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राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू करने वाला हिमाचल देश का पांचवा राज्य

5 दरिया न्यूज

शिमला 28-Sep-2013

मुख्य सचिव एस. रॉय ने कहा कि 20 सितम्बर, 2013 से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत ‘राजीव गांधी अन्न योजना’ लागू करने वाला हिमाचल प्रदेश, देश का पांचवा राज्य बन गया है। मुख्य सचिव आज यहां समन्वयक यूको बैंक द्वारा आयोजित 129वीं राज्य बैंकर्स समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

श्री रॉय ने कहा कि अन्त्योदय अन्न योजना के लिए चिन्हित परिवार, बीपीएल, सामाजिक सुरक्षा पेंशन तथा अन्नपूर्णा योजना आदि योजनाओं के लाभार्थी भी राजीव गांधी अन्न योजना के अन्तर्गत आएंगे। उन्होंने कहा कि वैश्विक उतार-चढ़ाव के बावजूद भी राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूती से आगे बढ़ रही है तथा बैंक अपनी जिम्मेदारी सफलतापूर्वक निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ‘प्रत्यक्ष लाभ अंतरण योजना’ का लाभ लाभार्थियों को पहुंचाने के लिए राज्य ने बेहतर कार्य किया है। राज्य में इस योजना के तहत अभी तक 18,517 खातों में 12.95 करोड़ रुपये का लाभ पहुंचाया गया है।

मुख्य सचिव ने कहा कि जून, 2013 की तिमाही की समाप्ति पर राज्य में विभिन्न बैंकों ने 2783 करोड़ रुपये के ऋण देकर तिमाही में 121 फीसदी लक्ष्य प्राप्त किया है। वर्तमान में प्रदेश में विभिन्न बैंकों की 1678 शाखाएं तथा 1020 एटीएम हैं, जिनमें से 1337 शाखाएं ग्रामीण क्षेत्रों में हैं। राज्य के उन सभी गांवों में जहां अभी तक बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, में वर्ष 2013 से वर्ष 2016 तक यह सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए संशोधित रोडमैप तैयार किया गया है।श्री रॉय ने प्रदेश के विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों एवं दूरदराज के क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं के विस्तार की आवश्यकता पर बल दिया ताकि सभी गांवों को बैंकिंग सुविधा के दायरे में लाया जा सके। 

मुख्य सचिव ने कहा कि बैंकों को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन को सफल बनाने के लिए भारतीय रिज़र्व के दिशा निर्देशों के अनुसार सभी औपचारिकताएं शीघ्र पूरी की जानी चाहिए तथा प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को आसान शर्तों पर ऋण उपलब्ध किए जाने चाहिए। उन्होंने बैंकों को भारत सरकार द्वारा प्रायोजित विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के निर्देश दिए।यूको बैंक के अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक श्री अरूण कौल ने कहा कि ऐसे गॉंव जहां बैंकिंग सुविधा उपलब्ध नहीं हैं, वहां ‘आईसीटी’ के माध्यम से बैंकिंग सेवाएं दी जानी चाहिएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी 12 जिलों में वित्त एवं ऋण सलाह केन्द्र तथा 10 जिलों में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण केन्द्र कार्यरत हैं।भारत सरकार के वित्त मंत्रालय में निदेशक डॉ. आलोक पाण्डे ने प्रत्यक्ष लाभ अंतरण योजना को तय समय से पहले संयुक्त प्रयासों एवं सहयोग के साथ तीव्र गति से सफलतापूर्वक कार्यान्वित करने पर बल दिया।यूको बैंक के महाप्रबन्धक डॉ. एस.के. नंदी ने सभी बैंकों से सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के अन्तर्गत लक्ष्यों को प्राप्त करने का आग्रह किया।बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विनीत चौधरी, प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।