वन रैंक वन पेंशन के लिए समिति गठित
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नई दिल्ली 14-Dec-2015
केंद्र सरकार ने पूर्व सैनिकों के लिए 'वन रैंक वन पेंशन' (ओआरओपी) योजना के क्रियान्वयन पर गौर करने के लिए सोमवार को एक न्यायिक समिति गठित की। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, समिति उन विसंगतियों या त्रुटियों को दूर करने के उन उपायों पर गौर करेगी, जो सात सितंबर को सरकार की ओर से जारी वन रैंक वन पेंशन संबंधी अधिसूचना को लागू करने की राह में बाधा बन सकते हैं।न्यायिक समिति की अध्यक्षता पटना उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश एल. नरसिम्हा रेड्डी करेंगे। समिति अपनी संस्तुतियों में इसकी सिफारिशों के आर्थिक प्रभाव पर विचार करेगी।
समिति के कार्य निम्नलिखित मामलों में केंद्र सरकार से मिले संदर्भो पर जांच कर सिफारिशें देना होगा -
*सरकार की ओर से 7 नवम्बर, 2015 को अधिनियमित वन रैंक वन पेंशन स्कीम को लागू करने में आ सकने वाली अड़चनों को दूर करने संबंधी कदम उठाना।
*7 नवम्बर, 2015 को सरकार द्वारा अधिसूचित ओआरओपी आदेश के क्रियान्वयन के लिए सेनाओं के तीनों अंगों के समक्ष आने वाली संभावित विसंगतियों को दूर करने संबंधी कदम उठाना।
*सैन्य सेवाओं के मामलों में संबद्धता।
*केंद्र सरकार द्वारा ओआरओपी या संबंधित मामलों के लागू होने संबंधी तथ्य। अपनी सिफारिशों के दौरान समिति सिफारिशों के वित्तीय पहलू पर भी ध्यान देगी। निर्माण की तारीख से 6 महीने के भीतर समिति इसे लागू करने की सिफारिश करेगी। अगर जरूरी हुआ तो समिति संदर्भो के साथ किसी भी मामले पर सरकार को अपनी अंतरिम रिपोर्ट सौंपेगी। समिति अपनी प्रक्रियाएं खुद बनाएगी और जरूरी होने पर संबंधित सूचना और साक्ष्य जुटा सकती है। केंद्र सरकार के मंत्रालय और विभाग ऐसी सूचना और दस्तावेज सहित सहायता उपलब्ध कराएंगे जिसकी समिति को जरूरत हो सकती है। समिति का अपना मुख्यालय दिल्ली में होगा। रक्षा मंत्रालय के तहत सक्रिय पूर्व सैनिक कल्याण विभाग द्वारा सभी प्रशासनिक सहयोग समिति को मुहैया कराया जाएगा।