दो मंत्रियों को बर्खास्त करें, दलितों से माफी मांगें प्रधानमंत्री : अरविंद केजरीवाल
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New Delhi 19-Jan-2016
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हैदराबाद विश्वविद्यालय के दलित छात्र की आत्महत्या के मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से विश्वविद्यालय के आंतरिक मामले में हस्तक्षेप करनेवाले दो मंत्रियों को बर्खास्त करने की मंगलवार को अपील की। विश्वविद्यालय के छात्र रोहित वेमुला द्वारा आत्महत्या के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दलित समुदाय से माफी मांगने की मांग की।केजरीवाल ने यहां एक बयान में कहा, "मैं प्रधानमंत्री से अपील करता हूं कि वे दोनों मंत्रियों को तत्काल बर्खास्त करें, एक उच्च स्तरीय न्यायिक जांच का आदेश दें तथा पीड़ित के परिवार, दलित समुदाय व देश के लोगों से व्यक्तिगत रूप से माफी मांगें।"
उल्लेखनीय है कि हैदराबाद विश्वविद्यालय के विज्ञान, प्रौद्योगिकी और समाज अध्ययन विभाग के द्वितीय वर्ष के छात्र रोहित वेमुला (28) ने रविवार रात छात्रावास के एक कमरे में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी।पिछले साल अगस्त में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं से हुई झड़प के कारण रोहित सहित अंबेडकर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एएसए) से संबद्ध पांच दलित छात्रों को निलंबित कर छात्रावास से निकाल दिया गया था। पिछले 15 दिनों से पांचों छात्र वह विश्वविद्यालय परिसर में हड़ताल पर बैठे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा, "18 जनवरी को देश ने देखा कि दो ताकतवर मंत्रियों-मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी तथा श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने किस तरह सामाजिक रूप से बहिष्कृत हैदराबाद विश्वविद्यालय के पांचों दलित छात्रों के खिलाफ अभियान को बढ़ावा दिया, उन्हें पुस्तकालय जाने से रोका गया और अंत में उन्हें विश्वविद्यालय से निलंबित कर दिया गया।"केजरीवाल ने कहा, "इस तरह की अन्यायपूर्ण कार्रवाई ने आखिकार रोहित की जान ले ली। अपने सुसाइड नोट में उसने जाति आधारित पूर्वाग्रहों का जिक्र किया।
इस घटना ने पूरे देश की सामूहिक चेतना को हिलाकर रख दिया।"केजरीवाल ने दलित छात्र की आत्महत्या के मामले को 'लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और समानता की हत्या' करार दिया। केजरीवाल ने अपने एक ट्वीट में कहा, "यह आत्महत्या नहीं, यह हत्या है। यह लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और समानता की हत्या है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी को मंत्रियों को निलंबित करना चाहिए और देश से माफी मांगनी चाहिए।"मुख्यमंत्री ने अन्य ट्वीट में कहा, "दलितों का उत्थान मोदी सरकार का संवैधानिक कर्तव्य है। इसके बावजूद मोदीजी के मंत्रियों ने पांच दलित छात्रों को बहिष्कृत व निष्कासित किया।"