5 Dariya News

कैप्टन जगीरू मानसिकता त्याग कर अमन शांति, सम्प्रदायक सद्भावना एवं भाईचारक सांझ की कायमी के लिए कार्य करें-प्रकाश सिंह बादल

ताजपोशी समागम कैप्टन की राजशाही वाली मानसिकता का प्रगटावा

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पटियाला 15-Dec-2015

संकीर्ण राजनीति एवं सियासी हितों से उपर उठ कर पंजाब की मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान कैप्टन अमरेन्द्र सिंह को अपनी जगीरू मानसिकता त्याग कर राज्य की अमन शांति, सम्प्रदायक सद्भावना तथा भाईचारा यकीनी बनाने के लिए फराख दिली से कार्य करने की अपील की है।आज यहां एक विशाल सद्भावना रैली को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने कांग्रेस के राज्यीय प्रधान के तौर पर आज ताजा शुरूआत की है और यह वह अवसर है जब उसको टकराव की राजनीति का राह छोड़ कर पंजाब को शांतमयी राज्य बनाने के लिए कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कैप्टन को ऐसी भाषा प्रयोग से गुरेज करना चाहिए जो राज्य के सद्भावना वाले वातावरण को क्षति पहुंचाती हो। 

बादल ने कहा कि टकराव की राजनीति किसी के भी हित में नहीं है और प्रत्येक कीमत पर इससे बचना चाहिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि बठिंडा में कैप्टन अमरेन्द्र सिंह का ताजपोशी वाला समागम भारतीय स्वतंत्रता के बाद भी उसकी राजशाही वाली मानसिकता का प्रगटावा होता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में ताजपोशी जैसे शब्द का कोई स्थान नहीं है परंतु कैप्टन की यह पहलकदमी उसकी राजशाही वाली मानसिकता का प्रगटावा करती है। कांग्रेस के राज्यीय मुखी पर हमला करते हुए स.बादल ने कहा कि कैप्टन अभी भी  अपने आप को महाराजा साहिब कहलवा कर खुश होता है।

कांग्रेस को पंजाबियों विशेषकर सिखों की एक नंबर दुश्मन पार्टी बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दुर्भागयपूर्ण बात है कि कैप्टन उस पार्टी का प्रधान नियुक्त होकर गर्व महसूस कर रहा है जिसने कभी भी राज्य को न्याय नहीं दिया। उन्होंने कहा कि कोई भी पंजाबी उस कांग्रेस को माफ नहीं कर सकता जिसने राज्य को इसकी राजधानी, पंजाबी बोलते क्षेत्र तथा उचित नदी जल से वंचित रखा है और श्री दरबार साहिब पर हमला कर तथा 1984 में हजारों सिखों का कत्लेआम कर सिख मानसिकता को कुरेदा है। स.बादल ने कहा कि कैप्टन एक समय अकाली था परंतु उसकी सत्ता की लालसा उसको कांग्रेस में ले गई। उन्होंने कहा कि यह बहुत दुख वाली बात है कि कैप्टन इस पार्टी का प्रधान नियुक्त होने पर गौरव महसूस कर रहा है जिसने सिखों विरूद्ध अति घिनौने अपराध किए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और गर्मख्यालीए राज्य में बहुत अधिक संघर्ष से प्राप्त की शांति को भंग करने पर तुले हुए हैं और यह दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। कैप्टन अमरेन्द्र सिंह के गर्मख्यालिए सिमरनजीत सिंह मान से संबंधों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इन दोनों ने राज्य में लाई शांति को भंग करने के लिए सांझे घिनौने इरादे अपनाए हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि चाहे कांग्रेस ने हमेशा ही राज्य को विकास की पटड़ी से उतारने का प्रयास किया है परंतु फिर भी शिरोमणि अकाली दल-भाजपा गठजोड़ सरकार के समय दौरान राज्य और केन्द्र में अथाह विकास हुआ। उन्होंने कहा कि वाजपेयी सरकार के समय राज्य को अनेकों महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट प्राप्त हुए और इस समय भी राज्य को अपना हिस्सा मिल रहा है। स.बादल ने कहा कि केन्द्र में एन डी ए की सरकार बनने के एक वर्ष के भीतर राज्य को बड़ा लाभ हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य को एम्ज़, पोस्ट ग्रेजूएट इंस्टीच्यूट ऑफ हॉर्टीकल्चर रिसर्च प्राप्त हुए हैं और अमृतसर को हृदय का रूतबा मिला है।

