शिक्षित बेरोज़गार युवाओं का संबल बनेगी कौशल विकास भत्ता योजना
5 दरिया न्यूज
शिमला 11-Sep-2013
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के गतिशील नेतृत्व में वर्तमान प्रदेश सरकार राज्य के शिक्षित बेरोज़गार युवाओं को रोज़गार एवं स्वरोज़गार के अधिक से अधिक अवसर प्रदान करने के लिये कृतसंकल्प है। दिसम्बर, 2012 में चुनाव के समय में कांग्रेस पार्टी ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में स्पष्ट कर दिया था कि सत्ता में आने के उपरांत युवाओं को रोज़गार के पर्याप्त अवर प्रदान करना पार्टी की प्रतिबद्धता रहेगी। 25 दिसम्बर, 2012 को सत्ता संभालते ही मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह ने मंत्रिमण्डल की प्रथम बैठक में कांग्रेस पार्टी के चुनावी घोषणा पत्र को प्रदेश सरकार का नीतिगत दस्तावेज़ बनाने का निर्णय लिया ताकि लोगों से किये गये वायदों को समयबद्ध सीमा में पूरा किया जा सके। वर्तमान सरकार के प्रथम बजट में ही मुख्यमंत्री ने बेरोज़गार युवाओं को रोज़गार एंव स्वरोज़गार प्राप्त करने के लिये वैश्वीकरण की चुनौतियों के अनुरूप तैयार करने के लिये कौशल विकास भत्ता नामक महत्त्वाकांक्षी योजना की घोषणा की। कौशल विकास भत्ता योजना आरम्भ करने का मूल उद्देश्य यही है कि युवाओं की दक्षता में वृद्धि से रोज़गार प्राप्त करने की दिशा में उन्हें काफी सहायता मिल सकती है।
युवा शक्ति के विकास पर ही देश और प्रदेश का भविष्य निर्भर करता है। वर्तमान सरकार का मानना है कि रोज़गारपरक शिक्षा प्रदान कर और दक्षता को स्तरोन्नत कर ही आज के वैश्वीकरण के युग में युवाओं को बेहतर रोज़गार प्रदान किया जा सकता है। बेरोज़गारी की समस्या भी दक्षता विकसित कर ही समाप्त की जा सकती है। इसी उद्देशय की पूर्ति के लिये कौशल विकास भत्ता योजना आरम्भ की गई है।कौशल विकास भत्ता योजना के अन्तर्गत 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के पात्र शिक्षित बेरोज़गार युवाओं को 1000 रुपये प्रतिमाह की दर से कौशल विकास भत्ता दिया जायेगा। 50 प्रतिशत विकलांग होने की स्थिति में यह भत्ता 1500 रुपये प्रतिमाह की दर से देय होगा। भत्ता प्राप्त करने के लिये शिक्षित बेरोज़गार युवा हिमाचल का वास्तविक निवासी होना चाहिये तथा वह प्रदेश सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त किसी भी बोर्ड/विश्वविद्यालय/संस्थान से कम से कम दसवीं कक्षा पास होना चाहिये। कौशल विकास भत्ते के लिये प्रार्थना पत्र देने की तिथि पर युवा प्रदेश के किसी भी रोज़गार कार्यालय में पंजीकृत होना चाहिये तथा सभी स्त्रोतों से उसकी वार्षिक पारिवारिक आय 2 लाख रुपये से कम होनी चाहिये। देश में किसी भी कौशल विकास पाठ्यक्रम में नाम दर्ज होने की स्थिति में बेरोज़गार युवा कौशल विकास भत्ता प्राप्त करने के हकदार होंगे। आवेदक को अपने बेरोज़गार होने का स्वंय सत्यापित प्रपत्र देना होगा।
कौशल विकास भत्ता प्राप्त करने के लिये शर्तें पूरी करने वाले युवा आवेदन प्रपत्र, सत्यापन प्रपत्र की प्रति किसी भी रोज़गार कार्यालय से निःशुल्क प्राप्त कर सकते हैं अथवा इन्हें श्रम एवं रोज़गार विभाग की वैबसाईट से डाउनलोड कर सकते हैं। प्रपत्र को भर कर उसी रोज़गार कार्यालय में देना होगा जहां पर आवेदक का नाम दर्ज है।
आवेदक को प्रपत्र के साथ पासपोर्ट आकार की फोटो, रोज़गार कार्यालय पहचान पत्र की सत्यापित प्रति, कार्यकारी दण्डाधिकारी द्वारा जारी वार्षिक पारिवारिक आय के प्रमाण पत्र की सत्यापित प्रति, हिमाचल के वास्तविक निवासी प्रमाण पत्र की सत्यापित प्रति, कौशल विकास प्रशिक्षण के लिये संस्थान में दाखिले के प्रमाण पत्र की सत्यापित प्रति, दसवीं कक्षा की अंक तालिका की सत्यापित प्रति और बेरोज़गार होने का स्वंय सत्यापित प्रमाण पत्र संलग्न करना अनिवार्य है। कौशल विकास भत्ता प्राप्त करने के लिये यह ज़रूरी है कि आवेदक का किसी भी आई.एफ.एस.सी कोड युक्त बैंक में खाता हो। इस बारे में संबधिंत बैंक शाखा के अधिकारी से पुष्टि भी आवश्यक है।
बेरोज़गार पात्र युवाओं को दो वर्ष की अवधि के लिये यह भत्ता दिया जायेगा। युवाओं की सुविधा के लिये राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है कि आवेदक 24 माह की सीमा में एक से अधिक प्रशिक्षणों के लिये भी कौशल विकास भत्ता प्राप्त कर सकता है। यदि आवेदक 2 वर्ष की अवधि में पहले एक वर्ष का कौशल विकास प्रशिक्षण प्राप्त करे, उसके बाद 6 माह का कौशल विकास प्रशिक्षण ले और फिर से 6 माह का प्रशिक्षण हासिल करे तो वह इस भत्ते को पाने का हकदार होगा।
