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सियासत का पुराना खिलाड़ी हूं: हरनेक सिंह घड़ुंआ

5 दरिया न्यूज(विकास नागपाल)

खरड़ 02-Jan-2012

पीपीपी द्वारा खरड़ विधानसभा हलका के प्रत्याशी के तौर पर हरनेक सिंह घड़ुंआ का नाम घोषित किए जाने के बाद हरनेक ङ्क्षसह घडूय़ा के खेमे में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है। बधाईयां देने वालों का तांता लग गया है। 65 वर्षीय हरनेक ङ्क्षसह घडूय़ां ने पंज दरीया से विशेष वार्ता के दौरान कहा कि पीपीपी के सरप्रस्त मनप्रीत ङ्क्षसह की अध्यक्षता में नए पंजाब की संरचना को मुख्य लक्ष्य रखते हुए उन्होंने चुनाव लडऩे का निर्णय लिया। पंजाब में 1969 में अकाली दल के  कार्यकाल के दौरान जस्टिस गुरनाम ङ्क्षसह के पंजाब के सीएम बनने के साथ ही उन्होंने अपने कॉलेज की पढ़ाई छोड़ कर राजनिती में कदम रखे । वह लगभग 8 साल तक अकाली दल के साथ रहे । अकाली दल के हिस्सों में बंट जाने के साथ ही 1977 में पंजाब में आई कांगे्रस पार्टी में उन्होंने कदम रखा।  जिस दौरान वह 1980 से 1989 तक नौ वर्ष तक ग्रहमंत्री बूटा ङ्क्षसह के स्यासी सचिव रहे। पंजाब में आतंकवाद के दौर में जब कोई चुनाव लडऩे को तैयार नही था तब उन्होंने कांग्रेस पार्टी की टिकट पर खरड़ विधानसभा हलका से वर्ष 1992 में पहले चुनाव लड़े व जीत हासिल की। पंजाब सरकार में विधायक बनने के साथ ही उन्होंने पंजाब कैबिनेट में कदम रखा व अपने  कार्यकाल में उन्होंने डिफैंस, वैलफेयर, राजस्व, शिकायत निवारण,पैंशन सहित कई विभागों की बागडोर संभाली। वर्ष 1992 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी द्वारा उन्हें टिकट ना दिए जाने से नाराज होकर उन्होंने आजाद उम्मीद्वार के तौर पर खरड़ विस हलका के चुनाव लड़े जिस दौरान उन्हें लगभग 7000 वोट ही हासिल हो पाए। उस समय उन्होंने कांग्रेस को अलविदा कहा लेकिन कुछ ही समय में उन्होंने दोबारा कांग्रेस ज्वायन कर ली। अब उनका कहना है कि इस लबें स्यासी सफर में एक बार फिर उन्हें जस्टिस गुरनाम ङ्क्षसह जैसी सच्ची व इमानदार छवी वाले नेता नजर आए है जो पंजाब की जनता की आवाज को समझते है वह है मनप्रीत ङ्क्षसह । जिनकी भावनाओं व नीतीयों से प्रेरित होकर उन्होंने एक बार फिर से कांग्रेस का दामन छोड़ा व आठ माह पूर्व पीपीपी में कदम रखा। उन्होंने कहा कि पिछले 8 माह से पीपीपी के साथ रह कर व खरड़ विधानसभा हलका के लोगों से तालमेल स्थापित कर वह पीपीपी की नीतीओं को लोगों तक पहुंचाने में सफल हुए है। उन्होंने कहा कि गांव घडूय़ां उनके ननेहाल है वह वही पर पले-बढ़े है। उन्होंने कहा कि उनके  राजनितिक कैरीयर में घडूय़ां व विस हलका खरड़ के लोग हमेशा ही उनका साथ देते आए है। उन्होंने कहा कि उनका मुख्य व्यवसाय खेतीबाड़ी है । वह मनप्रीत के नेतृत्व में नया पंजाब देखना चाहते है उन्होंने कहा कि पंजाब से बेरोजगारी,अज्ञानता,नशों सहित सभी कुप्रथाओं को दूर करना ही उनका मुख्य मुद्दा रहेगा।