Friday, 02 June 2023

 

 

खास खबरें पंजाब यूनिवर्सिटी की ग्रांटों को लेकर पंजाब-हरियाणा की हुई मीटिंग प्रदेश सरकार जनकल्याण के लिए समर्पित : मुकेश अग्निहोत्री विक्रमादित्य सिंह ने नितिन गडकरी से भेंट की विक्रमादित्य सिंह ने नई दिल्ली में केंद्रीय नागरिक विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से की भेंट ‘‘परिवर्तन पदयात्रा आपके द्वार’’ वीरवार को 91वें दिन जिला हिसार के उकलाना विधानसभा क्षेत्र के गांव बनभोरी, मतलोडा, सरहेडा, खरक पूनिया व बधावड़ पहुंची मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने टूटू में श्री कामनापूर्ण गौशाला का निरीक्षण किया राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने वार्षिक रेडक्रॉस मेले का शुभारम्भ किया गुरमीत सिंह खुडियां ने कृषि, पशुपालन और खाद्य प्रसंस्करण मंत्री का पदभार संभाला मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंचायती ज़मीनों के कब्ज़े छुड़ाने की मुहिम और तेज़ करेंगे: लालजीत सिंह भुल्लर सिपाही के लिए 2 लाख रुपए रिश्वत लेता दुकानदार विजीलेंस ब्यूरो द्वारा रंगे हाथों काबू नगर निगम हाउस की जनरल बैठक में शहर वासियों के हित में पास किए गए अलग-अलग प्रस्ताव: मेयर सुरिंदर कुमार खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स-2023 में एलपीयू के विद्यार्थियों ने अब तक टॉप 11 मैडल जीते पंजाब सरकार लोगों की समस्याओं का पहल के आधार पर कर रही है हल: ब्रम शंकर जिंपा दो करोड़ रिश्वत कांड मामले में चन्नी के बारे में हुए सनसनीख़ेज़ खुलासे, पीडि़त खिलाड़ी आया सामने गेहूं खरीद में संगरूर जिला रहा अग्रणी: लाल चंद कटारूचक ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जिलों को सम्मानित किया जरनैल सिंह कत्ल मामला : पंजाब पुलिस एजीटीएफ ने बंबीहा गिरोह के कारकुन गुरवीर गुरी को गिरफ्तार किया; पिस्टल बरामद पंजाब पुलिस ने लारेंस बिश्नोई द्वारा समर्थित जबर वसूली करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया; तीन संचालक गिरफ्तार पंजाब पुलिस द्वारा ऑपरेशन क्लीन के तहत नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी कारवाई विजीलैंस ब्यूरो ने एआईजी आशीष कपूर को आय से अधिक संपत्ति बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र में 43.34 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाएं समर्पित कीं थाईलैंड ओपन: किरण जॉर्ज ने वर्ल्ड नंबर 9 शि यू की को हराकर प्री-क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया

 

सू की ने राखिने में मानवाधिकार उल्लंघनों, हिंसा की निंदा की

Web Admin

Web Admin

5 Dariya News

नेपेडा , 19 Sep 2017

 म्यांमार की स्टेट काउंसलर आंग सान सू की ने रोहिंग्या मुस्लिम शरणार्थी संकट को लेकर चुप्पी तोड़ते हुए मंगलवार को कहा कि वह और उनकी सरकार देश में सभी मानवाधिकार उल्लंघनों और गैर-कानूनी हिंसा की निंदा करती हैं और उनका देश राखिने राज्य के हालात की अंतर्राष्ट्रीय जांच से नहीं डरता है। उन्होंने राखिने में हो रही हिंसा के मद्देनजर 415,000 रोहिंग्या मुसलमानों के बांग्लादेश पलायन करने को लेकर पहली बार राष्ट्र को संबोधित किया।सू की ने कहा, "हम पूरे देश में शांति, स्थिरता और कानून का शासन बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"सू की ने इस सप्ताहांत में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिस्सा नहीं लेने का फैसला किया था।सीएनएन के मुताबिक, उन्होंने कहा कि वह "इस तथ्य से वाकिफ हैं कि दुनिया का ध्यान राखिने राज्य के हालात पर केंद्रित है।" और म्यांमार "अंतर्राष्ट्रीय जांच से नहीं डरता है।"सू की ने राष्ट्रीय टेलीविजन पर अपने संबोधन में कहा कि वह फिर भी यह नहीं चाहती थीं कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को यह पता चले कि उनकी सरकार इस संबंध में क्या कर रही है।

उन्होंने कहा, "म्यांमार सरकार का मकसद जिम्मेदारी को बांटना या जिम्मेदारी से भागना नहीं है। हम सभी प्रकार के मानवाधिकार उल्लंघनों और गैर कानूनी हिंसा की निंदा करते हैं।"उन्होंने कहा, "देश के कानून के खिलाफ जाने वालों और मानवाधिकारों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह किसी भी धर्म, जाति के हों या किसी भी राजनीतिक पद पर हों।"सू की ने हिंसा से प्रभावित समुदायों को मानवीय सहायता प्रदान करने का वादा भी किया।संकटग्रस्त राखिने से लगातार पलायन के बावजूद सू की ने दावा किया कि सेना की आक्रामक कार्रवाई दो हफ्ते पहले समाप्त हो चुकी है और पांच सितंबर से कोई संघर्ष या सैन्य अभियान नहीं चलाया गया है।उन्होंने कहा, "आरोप-प्रत्यारोप लगाए गए हैं। हमें उन सभी को सुनना है और कोई कदम उठाने से पहले यह सुनिश्चित करना है कि वे आरोप ठोस सबूतों पर आधारित हों।सू की ने कहा, "हम यह पता लगाना चाहते हैं कि पलायन क्यों हो रहा है। जो पलायन कर गए हैं और जो अभी यहां बने हुए हैं..हम उन लोगों से बात करना चाहेंगे।"गौरतलब है कि 'अराकन रोहिंग्या साल्वेशन आर्मी' (एआरएसए) के विद्रोहियों ने 25 अगस्त को पुलिस चौकियों पर हमला कर दिया था और 12 सुरक्षाकर्मियों की हत्या कर दी थी।सू की ने 25 अगस्त को हुए हमले को आतंकवादी हमला बताया था।रोहिंग्या प्रकरण पर चुप्पी साधने के कारण नोबेल शांति पुरस्कार विजेता सू की की चौतरफा आलोचना हो रही है।म्यांमार इस तथ्य के बावजूद कि कई रोहिंग्या परिवार राखिने में सालों से रह रहे हैं, इन्हें पड़ोसी देश बांग्लादेश से आए अवैध प्रवासी समझता है।वहीं बांग्लादेश इन्हें म्यांमार का नागरिक मानता है।

 

Tags: international leader

 

 

related news

 

 

 

Photo Gallery

 

 

Video Gallery

 

 

5 Dariya News RNI Code: PUNMUL/2011/49000
© 2011-2023 | 5 Dariya News | All Rights Reserved
Powered by: CDS PVT LTD