अफसरों के सामूहिक अवकाश के पीछे केंद्र की साजिश : मनीष सिसोदिया
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नई दिल्ली 31-Dec-2015
दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने गुरुवार को कहा कि दो अधिकारियों के निलंबन के खिलाफ 200 अफसरों के सामूहिक अवकाश के पीछे केंद्र की 'साजिश' है। इसका मकसद एक ही दिन बाद शुरू होने वाले सम-विषम नंबर वाली गाड़ियों के संचालन की योजना को ध्वस्त करना है। इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आप सरकार की ओर से किए गए दिल्ली, अंडमान एवं निकोबार द्वीप सिविल सेवा (दानिक्स) के दो अधिकारियों के निलंबन को अवैधानिक घोषित कर इसे रद कर दिया है।
केंद्र ने यह कदम दो वरिष्ठ अफसरों के निलंबन के विरोध में दिल्ली के 200 वरिष्ठ नौकरशाहों द्वारा गुरुवार को सामूहिक छुट्टी पर रहने के बीच उठाया है।एक साथ बड़ी संख्या में छुट्टी पर जाने का निर्णय दानिक्स अधिकारी संघ के सदस्यों ने लिया था।दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा, "मैं जानना चाहता हूं कि वे सम-विषम योजना के अमल में आने से एक दिन पहले क्यों सामूहिक अवकाश पर गए? प्रधानमंत्री कार्यालय (अधिकारी) और उप राज्यपाल दानिक्स एसोसिएशन की बीते दिन हुई बैठक में आनलाइन थे..इसी के बाद साजिश रची गई।"
आप सरकार ने विशेष सचिव (कारागार) सुभाष चंद्र एवं विशेष सचिव (अभियोजन) यशपाल गर्ग को कथित तौर पर सार्वजनिक अभियोजकों और जेल स्टाफ का वेतन बढ़ाने के कैबिनेट के फैसले से संबंधित एक फाइल पर हस्ताक्षर करने से इंकार करने पर निलंबित कर दिया था।सिसोदिया ने ट्वीट किया, "अधिकारियों की संस्थाओं ने मुख्यमंत्री या उप मुख्यमंत्री से संपर्क करने के बजाए गोवा में छुट्टी मना रहे उप राज्यपाल से सपंर्क किया।"सिसोदिया ने कहा, "हम दिल्ली की जनता के प्रति संकल्पबद्ध हैं।
हमें कोई नहीं रोक सकता, भले ही ये अफसर छह महीने की छुट्टी पर ही क्यों न चले जाएं।"भारतीय जनता पार्टी की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने कहा, "दो विशेष सचिवों का निलंबन पूरी तरह से गलत प्रशासनिक फैसला है। भाजपा, अधिकारियों को उत्पीड़ित करने की ऐसी कार्रवाईयों का विरोध करती है और जैन (दिल्ली के गृह मंत्री सत्येंद्र जैन) के इस्तीफे की मांग करती है।"उपाध्याय ने आरोप लगाया कि जैन अपने मंत्रालय के अधिकारियों को अपने स्थाई वकील राहुल मेहरा के वेतनमान के पुनरीक्षण से संबंधित फाइल पर दस्तखत के लिए दबाव बना रहे थे।
उपाध्याय ने कहा, "जब अधिकारियों ने वेतन और भत्ता बढ़ाने के इस असंवैधानिक कदम से जुड़ी फाइल पर दस्तखत नहीं किए तो जैन ने न केवल इन्हें अपमानित किया बल्कि निलंबित भी कर दिया।"उधर, गृहमंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि नौकरशाहों की इस हड़ताल से सरकार के कामकाज पर फर्क नहीं पड़ेगा।उन्होंने कहा, "दिल्ली सरकार में बड़ी संख्या में लोग काम कर रहे हैं। अगर कुछ लोग छुट्टी पर चले भी जाएं, तो भी कोई फर्क नहीं पड़ेगा।"