इस सम्बन्ध में युवा अधिक जानकारी अपने निकटतम रोज़गार कार्यालय अथवा निदेशालय श्रम एवं रोज़गार से दूरभाष संख्या- 0177-2624209 से प्राप्त कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त चुनावी घोषणा पत्र में किये गये वायदों के अनुरूप प्रदेश में कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जायेगा और कौशल प्रशिक्षण केन्द्रों को एक मिश्न के रूप में स्थापित किया जायेगा। बेरोज़गारी की समस्या से पार पाने के लिये 500 करोड़ रुपये के आरंभिक निवेश के साथ कौशल विकास कॉरपोरेशन आरम्भ की जायेगी। एक कौशल विकास प्रधिकरण भी गठित किया जायेगा।
मुख्यमंत्री 5 अक्तूबर 2013 को 15वीं रेड-डे-हिमालय का शुभारम्भ करेगें
शिमला
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह 5 अक्तूबर, 2013 को शिमला से 15वीं रेड-डे-हिमालय को हरी झण्डी दिखाकर रवाना करेगें। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव तथा प्रधान सचिव युवा सेवाएं एवं खेल श्री वी.सी. फारका ने आज यहां इस प्रतिस्पर्धा के लिए आवश्यक प्रबन्धों के समन्वय के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह जानकारी दी।
श्री फारका ने कहा कि रेड-डे-हिमालय प्रतिस्पर्धा का लगातार 15वीं बार आयोजन किया जा रहा है। यह प्रतिस्पर्धा 6 अक्तूबर, 2013 को शिमला से आरम्भ होगी, जिसका प्रथम चरण 6 अक्तूबर को ही सम्पन्न होगा। इस दौरान यह प्रतिस्पर्धा शिमला से आरम्भ होकर मतियाणा, नाग जुब्बड़, कोटीघाट, कांगल, जंजैहली, चमोला, लूहरी, जमेरी, पंजवी, कारकी, कोटी, बटोड़ी, शुश, खनाग से होती हुई मनाली पहुंचेगी। दूसरा चरण 7 अक्तूबर, 2013 को मनाली से आरम्भ होगा तथा पलचान, मढ़ी, रोहतांग दर्रा, ग्रामफू, चातरू, छोटा दर्रा, बातल, चन्द्रताल, कुंजुम ला, टाकचा, लोसर से होते हुए काज़ा में ठहराव करेगी।
उन्होंने कहा कि इस प्रतिस्पर्धा का तीसरा चरण 8 अक्तूबर, 2013 को काज़ा से आरम्भ होगा तथा हिक्किम, लांगजा, कोमिस, देमूल, लिदांग, अतारगो, लिंगटी, धनकर, सिचिलिंग से होते हुए पुनः काज़ा में ही ठहराव करेगी। चौथा चरण भी काज़ा से आरम्भ होकर केलंग, सारचू से होते हुए 9 अक्तूबर, 2013 को पांग में रूकेगी। 15वीं रेड-डे-हिमालय का पांचवा चरण पांग से आरम्भ होकर तांगलांगला से होते हुए 10 अक्तूबर, 2013 को जम्मू-कश्मीर के लेह पहुंचेगी।
श्री फारका ने कहा कि प्रतिस्पर्धा का छठा चरण 11 अक्तूबर, 2013 को लेह से आरम्भ होगा और वारी ला, खलसर से होती हुई वापिस लेह पहुंचेगी। 11 अक्तूबर, 2013 को प्रतिस्पर्धा सम्पन्न होगी तथा 12 अक्तूबर, 2013 को लेह में पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया जाएगा।उन्होंने कहा कि भारत तथा विदेशों की 150 टीमें इस प्रतिस्पर्धा में भाग लेंगी। यह प्रतिस्पर्धा दो सामान्तर श्रेणियों एक्सट्रीम एवं एडवेंचर ट्रायल में बांटी जाएंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्रतिस्पर्धा के दौरान किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से निपटने के लिए हेलिकॉप्टर सेवाएं भी उपलब्ध करवाएगी।श्री फारका ने पुलिस तथा स्वास्थ्य विभागों को इस प्रतिस्पर्धा के बेहतर समन्वय के लिए नोडल अधिकारियों को नामित करने के निर्देश दिए।प्रधान सचिव युवा सेवाएं एवं खेल ने कहा कि प्रतिस्पर्धा के दौरान लोगों विशेषकर स्कूल जाने वाले बच्चों को किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाव के लिए इसे प्रातः शीघ्र आरम्भ किया जाएगा।
प्रतिस्पर्धा का आयोजन हिमालयन मोटर स्पोर्टस एसोसियेशन द्वारा किया जा रहा है।प्रधान सचिव लोक निर्माण विभाग श्री नरेन्द्र चौहान, सचिव सामान्य प्रशासन एवं निदेशक पर्यटन श्री सुभाशीष पांडा, लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ श्री प्रदीप चौहान, युवा सेवाएं एवं खेल विभाग के निदेशक श्री कमल शर्मा, शिमला के उपायुक्त श्री दिनेश मल्होत्रा तथा स्वास्थ्य, पुलिस, सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग, पथ परिवहन निगम, नगर निगम शिमला तथा एबीवी पर्वतारोहण संस्थान मनाली के प्रतिनिधि भी बैठक में उपस्थित थे।