पटियाला रैली की सफलता का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस रैली के प्रबंधक डायमंड मेडल के हकदार हैं क्योंकि उन्होंने राज्य में यह  सबसे बड़ी रैली करवाई है उन्होने कहा कि इस रैली का उदेश्य राज्य में साम्प्रदायिक सदभावना , शांति और भाईचारे के विश्वासों को मजबूत बनाना है स. बादल ने कहा कि यह रैलियां महान सिक्ख गुरूओं द्वारा दिखाये गये मार्ग की राह अनुसार आयोजित करवाई जा रही हे।शिरोमणि अकाली दल के प्रधान और पंजाब के  उप मुख्य मंत्री सुखबीर सिंह बादल ने 'सदभावना रैली दौरान अब तक के सबसे बड़े समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस की बठिंडा रैली फ्लाप शो साबित हुई है। उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिन्दर सिंह और सारी कांग्रेस लीडरशिप की तरफ से पंजाब स्तर पर पूरा जोर लगाने के बावजूद लोग रैली में नहीं पहुंचे जबकि शिरोमणी अकाली दल की पटियाला रैली में आसपास के  सिर्फ 3-4 जिलों से लाखों की संख्या में लोगों ने समागम करके साबित कर दिया है कि पंजाब के लोग विकास, अमन -शान्ति चाहते हैं और पंजाबियों का मुख्य मंत्री प्रकाश सिंह बादल के  नेतृत्व में पूरा भरोसा है।

उन्होंने कैप्टन अमरिन्दर सिंह की रजवाड़ाशाही पर व्यंग्य कसते हुए कहा कि कैप्टन महलों में रहने वाला व्यक्ति है जो अपने पाँच साल के राज दौरान आम लोगों में बिल्कुल नहीं रहा और अब भी विदेशों की सैर को प्राथमिकता देता है। कैप्टन गरीब, किसान, मजदूर और व्यापारियों के दुख: दर्द को समझ ही नहीं सकता जबकि प्रकाश सिंह बादल ने पंजाब के हर गाँव ओर शहर का दौरा किया है और वे आम लोगों के नेता हैं। संगत दर्शनों के बारे में अमरिन्दर सिंह के नकारात्मक ब्यान की भी उप मुख्य मंत्री ने निंदा की है।इस अवसर पर बादल ने आजादी के इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि सबसे अधिक बलिदान पंजाबियों ने किए हैं और काले पानी की सजा में भी सबसे अधिक पंजाबियों ने ही कैद काटी है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों की तरफ से आजादी संघर्ष दौरान फांसी पर चढ़ाए गए देशप्रेमियों में सबसे ज्यादा संख्या भी पंजाबियों की ही थी। उन्होंने कहा कि हर तरह के  संघर्ष में अकालियों के योगदान के परिणाम स्वरूप आज 95 सालों बाद भी शिरोमणी अकाली दल आम लोगों की पार्टी बन कर लोगों की सेवा निभा रही है और 2017 में भी हैट्रिक बना कर शिरोमणी अकाली दल -भाजपा गठबंधन पंजाब के लोगों की सेवा करता रहेगा।

उन्होंने कहा कि पंजाब के  लोगों को अभी से ही फैसला कर लेना चाहिए कि उन्हें आम लोगों के नेता और पंजाब के विकास को प्राथमिकता देने वाले  प्रकाश सिंह बादल या फिर महलों में रहने वाले और पंजाब की अमन -शान्ति के लिए खतरा बने कैप्टन अमरिन्दर सिंह और दोहरे किरदार वाले और सबसे बड़े धोखेबाज अरविन्द केजरीवाल में से किसको 2017 में चुनना है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने लंबा समय देश पर राज किया परन्तु इस पार्टी ने पंजाबियों खास तौर पर सिखों को नफतर भरी निगाह से ही देखा, जिसके चलते पंजाब हमेशा ही अनदेखा रहा है। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी ने 1984 में सिख हत्याकांड करवाया था और अब उसका पोता राहुल गांधी पंजाब में आग लगा रहा है।आम आदमी पार्टी के दोहरे किरदार का जिक्र करते हुए बादल ने कहा कि दिल्ली की केजरीवाल सरकार अपने वायदों से बिल्कुल विरपीत कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि 'आप के आधे विधायकों पर विभिन्न मामलों में पर्चे दर्ज हैं। सभी 'आप नेता आम आदमी का नारा दे कर सभी 'खास सुख -सुविधाओं का आनंद ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में दिल्ली के विधायकों के वेतन में 10 गुणा की बढ़ोतरी कर केजरीवाल ने सरकारी खजाने को लूटना शुरू कर दिया है।

केजरीवाल लोगों के  पैसे को अपने विज्ञापन में इस्तेमाल कर रहा है। बादल ने कहा कि पंजाब का विज्ञापन बजट जहा 20 करोड़ रुपए सालाना है वहीं केजरीवाल इश्तहारों पर सरकारी खजाने में से 500 करोड़ रुपए सालाना का खर्च कर रहा है। उन्होंने कहा कि 'आप सरकार की तरफ से किये वायदे के  उलट दिल्ली में बिजली पानी महंगा कर दिया गया है। बादल ने कहा कि सिर्फ शिरोमणी अकाली दल -भाजपा गठबंधन की पंजाब सरकार ही अपने वायदों पर खरी उतरी है और उन्होंने कहा था वह कर दिखाया है। पंजाब को बिजली सरपल्स राज्य बना दिया गया है, आटा दाल योजना और किसानों को मुफ्त बिजली की योजनाएं भी सफलतापूर्वक चल रही हैं। उन्होंने कहा कि अगले साल 4000 करोड़ रुपए खर्च कर पंजाब के  सभी कस्बों और शहरों में सीवरेज, पीने का साफ पानी और पक्वी गलियां व नालियां बना दी जाएंगी। इसके साथ ही उन्होंने प्रत्येक विधान सभा क्षेत्र, विशेष रूप से गांवों के समग्र विकास के  लिए 25 करोड़ रुपए दिए जाने की भी घोषणा की है। इसके अलावा अगले पाँच सालों दौरान पंजाब के  सभी गांवों की गलियां नालियां 15000 करोड़ रुपए की लागत से तैयार की जाएंगी।

पंजाब का खजाना खाली होने के कांग्रेस की तरफ से लगाए जा रहे आरोपों को सिरे से रद्द करते हुए बादल ने पंजाब सरकार की सामाजिक भलाई स्कीमों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि बुजुर्गों की पैंशन 250 रुपए से बढ़ा कर 500 रुपए की गई है, गरीब किसानों, व्यापारियों के मुफ्त बीमे किये गए हैं, पंजाबी राज्य के लिए संघर्ष करने वालों और एमरजैंसी दौरान जेलें काटने वालों को 1000 रुपए महीना पैंशन देने का ऐलान किया गया है। इसके अलावा सभी डेरों और ढ़ाणियों को बिजली कनेक्शन दिए जाएंगे। अगले साल की पहली तिमाही में 'सेवा केंद्रÓ शुरू होने से लोगों को सरकारी कार्यालयों में चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब की सभी सड़कों को 20000 करोड़ रुपए की लागत से 4-6 मार्गीय किया जा रहा है।

पूर्व केन्द्रीय मंत्री और राज्य सभा सदस्य स. सुखदेव सिह ढींडसा ने इस अवसर पर अपने भाषण में कहा कि श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घटना ने प्रत्येक व्यक्ति की मानसिकता को कुरेदा है पंरतु बदकिस्मती की बात है कि कांगे्रस ने गर्म ख्याली शक्तियों की सहायता से इस से राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की है। उन्होने कहा कि कांगे्रस की पृष्ठभूमि बहुत ज्यादा बदमानी भरी रही है जिसने हमेशा बांटने और सत्ता प्राप्त करने की नीति अपनाई है स. ढींडसा ने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी भी फूट का शिकार है और यह खोखले नारों द्वारा लोगों को मूर्ख बनाने का यत्न कर रही है।

