5 Dariya News

हरियाणा : 200 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद रोकी गई एग्रो मॉल परियोजना

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चण्डीगढ़ 03-Dec-2015

किसानों के लिए खास एग्रो मॉल के निर्माण पर 200 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद अब हरियाणा सरकार ने इस परियोजना को बंद करने का फैसला किया है। इतनी लंबी-चौड़ी राशि खर्च करने के बाद सरकार को अब समझ में आया है कि मॉल के जरिए कृषि उत्पादों की खरीद-बिक्री व्यावहारिक नहीं है। प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने यह फैसला किया है कि कृषि उत्पादों की बिक्री के लिए बनाए गए ये मॉल अब सामान्य मॉल में तब्दील कर दिया जाएं, ताकि इनका इस्तेमाल किया जा सके।

हरियाणा में चार स्थानों, पंचकूला, करनाल, पानीपत और रोहतक, में एग्रो मॉल बनाने की शुरुआत पिछली कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने साल 2008 में की थी। इनका निर्माण 2013-14 में पूरा हो गया था।लेकिन पिछले साल प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा के कृषि मंत्री ओ. पी. धनखड़ को ये मॉल अव्यावहारिक लग रहे हैं।हरियाणा के कृषि विभाग के अधिकारियों ने आईएएनएस को बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा के गृहनगर रोहतक में बनाए गए एग्रो मॉल की लागत 76 करोड़ रुपये और बाकी अन्य तीन मॉल के निर्माण पर 50-55 करोड़ रुपये की लागत आई है।

तत्कालीन सरकार ने यह निर्णय लिया था कि इन मॉल के भूतल पर कृषि उत्पाद और कृषि उपकरणों की बिक्री की जाएगी, जबकि उपरी मंजिलों पर मल्टीप्लेक्स का निर्माण किया जाएगा।धनखड़ ने बताया कि एग्रो मॉल के जरिए कृषि उत्पादों की बिक्री करना व्यावहारिक नहीं होगा। इसलिए इसका इस्तेमाल सामान्य मॉल की तरह की किया जाएगा। हालांकि इन मॉलों से जो आमदनी होगी उसे सरकार किसानों की भलाई पर ही खर्च करेगी।हरियाणा के ये एग्री मॉल पहले भी विवादों में रहे हैं। 

देश के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (सीएजी) ने मार्च 2013 में जारी अपनी एक रिपोर्ट में कहा था कि हरियाणा सरकार ने परियोजना रिपोर्ट बनाने और अन्य संबंधित काम पूरे किए बगैर ही इस परियोजना पर काम शुरू कर दिया।सीएजी का कहना था कि वास्तविक जरूरत, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट, नक्शे की मंजूरी, रेखांकन जैसे काम पूरा किए बिना ही इन मॉल के निर्माण के ढेके दे दिए गए।