अरूण धूमल द्वारा लगाए गए आरोपों में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की चुप्पी रहस्यमयी : हिमांशु मिश्रा
ऋण लेने पर नहीं- भाजपा की आपत्ति ऋण की संदेहास्पद परिस्थितियों पर
5 दरिया न्यूज (अरविन्द शर्मा)
धर्मशाला 11-Oct-2013
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी हिमांशु मिश्रा ने कहा कि अरूण धूमल द्वारा मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर लगाए गए आरोपों का जवाब स्वयं वीरभद्र सिंह को देना चाहिए। इस मामले पर उनकी चुप्पी रहस्यमयी है और भाजपा के आरोपों की पुष्टि करती है। हिमांशु मिश्रा ने कहा कि वीरभद्र सिंह लम्बे समय तक विधानसभा व लोकसभा के सम्मानित सदस्य रहे हैं और उनके बैंक खातों में करोड़ो रूपये जमा पड़े हैं। बावजूद इसके उन्हें और उनकी धर्मपत्नी को किसी एक व्यक्ति से 12 प्रतिशत की दर से लोन लेने की जरूरत क्यों पड़ी। जबकि वह बैंकों से ही 4 प्रतिशत की दर पर ऋण ले सकते थे। प्रदेश की जनता यह जानना चाहती है कि आखिरकार वीरभद्र सिंह को ऋण लेने की जरूरत क्यों पड़ी I इस बात का खुलासा उन्हें प्रदेश की जनता के सामने करना चाहिए, क्योंकि मुख्यमंत्री होने के नाते वह प्रदेश की जनता के प्रति जवाबदेह हैं और यह उनका व्यक्तिगत मामला नहीं है।भाजपा के सह मीडिया प्रभारी ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा ऋण लेने पर भाजपा को कोई आपत्ति नहीं है, जैसा कि कांग्रेसी नेता दोहरा रहे हैं। भाजपा की आपत्ति केवल उन संदेहास्पद परिस्थितियों से है, जिसके चलते एक केन्द्रीय मंत्री द्वारा एक अनजान व्यक्ति से ऋण लिया जाना है। प्रदेश के मुख्यमंत्री यह स्पष्ट करें कि उस व्यक्ति से उनका और उनके परिवार का क्या रिश्ता है।
प्रदेश सह मीडिया प्रभारी ने वीरभद्र पर आरोप लगाते हुए कहा कि सी.ए.जी. की रिपोर्ट में उनके कार्यकाल के दौरान हुए दो हजार करोड़ रूपयों के स्क्रैप घोटाले की जांच अब तक केन्द्र सरकार क्यों नहीं करवा रही है और इस मामले में वीरभद्र सिंह ने चुप्पी क्यों साध रखी है। इतना ही नहीं उनके कार्यकाल के दौरान हजारों बेरोजगार नवयुवकों के साथ धोखा करके बिना साक्षात्कार के 4 हजार व्यक्तियों को चिटों पर नौकरी देने पर भी प्रदेश की जनता उनसे स्पष्टीकरण चाह रही है। अगर वह सचमुच में पाक साफ और ईमानदार हैं तो इन सभी आरोपों की जांच उन्हें किसी स्वतंत्र ऐजेन्सी से करवानी चाहिए और जांच स्वतंत्र रूप से हो, इसके लिए उन्हें अपने पद से तुरन्त इस्तीफा देना चाहिए।