भाजपा के राष्ट्रीय तरूण चुघ ने अपने भाषण में कहा कि कांग्रेस पार्टी ने राज्य में अमन कानून की व्यवस्था को भंग करने की साजिश रचने के लिए अमरेन्द्र सिंह को राज्य कांग्रेस की कप्तानी संभाली है। उन्होने कहा कि केैप्टन का पाखंड उस पार्टी की अध्यक्षता स्वीकृत करके पूरी तरह स्पष्ट हो गया है जिस पार्टी ने 1984 में मानवता पर बड़ा जुर्म डाया था। स्वतंत्रता से पहले शाही घराने द्वारा लोगों पर किये जुल्मों की याद दिलाते हुये उन्होने कहा कि शिअद भाजपा गठबंधन राज्य के भविष्य तबाह करने के लिए अत्याचारी जानशीन को सत्ता में आने की कभी भी आज्ञा नही देगा।भाजपा के राज्य प्रधान श्री कमल शर्मा नें अपने भाषण में कहा कि सदभावना रैलियां राज्य में आपसी भाईचारे के विश्वासों को मजबूत बनाने में सफल रही है । उन्होने कहा कि कांग्रेस पार्टी की फू ट डालो और राज करो की नीति ने देश को उथल पुथल किया है श्री शर्मा ने कहा कि पंजाब ने भी कांग्रेस पार्टी कठोर संघर्ष से प्राप्त की शांति को भंग करने के लिए यही नीति को आगे ला रही है। पंरतु इसके साथ ही उन्होने कहा कि राज्य के बहादुर लोग कांग्रेस की घिन्नौने प्रयासो का मलियामेट कर देगें।

सांसद प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने अपने भाषण के दौरान कहा कि पंजाबी विशेष कर सिक्ख श्री दरबार साहिब पर हमला करने और 1984 के सिक्ख कत्लेआम के लिए कांग्रेस को कभी माफ नही करेगें। उन्होने शिअद विशेषकर मुख्यमंत्री स. प्रकाश सिंह बादल द्वारा राज्य में शांति और भाईचारे को बढावा देने के अतिरिक्त किसानों के हितों की रक्षा करने के लिए निभाई शानदार भूमिका को याद किया। इस अवसर पर शिक्षा मँत्री डा. दलजीत सिंह चीमा ने मंच की कार्यवाही चलाई।इस अवसर पर उपस्थित अन्य प्रमुख लोगों में कैबिनेट मंत्री श्री सुरजीत सिंह रखड़ा, श्री परमिंदर सिंह ढींढसा और श्री शरणजीत सिंह ढिल्लों, मुख्य संसदीय सचिव श्री प्रकाश चंद गर्ग, संत बलबीर सिंह घुंनस, श्री एन के शर्मा और श्रीमती फरजाना आलम, मुख्यमंत्री के राष्ट्रीय मामलों और मीडिया सलाहकार श्री हरचरण बैंस पर मंत्री, उप मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकारश्री जंगवीर सिंह, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री महेश इंदर सिंह ग्रेवाल, विधायक बीबी जागीर कौर, श्री इकबाल सिंह झुंदा, श्री महेश इंदर सिंह, श्रीमती वीरेंद्र कौर लूंबा, श्री दर्शन सिंह शिवालिक, श्री दर्शन सिंह कोटफता, श्री रणजीत सिंह, श्री एस.आर कलेर, भाई गोबिंद सिंह लोंगोवाल, न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) निर्मल सिंह, पूर्व एसजीपीसी के मुख्य जत्थेदार किरपाल सिंह बडंूगर, पूर्व मंत्री जत्थेदार हीरा सिंह गाबडिया, श्री सुरजीत सिंह कोहली, श्री अजैब सिंह मुखमैलपुर, श्री हरमेल सिंह टोहड़ा, नुसरत बगगेखान और श्रीमती सतवंत कौर संधू, चेयरमैन पंजाब राज्य अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड जत्थेदार संता सिंह उमेदपुरी, पूर्व मुख्य संसदीय सचिव श्री राज खुराना, पूर्व विधायक श्री रणजीत सिंह तलवंडी, पूर्व अध्यक्ष जिला योजना समिति श्री दीपेंद्र सिंह, डीएसजीएमसी के महासचिव श्री मनजिन्द्र सिंह सिरसा, पूर्व चेयरमैन यूथ विकास बोर्ड श्री गुरप्रीत सिंह राजू खन्ना और एसजीपीसी सदस्य जत्थेदार अमरजीत सिंह चावला शामिल थे।