आखिर फांसी से कैसे बच गया यासीन मलिक?.. पढ़िए वो 4 कारण जिन्होंने फांसी को उम्रकैद में बदल दिया

Thursday, 29 February 2024

 

 

खास खबरें शहर के पुलिस अधिकारियों के लिए साइबर सुरक्षा पाठ्यक्रम का सफल समापन हमें वास्तविक जीवन में उभरती प्रौद्योगिकियों की चुनौतियों को देखना चाहिए : डॉ. शांतनु भट्टाचार्य मुख्यमंत्री द्वारा पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज का उद्घाटन पंजाब सरकार पहले पड़ाव में 260 खेल नर्सरियाँ खोलेगी: मीत हेयर चेतन कृष्णा मल्होत्रा द्वारा शिव शंकर भोले महाकाल भजन हुआ शिवरात्रि के अवसर पर टी सीरीज पर रिलीज़ लोगों को बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं आम आदमी क्लीनिक: ब्रम शंकर जिम्पा बिल का भुगतान करने के बदले 15,000 रुपए की रिश्वत लेता ई.एस.आई. क्लर्क विजीलैंस ब्यूरो द्वारा काबू डिप्टी कमिश्नर कोमल मित्तल ने ‘होशियारपुर नेचर फैस्ट-2024’ की तैयारियों का लिया जायजा हरियाणा में कबूतरबाजी पर लगाम लगाने के लिए हरियाणा टैªवल एजेंटों का पंजीकरण और विनियमन विधेयक, 2024 हुआ पारित - गृह मंत्री अनिल विज हरियाणा सरकार द्वारा भविष्य में जितने भी मैडीकल कालेज बनाए जांएगें उनमें नर्सिग कालेज भी होगा- चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री अनिल विज होशियारपुर का सर्वांगीण विकास प्राथमिकता : ब्रम शंकर जिम्पा पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने सांसद विक्रम साहनी को डॉक्टरेट की मानद उपाधि प्रदान की एलपीयू द्वारा दो दिवसीय भारतीय उद्यमिता कॉन्क्लेव '24 की मेजबानी बेला कॉलेज ऑफ फार्मेसी में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस समारोह 6 लाख रुपए की रिश्वत लेने वाला ए.एस.आई विजीलैंस ब्यूरो ने किया गिरफ्तार सदन में भाजपा सरकार जितने बिल लाती है उतने ही घोटाले साथ लेकर आते हैं: अभय सिंह चौटाला भगवंत सिंह मान ने जालंधर वासियों को 283 करोड़ के विकास प्रोजैक्टों का दिया तोहफा लोगों के लिए जवाबदेह और असरदार व्यवस्था कायम करने के लिए पंजाब पुलिस को आधुनिक राह पर लाया गया : भगवंत सिंह मान पल्लेदार राज्य के आर्थिक ढांचे का एक अहम हिस्सा: लाल चंद कटारूचक्क खेलों में पंजाब की खो चुकी शान बहाल करने के लिए राज्य सरकार की कोशिशें रंग लाईं मान सरकार पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन को प्रफुल्लित करने के लिए यत्नशील: चेतन सिंह जौड़ामाजरा

 

आखिर फांसी से कैसे बच गया यासीन मलिक?.. पढ़िए वो 4 कारण जिन्होंने फांसी को उम्रकैद में बदल दिया

Yasin Malik , Kashmir , Jammu Kashmir Liberation Front , Jammu Kashmir Liberation Front Chairman , The Kashmir Files , Kashmir Files , NIA , National Investigation Agency , Terror Funding Case , Yasin Malik Convicted, Tihar Jail
Listen to this article

Web Admin

Web Admin

5 Dariya News

नई दिल्ली , 27 May 2022

अलगाववादी नेता यासीन मलिक को भले ही कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई हो लेकिन उसकी इस सजा से पूरे देश में कोई खुश नहीं है। सभी यासीन के लिए फांसी की सजा की मांग कर रहे थे। लेकिन ऐसा हुआ नहीं, कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई। अब सबके मन में ये सवाल जरूर उठ रहा होगा कि आखिर यासीन मलिक को फांसी क्यों नहीं हुई? इसके पीछे बहुत से कारण है.. आज हम आपको इसके बारे में पूरी जानकारी देंगे कि किन हालातों में फांसी की सजा दी जाती है और आखिर यासीन मलिक इससे कैसे बच गया। 

राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने यासीन मलिक के लिए फांसी की सजा की मांग की थी। इतना ही नहीं कोर्ट में यासीन मलिक ने अपने सारे गुनाह भी कबूल कर लिए थे। लेकिन फिर भी फांसी नहीं नहीं मिली। इसके पीछे पहला कारण ये है- यासीन मलिक ने कोर्ट के सामने कहा कि उसके ऊपर जो धाराएं लगीं उसमें कहा गया था कि 1990 और 2000 के दौरान वह लगातार सक्रिय था। अगर ऐसा था तो उसे तब क्यों नहीं गिरफ्तार किया गया। यासीन मलिक ने अपने बचाव में कहा कि वह एक राजनीतिक दल चलाता और पूर्व में कई प्रधानमंत्री उनसे मिल चुके हैं।

दूसरा कारण- भारतीय दंड संहित की धारा 121 के तहत एनआइए ने यासीन मलिक को मृत्युदंड की मांग की थी। जिस पर न्याय मित्र ने अदालत से कहा कि धारा 121 मे दोषी पाए जाने पर मृत्युदंड का प्रविधान है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों के अनुसार मृत्युदंड केवल दुर्लभ मामलों में ही देना चाहिए। उम्र कैद नियम है जबकि मृत्युदंड अपवाद। जिसके बाद कोर्ट ने यासीन मलिक को उम्र कैद की सजा सुनाई। साफ शब्दों में कहें तो फांसी केवल बहुत खास मामलों में ही दी जाती है। कोर्ट ने यासीन मालिक के केस को दुर्लभ मामलों में नहीं रखा। इसलिए वो फांसी से बच गया।

तीसरा कारण- यासीन मलिक कोर्ट में अपनी दलील में कहा, 1994 में हथियार छोड़ने के बाद मैंने महात्मा गांधी के सिद्धांतों को अपनाया था। तब से मैं कश्मीर में गैर हिंसक राजनीति कर रहा हूं। 28 सालों में अगर मैं कही आतंकी गतिविधि या हिंसा में शामिल रहा हूं, खुफिया एजेंसी अगर ऐसा बता दे तो मैं राजनीति से भी संन्यास ले लूंगा और फांसी मंजूर कर लूंगा। मैंने 7 पूर्व प्रधानमंत्रियों से मुलाकात की है। इस दलील ने भी उसकी फांसी की सजा को काफी तक कम कर दिया था।

चौथा कारण- यासीन मलिक ने कोर्ट में कहा- पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने मुझे पासपोर्ट आवंटित किया और मुझे भारत ने व्याख्यान देने की अनुमति दी, क्योंकि मैं अपराधी नहीं था। NIA की दलील पर यासीन मलिक ने कहा था, 'मैं किसी चीज के लिए भीख नहीं मांगूंगा। केस कोर्ट के सामने हैं और मैंने कोर्ट के ऊपर फैसला छोड़ दिया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यासीन मलिक ने कोर्ट के ऑर्डर की कॉपी भी मांगी है। अब ये माना जा रहा है कि वह कोर्ट के इस फैसले को आगे चुनौती भी दे सकता है। फिलहाल कोर्ट ने अपने फैसले में यह साफ कहा है कि यासीन मलिक को मरते दम तक जेल में रहना होगा।

 

Tags: Yasin Malik , Kashmir , Jammu Kashmir Liberation Front , Jammu Kashmir Liberation Front Chairman , The Kashmir Files , Kashmir Files , NIA , National Investigation Agency , Terror Funding Case , Yasin Malik Convicted , Tihar Jail

 

 

related news

 

 

 

Photo Gallery

 

 

Video Gallery

 

 

5 Dariya News RNI Code: PUNMUL/2011/49000
© 2011-2024 | 5 Dariya News | All Rights Reserved
Powered by: CDS PVT LTD