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नजमा हेपतुल्‍ला ने उत्‍तर क्षेत्र में अल्‍पसंख्‍यकों के कल्‍याण के लिए योजनाओं के कार्यान्‍वयन की समीक्षा की

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श्रीनगर 12-Oct-2015

केन्‍द्रीय अल्‍पसंख्‍यक मामले मंत्री डॉ. नजमा हेपतुल्‍ला ने आज उत्‍तरी भारत के राज्‍यों और संघशासित प्रदेशों में अल्‍पसंख्‍यक कार्य मंत्रालय की अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण योजनाओं के कार्यान्‍वयन पर विचार-विमर्श के लिए श्रीनगर में एक उच्‍च स्‍तरीय बैठक की अध्‍यक्षता की। श्रीनगर के शेर-ए-कश्‍मीर अंतर्राष्‍ट्रीय सम्‍मेलन केन्‍द्र में आयोजित हुई इस बैठक में सात राज्‍यों और संघशासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों से भाग लिया। इन राज्‍यों में उत्‍तराखंड, उत्‍तरप्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्‍मू एवं कश्‍मीर शामिल थे।बैठक के बाद एक संवाददाता सम्‍मेलन को संबोधित करते हुए, डॉ. हेपतुल्‍ला ने संबंधित विभागों द्वारा किये जा रहे कार्य की गति पर संतोष व्‍यक्‍त किया। अल्‍पसंख्‍यकों के लिए योजनाओं के कार्यान्‍वयन की दिशा में सभी मुख्‍यमंत्रियों की चिंता पर उन्‍होंने उम्‍मीद जताई कि नागरिक अपने लाभ के लिए चलाई गई इन योजनाओं का लाभ लेने में सफल होंगे।देश के विभिन्‍न भागों में कल्‍याण योजनाओं पर चर्चा करते हुए, उन्‍होंने कहा कि अल्‍पसंख्‍यक कार्य मामले मंत्रालय ने अल्‍पसंख्‍यक समुदायों के लोगों को क्षेत्र विशेष कौशल प्रशिक्षण देना प्रारंभ कर दिया है ताकि एक शानदार आजीविका अर्जित करने के उनके कार्यक्षेत्रों में वृद्धि हो सके। 

उन्‍होंने कहा कि उस्‍ताद योजना (विकास के लिए पारंपरिक कलाओं/शिल्‍पों में कौशल और प्रशिक्षण का उन्‍नयन) ऐसे उदाहरण में से एक है।डॉ. हेपतुल्‍ला ने कहा कि कश्‍मीर की पारंपरिक कलाएं और शिल्‍प इसलिए मुश्‍किल का सामना कर रहीं है क्‍योंकि युवा पीढ़ी उन्‍हें व्‍यवसाय के तौर पर अपनाने को इच्‍छुक नहीं है। विपणन में कमियां ही इस स्‍थिति का कारण है इसकी पहचान करते हुए उन्‍होंने कहा कि मंत्रालय ऐसी बाधाओं को दूर करने के लिए हितधारकों के साथ मिलकर कार्य करेगा ताकि शिल्‍पियों अपने उत्‍पादों को देशभर और विश्‍व के उपभोक्‍ताओं तक पहुँचाने में सफल हो सकें। डॉ. हेपतुल्‍ला ने यह भी कहा कि भारत सरकार विकास प्रयोजनों के लिए देशभर में वक्‍फ भूमि के विकास को लेकर प्रतिबद्ध है। मंत्री महोदया ने विश्‍वास दिलाया कि अतिक्रमण की गई वक्‍फ भूमियों को शीघ्र अति शीघ्र प्राप्‍त किया जाएगा।उन्‍होंने यह भी कहा कि मंत्रालय ने मदरसों में धार्मिक शिक्षा के साथ छात्रों के लिए कौशल विकास और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का भी शुभारंभ किया है। उन्‍होंने कहा कि इससे छात्रों को वर्तमान में रोजगार बाजारों की चुनौतीपूर्ण आवश्‍यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी।