मीडिया की भूमिका एवं उत्तरदायित्व पर कार्यशाला
5 दरिया न्यूज
शिमला 08-Oct-2013
प्रधान सचिव, राजस्व तरूण श्रीधर ने कहा कि अपंग व्यक्तियों के लिए दृष्टिहीन एवं मूक तथा बधिर विद्यालय ढली, शिमला में 12 अक्तूबर, 2013 को हिमाचल प्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा आपातकाल तैयारी कार्यशाला आयोजित की जाएगी। कार्यशाला के आयोजन मे समाज कल्याण विभाग तथा नगर निगम शिमला का सहयोग भी रहेगा। वह आज यहां ‘आपदा पूर्व, आपदा के समय एवं उपरांत मीडिया की भूमिका एवं उत्तरदायित्व’ विषय पर आयोजित कार्यशाला का शुभारम्भ करने के उपरांत संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला में विभिन्न प्रिंट तथा इलैक्ट्रानिक मीडिया संगठनों के राज्य स्तरीय प्रतिनिधियों ने भाग लिया।श्री तरूण श्रीधर ने इस अवसर पर कहा कि सूचना के प्रचार-प्रसार के माध्यम से आपदा के समय जानोमाल की क्षति को न्यून करने के लिए एहतियाती उपायों की जानकारी के संबंध में मीडिया महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि उचित शिक्षा, उत्तरदायित्व तथा सूचना, शिक्षा एवं संचार कार्यक्रम के माध्यम द्वारा तैयारी नुकसान एवं हानि को कम करने में सहायक सिद्ध होती है। उन्होंने मीडिया कर्मियों का आह्वान किया कि साधारण समय में जागरूक अभियान के माध्यम से समाज तक यह संदेश पहुंचा है ताकि लोग आपदा बचाव एवं नुकसान कम करने एवं पुनर्वास के बारे में जागरूक बन सके।
मीडिया कर्मियों से विचार-विमर्श में उन्होंने आपदा के समय विश्वास बहाली के लिए सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सकारात्मक रिपोर्टिंग से राहत एवं बचाव कार्य में संलग्न व्यक्तियों को सहायता मिलती है। उन्होंने कहा कि आपदा के समय लोगों का बचाव एवं राहत कार्य सुनिश्चित बनाना महत्वपूर्ण है।
श्री तरूण श्रीधर ने कहा कि त्वरित कार्रवाई के लिए राज्य मुख्यालय पर आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ में आपदा कार्रवाई केंद्र स्थापित किया गया है। एहतियाती उपाय के लिए संवेदनशील स्थानों का चिन्हांकन किया गया है। उन्होंने कहा कि समुचित सामुदायिक जागरूकता अभियान में सोशल मीडिया महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। प्रभावी एवं दक्ष आपदा प्रबंधन के लिए सभी तक सही सूचना पहुंचाने में मीडिया की सशक्त भूमिका है।बिहारी आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के वरिष्ठ सलाहकार श्री अनुज तिवारी ने इस अवसर पर आपदा प्रबंधन में मीडिया की भूमिका पर विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया। उन्होंने जापान में कैटरिना तूफान के कारण आई आपदा के संबंध में दृश्य श्रव्य
प्रस्तुति दी। उन्होंने ‘विकास ऐसा हो, जो आफत से बचाए, विकास ऐसा न हो जो आफत बन जाए’ विचार पर प्रकाश डाला।
उन्होंने इस अवसर पर आपदा प्रबंधन में जीवन रक्षक तकनीकों के संबंध में पावर प्वाईंट प्रस्तुतिकरण दिया। उन्होंने गत अनुभवों से सीख लेने की आवश्यकता और कमियों को चिन्हित कर क्षमताओं के चिन्हांकन पर बल दिया ताकि जानोमाल की क्षति को कम किया जा सके।विशेष सचिव राजस्व एवं आपदा प्रबंधन डॉ. अमनदीप गर्ग ने कहा कि समर्थ-2013 अभियान के तहत 8 से 13 अक्तूबर, 2013 तक सप्ताह भर चलने वाली गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि रिज मैदान से महालेखाकार कार्यालय तक सिटिजन सोलेडैरिटी मार्च आयोजित की जाएगी तथा 13 अक्तूबर, 2013 को आपदा तैयारी एवं कार्रवाई विषय पर प्रदर्शनी तथा स्वयं सेवकों द्वारा हजार्ड हंट वॉक आयोजित की जाएगी।एपीजी विश्वविद्यालय के जन संचार विभाग के प्रोफैसर एवं प्रमुख श्री सुशील कुमार ने आपदा तैयारियों एवं मीडिया नैतिकता विषय पर विस्तृत जानकारी दी। सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के निदेशक श्री राजेन्द्र सिंह ने भी इस अवसर पर अपने विचार रखे।