Friday, 05 June 2026

 

 

खास खबरें अमित शाह ने त्रिपुरा बॉर्डर का दौरा किया, स्मार्ट बॉर्डर विजन का अनावरण किया विश्व पर्यावरण दिवस : सीएम रेखा गुप्ता ने कहा, '18 नमो ऑक्सीजन पार्कों के लिए पौधरोपण अभियान शुरू' हमारी जीवन शैली बिना प्रकृति के अधूरी : सीएम मोहन यादव भोजन-सुरक्षित भविष्य का निर्माण : नीति और भोजन का सुमेल विश्व पर्यावरण दिवस पर राहुल गांधी ने उठाए ग्रेट निकोबार परियोजना पर सवाल, बोले- विकास जरूरी, लेकिन प्रकृति की कीमत पर नहीं 54 एलपीयू स्टूडेंट्स ने भारती एयरटेल स्कॉलरशिप में ₹5 करोड़+ हासिल किए साथ ही वर्ल्ड एनवायरनमेंट डे पर 180 पौधे लगाने की मुहिम चलाई राज्य सरकार और यूएनडीपी के मध्य परिपत्र अर्थव्यवस्था एवं सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने चिनार वृक्षारोपण अभियान के प्रथम चरण का शुभारंभ किया भारत की विकास रफ्तार तेज, यात्री वाहन बिक्री में जोरदार उछाल : पीयूष गोयल सीमा पार संचालित हथियार, नशा और हवाला नेटवर्क का भंडाफोड़ कविन्द्र गुप्ता ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मिनी मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया विश्व पर्यावरण दिवस पर गुलाब चंद कटारिया ने किया वृक्षारोपण आरबीयू ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ वृक्षारोपण अभियान के साथ विश्व पर्यावरण दिवस मनाया स्वच्छ और हरित पर्यावरण के लिए पेड़ लगाएं : सीएम मोहन यादव मैच की परिस्थितियों के हिसाब से खेलना जरूरी, हमने पंत को गेम बदलने के लिए नहीं बोला : गौतम गंभीर पंजाब में प्राइवेट स्कूलों की फीस बढ़ोतरी पर सख्ती, अरविंद केजरीवाल बोले-भगवंत मान सरकार का फैसला ऐतिहासिक स्कूलों में मानसिक स्वास्थ्य पर फोकस, धर्मेंद्र प्रधान ने की समीक्षा पीयूष गोयल ने तिरुमला की पहाड़ियों में लगाया पौधा, पर्यावरण संरक्षण को बताया सामूहिक जिम्मेदारी त्रिपुरा हो या फिर बंगाल-बिहार, हम जनसांख्यिकीय बदलाव नहीं होने देंगे : अमित शाह रेखा गुप्ता ने लोगों से की अपील, कम से कम एक पौधा जरूर लगाएं विश्व पर्यावरण दिवस पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने आवास पर लगाया पौधा, बोले-पर्यावरण बचेगा तो प्रकृति बचेगी

 

झारखंड बना रहा अपनी शिक्षा व्यवस्था में सुधार की योजना

Listen to this article

Web Admin

Web Admin

5 Dariya News

रांची (झारखंड) , 26 May 2016

Last updated on: May 26, 2016, 00:00 IST

जिलों में कॉलेज नहीं हैं, स्कूलों में बेंच-कुर्सी और बिजली नहीं है और छात्र शिक्षा के लिए राज्य के बाहर जा रहे हैं। यही झारखंड की सच्चाई है लेकिन मुख्यमंत्री रघुबर दास की सरकार इस सुधार के लिए गति बढ़ा रही है। प्रदेश के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा सचिव अजय कुमार सिंह ने आईएएनएस को बताया, "मौजूदा वित्तीय वर्ष में पॉलिटेक्निक और तकनीकी संस्थान सहित 100 कॉलेजों का निर्माण कार्य शुरू किया गया है, जो अगले दो-तीन वर्षो में पूरा हो जाएगा।" यह मामला देर आए दुरुस्त आए का है। बिहार से अलग हुए 15 वर्ष बीत जाने के बाद भी झारखंड का शिक्षा क्षेत्र खंडहर बना हुआ है। 81 विधानसभा क्षेत्रों में से 35 में कोई कॉलेज नहीं है। राज्य के 11 जिलों में महिलाओं के लिए एक भी कॉलेज नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि झारखंड भारत के गरीब राज्यों में से एक है जहां गरीबी के कारण अक्सर युवाओं को नौकर का काम करने के लिए मजबूर होना पड़ता है या वे दूसरे राज्यों में जाकर बस जाते हैं। शिक्षा से इस स्थिति में सुधार कर सकती है। लेकिन पर्याप्त आधारभूत संरचना का अभाव अक्सर इस संभावना को शून्य कर देता है। पॉलिटेक्निक एवं तकनीकी कॉलेजों सहित झारखंड में कुल 428 कॉलेज हैं लेकिन राज्य को कम से कम 1000 ऐसे कॉलेजों की जरूरत है। सिंह के अनुसार, "राज्य सरकार चरणबद्ध ढंग से आगे बढ़ रही है। हर विधानसभा क्षेत्र में कम से कम एक डिग्री कॉलेज खोलने की योजना है।" स्नातक एवं स्नातकोत्तर डिग्री के लिए राज्य में केवल 65 अंगीभूत एवं 62 संबद्ध कॉलेज हैं। यदि हर साल पास करने वाले छात्रों की संख्या पर विचार किया जाए तो राज्य को कम से कम ऐसे 300 डिग्री कॉलेजों की जरूरत है। 

उन्होंने कहा, हमलोग निजी साझीदारी से ऐसे संस्थान शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं। शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार एवं शिक्षा क्षेत्र में निवेश लाने के लिए विधानसभा से पांच निजी विश्वविद्यालय कानून पारित किए गए हैं। पांच निजी विश्वविद्यालय अगले पांच साल में 1432 करोड़ रुपये निवेश करेंगे। सिंह ने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार जल्दी ही चार पेशेवर कॉलेज खोलेगी। 11 राज्यों में एक भी महिला कॉलेज नहीं है। इस समस्या के निवारण के लिए कदम उठाए गए हैं। वह कहते हैं, वास्तव में सरकार सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा, खूंटी, कोडरमा, चतरा, रामगढ़, पाकुड़, साहेबगंज, सरायकेला-खरसावां और लातेहार में महिला कॉलेज स्थापित करने के लिए पैसा भी आवंटित किया जा चुका है। राज्य सरकार ने वर्ष 2016-17 के लिए 425 करोड़ रुपये कर्णाकित किए हैं। लेकिन यदि कॉलेजों को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के दिशानिर्देश के अनुसार स्थापित करना है तो प्रत्येक कॉलेज के लिए कम से कम 50 करोड़ रुपये की जरूरत होगी। झारखंड के शिक्षा विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, झारखंड में प्रति एक लाख छात्र पर आठ संस्थान हैं जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह आंकड़ा 25 संस्थानों का है।सरकार के प्रयासों से बहुत सारे कॉलेजों ने अब अधिक छात्रों को शिक्षा की सुविधा देने के लिए शाम की कक्षाएं शुरू की हैं। 

 

Tags: Raghubar Das

 

 

related news

 

 

 

Photo Gallery

 

 

Video Gallery

 

 

5 Dariya News RNI Code: PUNMUL/2011/49000
© 2011-2026 | 5 Dariya News | All Rights Reserved
Powered by: CDS PVT LTD