अपराधी घोषित होने वाले नेताओं को बचाने के लिए केन्द्र सरकार का अध्यादेश अत्यन्त दुर्भाग्यपूर्ण : शांता कुमार
5 दरिया न्यूज (अरविन्द शर्मा)
धर्मशाला 25-Sep-2013
हिमाचल प्रदेश के भूतपूर्व मुख्यमंत्री, और वर्तमान राज्य सभा सदस्य शांता कुमार ने कहा है कि अपराधी घोषित होने वाले नेताओं को बचाने के लिए केन्द्र सरकार का अध्यादेश अत्यन्त दुर्भाग्यपूर्ण और निदंनीय है। संसद ने पिछले सत्र में सरकार यह कानून लाई थी परन्तु सबके आग्रह पर इसे संसद की स्थाई समिति को विचार विमर्श करने के लिए भेजा गया था। समिति की रिपोर्ट का इन्तजार किये बिना इस जल्दबाजी में एकदम अध्यादेश लाना भारतीय लोकतंत्र में अपराधीकरण बढ़ाने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना है।भारत का लोकतंत्र भ्रष्टाचार और अपराधिकरण के कारण लडखड़ा रहा है। मुज्जफरनगर में लगभग 50 निर्दोष मारे गये। 40 हजार निर्दोष लोग अपना घर बार छोड़ कर तम्बुओं में जीवन बिता रहे है। यह सब राजनीति में अपराधिकरण का दुष्परिणाम है। पूरे देश में कहीं रेत माफिया कहीं बजरी माफिया लोकतंत्र ओझल होता जा रहा है और माफिया तंत्र उभरता जा रहा है। कई जगह सरकारी व्यवस्था नपुसंक होती दिख रही हैं। केन्द्र की सरकार ने इस अपराधिकरण द्वारा पूरे लोकतंत्र को नष्ट-भ्रष्ट करने का निर्णय कर लिया है।
पिछले 10 वर्षो में 2 वर्ष से अधिक सजा प्राप्त करने वाले नेताओं की संख्या 10 से अधिक नहीं हैं। ऐसे 10 अपराधी नेताओं को बचाने के लिये 130 करोड़ के लोकतंत्र को यों अपमानित करना निन्दनीय हैं। यह सब केवल वोट के लिए हो रहा है। सरकार को एम.बी.बी.एस. के दाखिले में भ्रष्टाचार करने वाले राज्य सभा सासंद और 10 हजार करोड़ रूपये का चारा घोटाला करने वाले लालू प्रशाद की इसलिए चिन्ता है क्योंकि उनके समर्थन के बिना कांग्रेस सत्ता में नहीं बैठ सकती। यह प्रसन्नता का विषय है कि विपक्ष ने इसका विरोध करने का निर्णय किया है। देश के योग्य राष्ट्रपति महोदय को इस अध्यादेश को अस्वीकार करना चाहिये। नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में नई सरकार बनने पर भ्रष्टाचार और अपराधिकरण को जड़ से उखाड़ा जाएगा।