5 Dariya News

समझौते से संयुक्त अनुसंधान और क्षमता निर्माण से कारोबार करने में आसानी होगी: सुखबीर सिंह बादल

पंजाब सरकार, राष्ट्रीय विश्वविद्यालय सिंगापुर और सीआईआई के बीच त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर

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चंडीगढ़ 05-Nov-2015

राज्य में निवेश के नए रास्ते खोलने व पंजाब में कारोबार करने में आसानी बनाने पंजाब सरकार ‘विजन 2020’ के मास्टर प्लान का मसौदा तैयार करेगी। व्यापार के अवसरों, अनुसंधान और क्षमता निर्माण की सुविधा के साथ ‘विजन 2020’ पंजाब का यह मास्टर प्लान आर्थिक समृद्धि की ऊंचाइयों की ओर राज्य को ले जाने का प्रयास होगा।आज यहां पंजाब सरकार, राष्ट्रीय विश्वविद्यालय सिंगापुर (एनयूएस) और भारतीय उद्योग परिसंघ के  बीच एक त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद पंजाब के  उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने यह खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि इस समझौते का उद्देश्य, पंजाब में कारोबार करने को आसान बनाने से संबंधित सभी मुद्दों और पहलुओं पर संयुक्त अनुसंधान का संचालन करना है।इस समझौता ज्ञापन पर उप मुख्यमंत्री बादल की मौजूदगी में इन्वेस्ट पंजाब के सीईओ श्री अनिरुद्ध तिवारी, एनयूएस सिंगापुर के ली कुआन यू स्कूल आफ पब्लिक पालिसी के रिसर्च फैलो डा. ससीधरन गोपालन और सीआईआई पंजाब स्टेट काउंसिल के चेयरमैन एसएस भोगल ने हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने कहा कि यह समझौता ज्ञापन द्वितीय पंजाब इन्वेस्टर समिट 2015 की सफलता का संदेश देगा और पंजाब में व्यावसायिक गतिविधियों को बाहर लाने निर्धारित मानकों का स्तर बनाने का कार्य करेगा। साथ ही इससे रणनीति बनाने व विचार-विमर्श करने में मदद मिलेगी।

इस अवसर पर इन्वेस्ट पंजाब के सीईओ अनिरुद्ध तिवारी ने उप मुख्यमंत्री को बताया कि ली कुआन यू स्कूल आफ पब्लिक पालिसी, एनयूएस सिंगापुर पंजाब में कारोबार करने में आसानी पर अध्ययन करेगा  और निवेश आकर्षण, मानव शक्ति, प्रतिस्पर्धा आदि पर ध्यान केंद्रित करते हुए राज्य में विभिन्न पहलुओं का लेखा जोखा लेगा।

इस अवसर एनएसयू प्रतिनिधि ससीधरन गोपालन ने उप मुख्यमंत्री को बताया कि विजन दस्तावेज 2020 का मसौदा सभी हितधारकों के साथ बैठक के बाद जल्द ही तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अध्ययन राज्य विशिष्ट समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करेगा और मौजूदा उद्योगों के  लिए अनुकूल माहौल बनाने, राज्य द्वारा बनाई जाने वाली नीतियों का मसौदा तैयार करने में मदद करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अध्ययन में यह भी पता लगाया जाएगा कि नए निवेश और व्यापार करने में आसानी वाले और कौनसे क्षेत्र हैं जहां संभावनाएं तलाशी जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि इसी तरह के  सहमति पत्रों पर अन्य राज्यों के साथ भी करार किया गया है।

बैठक में सीआईआई के चेयरमैन श्री भोगल ने बताया कि एलकेवाई स्कूल और सीआईआई ने पहले भी पंजाब में कारोबार करने को बेहतर व आसान बनाने वर्कशाप का आयोजन किया था जिससे यह पता लगाया जा सके कि क्या मुद्दे हैं और कौनसी बाधाएं हैं। यदि इंडस्ट्री के सामने इस प्रकार की अड़चने आ रही हैं और यह निवेश नीति और विनियामक परिवर्तन के अलावा हैं, तो इन बाधाओं और मुद्दों को दूर करने के  तरीके का पता लगाया जा सके। विशेष रूप से मौजूदा उद्योगों के व्यापार की बेहतरी के लिए पंजाब सरकार को सिफारिश की जा सकती है।

इस अवसर पर प्रमुख रूप से उपस्थित रहने वालों में उप मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव पीएस औजला, विशेष सचिव इंडस्ट्री अमित ढाका, उप मुख्यमंत्री के विशेष सचिव राहुल तिवारी, क्षेत्रीय निदेशक सीआईआई पंजाब पिकेंदरपाल सिंह और ली कुआन यू स्कूल एनयूएस सिंगापुर के रिसर्च सहायक विन्सेंट क्वान प्रमुख हैं।