲੈਂਡਸਕੇਪ ਨੂੰ ਪ੍ਰਭਾਵਸ਼ਾਲੀ ਢੰਗ ਨਾਲ ਨੈਵੀਗੇਟ ਕਰਨ ਲਈ ਜ਼ਰੂਰੀ ਗਿਆਨ ਅਤੇ ਹੁਨਰ ਪ੍ਰਦਾਨ ਕਰਨ ਲਈ ਇੱਕ ਢੁਕਵਾਂ ਮੰਚ ਪ੍ਰਦਾਨ ਕਰਨਾ ਸੀ। ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਸਿੱਖਿਆ ਨੀਤੀ (ਐਨਈਪੀ)-2020 ਅਨੁਸਾਰ ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਮਾਨਤਾ ਬੋਰਡ (ਐਨਬੀਏ) ਅਤੇ ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਮੁਲਾਂਕਣ ਅਤੇ ਮਾਨਤਾ ਪ੍ਰੀਸ਼ਦ (ਐਨਏਏਸੀ) ਦੇ ਦਿਸ਼ਾ-ਨਿਰਦੇਸ਼ਾਂ ਨਾਲ ਵਿਿਦਅਕ ਅਭਿਆਸਾਂ ਨੂੰ ਇਕਸਾਰ ਕਰਨ ਲਈ ਕੇਂਦਰਿਤ ਦ੍ਰਿਸ਼ਟੀਕੋਣ ਦੇ ਨਾਲ, ਇਸ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਦਾ ਮਕਸਦ ਸੀਜੀਸੀ ਸਿੱਖਿਅਕਾਂ ਨੂੰ ਵਿਿਦਅਕ ਉੱਤਮਤਾ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰਨ ਲਈ ਸਾਧਨਾਂ ਦੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ ਲੋੜੀਂਦੇ ਗਿਆਨ ਨਾਲ ਲੈਸ ਕਰਨਾ ਸੀ।

ਇਸ ਸੈਮੀਨਾਰ ਨੇ ਹਾਜ਼ਰੀਨ ਨੂੰ ਐਨਈਪੀ-2020 ਅਤੇ ਇਸ ਦੀਆਂ ਸਟੂਡੈਂਟ ਸੈਂਟਰਿਕ ਫੀਚਰਜ਼ (ਵਿਿਦਆਰਥੀ ਕੇਂਦਰਿਤ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ਤਾਵਾਂ) ਦੀ ਇੱਕ ਵਿਆਪਕ ਸੰਖੇਪ ਜਾਣਕਾਰੀ ਵੀ ਪ੍ਰਦਾਨ ਕੀਤੀ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਉੱਘੇ ਅਕਾਦਮਿਕਾਂ ਵਿੱਚੋਂ ਪ੍ਰੋ.ਸੀ ਰਮਾ ਕ੍ਰਿਸ਼ਨਾ, ਮੁਖੀ, ਸੀਐਸਈ ਵਿਭਾਗ, ਐਨਆਈਟੀਟੀਟੀਆਰ, ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ, ਡਾ.ਰਿਤੁਲਾ ਠਾਕੁਰ, ਐਸੋਸੀਏਟ ਪ੍ਰੋਫੈਸਰ, ਐਨਆਈਟੀਟੀਟੀਆਰ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਨੇ ਸ਼ਿਰਕਤ ਕਰਕੇ ਇਸ ਸੈਮੀਨਾਰ ਦੀ ਸ਼ੋਭਾ ਵਧਾਈ। 

ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਨਾਲ ਡਾ.ਪੀਐਨ ਰੀਸ਼ੀਕੇਸ਼ਾ, ਕੈਂਪਸ ਡਾਇਰੈਕਟਰ, ਸੀਜੀਸੀ ਲਾਂਡਰਾਂ, ਡਾ.ਜੇ.ਐਸ. ਖੱਟੜਾ, ਡਾਇਰੈਕਟਰ ਅਕਾਦਮਿਕ, ਡਾ.ਹਰਸਿਮਰਨ ਕੌਰ, ਐਸੋਸੀਏਟ ਡੀਨ, ਆਈਕਿਊਏਸੀ, ਸੀਜੀਸੀ ਲਾਂਡਰਾਂ ਦੇ ਡੀਨ ਅਤੇ ਐਚਓਡੀ ਆਦਿ ਵੀ, ਸ਼ਾਮਲ ਸਨ। ਇਸ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਮੌਕੇ ਭਾਸ਼ਣ ਦਿੰਦਿਆਂ ਡਾ.ਪੀਐਨ ਰੀਸ਼ੀਕੇਸ਼ਾ, ਕੈਂਪਸ ਡਾਇਰੈਕਟਰ, ਸੀਜੀਸੀ ਲਾਂਡਰਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਸੈਮੀਨਾਰ ਵਿਿਦਅਕ ਗੁਣਵੱਤਾ ਅਤੇ ਮਿਆਰਾਂ ਨੂੰ ਵਧਾਉਣ ਲਈ ਸੀਜੀਸੀ ਲਾਂਡਰਾਂ ਦੀ ਵਚਨਬੱਧਤਾ ਨੂੰ ਦਰਸਾਉਂਦਾ ਹੈ। 

ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਹੀ ਇਹ ਲਗਾਤਾਰ ਸਿੱਖਣ ਅਤੇ ਵਿਕਸਿਤ ਸਿੱਖਿਆ ਸ਼ਾਸਤਰੀ ਅਭਿਆਸਾਂ ਨੂੰ ਅਪਣਾਉਣ ਦੇ ਮਕਸਦ ਲਈ ਸਿੱਖਿਆ ਵਿੱਚ ਉੱਤਮਤਾ ਨੂੰ ਬੜਾਵਾ ਦੇਣ ਲਈ ਸੰਸਥਾ ਦੇ ਸਮਰਪਣ ਨੂੰ ਵੀ ਦਰਸਾਉਂਦਾ ਹੈ। ਇਸ ਸੈਮੀਨਾਰ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਦਿਨ ਡਾ.ਬਲਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਧਾਲੀਵਾਲ ਨੇ ਓਬੀਈ ਅਤੇ ਐਨਬੀਏ ਮਾਨਤਾ ਬਾਰੇ ਸੰਖੇਪ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੱਤੀ। ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਡਾ.ਰਿਤੁਲਾ ਠਾਕੁਰ ਨੇ ਐਨਈਪੀ-2020 ਅਤੇ ਓਬੀਈ ਵਿਚਕਾਰ ਸਬੰਧਾਂ ਬਾਰੇ ਚਰਚਾ ਕੀਤੀ। ਦੂਜੇ ਦਿਨ ਡਾ.ਪੀਕੇ ਤੁਲਸੀ, ਇੱਕ ਉੱਘੇ ਸੇਵਾਮੁਕਤ ਪ੍ਰੋਫ਼ੈਸਰ ਨੇ ਬਲੂਮਜ਼ ਟੈਕਸੋਨੋਮੀ ਦਾ ਢਾਂਚਾ ਪੇਸ਼ ਕਰਨ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਓਬੀਈ ਅਧਾਰਿਤ ਕੋਰਸ ਦੇ ਨਤੀਜਿਆਂ ਨੂੰ ਵੀ ਡਿਜ਼ਾਈਨ ਕੀਤਾ। 

ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਹੀ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਅਧਿਆਪਨ ਸਿਖਲਾਈ ਪ੍ਰਕਿਿਰਆਵਾਂ ਬਾਰੇ ਵੀ ਜਾਣੂ ਕਰਵਾਇਆ ਅਤੇ ਡਾ.ਰਿਤੁਲਾ ਠਾਕੁਰ ਨੇ ਕੋਰਸ ਦੇ ਨਤੀਜਿਆਂ ਸਬੰਧੀ ਇੱਕ ਗਤੀਵਿਧੀ ਸੈਸ਼ਨ ਦਾ ਆਯੋਜਨ ਕੀਤਾ।ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਦੇ ਤੀਜੇ ਦਿਨ ਡਾ.ਮੀਨਾਕਸ਼ੀ ਸੂਦ ਵੱਲੋਂ ਸੀਓਪੀਓਜ਼ ਦੀ ਸਪਸ਼ਟ ਮੈਪਿੰਗ ’ਤੇ ਇੱਕ ਦਿਲਚਸਪ ਸੈਸ਼ਨ ਅਤੇ ਡਾ.ਧਾਲੀਵਾਲ ਵੱਲੋਂ ਮੁਲਾਂਕਣ ਲਈ ਰੂਬਰਿਕਸ ਡਿਜ਼ਾਈਨ ਕਰਨ ਸਬੰਧੀ ਇੱਕ ਪੇਸ਼ਕਾਰੀ ਸ਼ਾਮਲ ਸੀ, ਜਿਸ ਨੇ ਰੂਬਰਿਕ ਡਿਜ਼ਾਈਨ ਲਈ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਟੂਲ ਸਾਂਝੇ ਕੀਤੇ। ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਦੇ ਚੌਥੇ ਦਿਨ ਡਾ.ਰਿਤੁਲਾ ਠਾਕੁਰ ਨੇ ਟੈਸਟ ਆਈਟਮਾਂ ਦੇ ਨਾਲ ਨਿਰਦੇਸ਼ਕ ਉਦੇਸ਼ਾਂ ਦੀ ਮੈਪਿੰਗ ਬਾਰੇ ਚਰਚਾ ਕੀਤੀ ਅਤੇ ਡਾ.ਧਾਲੀਵਾਲ ਨੇ ਸੀਓਪੀਓ ਦੇ ਮੁਲਾਂਕਣ ਅਤੇ ਪ੍ਰਾਪਤੀ ਬਾਰੇ ਸਮਝ ਪ੍ਰਦਾਨ ਕੀਤੀ।ਸਮਾਪਤੀ ਵਾਲੇ ਦਿਨ ਐਨਬੀਏ ਲਈ ਅਰਜ਼ੀ ਦੇਣ ਅਤੇ ਸਵੈ ਮੁਲਾਂਕਣ ਰਿਪੋਰਟ ਭਰਨ ਸਬੰਧੀ ਡਾ.ਐੱਸ ਐੱਸ ਗਿੱਲ ਵੱਲੋਂ ਸੈਸ਼ਨ ਪੇਸ਼ ਕੀਤਾ ਗਿਆ।ਇਸ ਉਪਰੰਤ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਦੇ ਮੁਲਾਂਕਣ ਸਬੰੰਧੀ ਡਾ.ਸੀ ਰਾਮਾ ਕ੍ਰਿਸ਼ਨਾ ਦਾ ਮਾਹਰ ਦ੍ਰਿਸ਼ਟੀਕੋਣ ਪੇਸ਼ ਕੀਤਾ ਗਿਆ।

ਯੋਜਨਾ ਮਾਰਗਦਰਸ਼ਨ ਅਤੇ ਗੁਣਵੱਤਾ ਭਰੋਸਾ ਦੀ ਨਿਗਰਾਨੀ ਕਰਨ ’ਤੇ ਕੇਂਦ੍ਰਿਤ ਸੀਜੀਸੀ ਲਾਂਡਰਾਂ ਦਾ ਆਈਕਿਊਏਸੀ ਸੈੱਲ ਪਾਠਕ੍ਰਮ, ਫੈਕਲਟੀ ਵਿਕਾਸ, ਖੋਜ ਅਤੇ ਵਿਕਾਸ, ਪਲੇਸਮੈਂਟ ਗਤੀਵਿਧੀਆਂ, ਮਾਨਤਾ ਪ੍ਰਕਿਿਰਆਵਾਂ, ਸਹਿ ਪਾਠਕ੍ਰਮ ਅਤੇ ਪਾਠਕ੍ਰਮ ਤੋਂ ਬਾਹਰਲੀਆਂ ਗਤੀਵਿਧੀਆਂ ਆਦਿ ਵਿੱਚ ਗੁਣਵੱਤਾ ਸੁਧਾਰ ਦੀਆਂ ਰਣਨੀਤੀਆਂ ਨੂੰ ਬੜਾਵਾ ਦੇਣ ਲਈ ਆਪਣੇ ਆਪ ਨੂੰ ਸਮਰਪਿਤ ਕਰਦਾ ਹੈ।

 

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