सरकार का मूलसंकल्प राज्य का सर्वागीण विकास : रामनाथ कोविंद
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पटना 26-Jan-2016
बिहार में 67वां गणतंत्र दिवस मंगलवार को धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में मुख्य समारोह आयोजित किया गया। राज्य के राज्यपाल रामनाथ कोविंद ने ध्वाजारोहण किया और समारोह में शामिल हुए लोगों को संबोधित किया। उन्होंने लोगों से राज्य में सांप्रदायिक सौहार्द और समाज में सद्भाव बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि सरकार का मूलसंकल्प राज्य का सर्वागीण विकास है।उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा, "राज्य में कानून का राज स्थापित है। संगठित अपराधियों पर अंकुश लगाया गया है तथा उनके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई हो रही है। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जा रही है। आर्थिक अपराध इकाई भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है तथा अवैध तरीके से कमाई गई संपत्तियों को जब्त किया जा रहा है।"
राज्यपाल ने कहा कि राज्य की जनता को नियत समय सीमा के भीतर लोक शिकायत निवारण का अधिकार प्रदान करने के उद्देश्य से 'बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम 2015' को पारित किया गया है। इसके तहत नागरिकों की शिकायतों का निवारण एक नियत समय सीमा के अंदर हो सकेगा। साथ ही कार्रवाई की सूचना भी लोगों को दी जाएगी।उन्होंने कहा, "बिहार देश में सबसे तेज गति से प्रगति करने वाला राज्य बन गया है। सरकार ने कृषि के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में काफी काम हो रहा है, जिसके तहत शिक्षकों की कमी होने पर शिक्षक नियुक्ति, विद्यालयों में नामांकन और अन्य सुविधाओं पर ध्यान दिया जा रहा है।"गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तथा मंत्रिपरिषद के कई सदस्य एवं राज्य के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।
इससे पहले कोविंद ने मैदान में परेड की सलामी ली। विभिन्न विभागों द्वारा झांकियां भी निकाली गई।गांधी मैदान पहुंचने से पहले राज्यपाल ने कारगिल चौक पहुंचकर शहीदों को श्रद्घांजलि अर्पित की।गणतंत्र दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 7, सर्कुलर रोड स्थित अपने सरकारी आवास पर तिरंगा फहराया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने गांधी मैदान पर आयोजित मुख्य समारोह में भाग लिया। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद ने अपने आवास पर ध्वाजारोहण किया। बिहार के गणतंत्र दिवस के मौके पर गांधी मैदान में अभूतपूर्व सुरक्षा के प्रबंध किए गए थे। राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों तथा संवेदनशील इलाकों में भी सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।