5 Dariya News

मिशनरीज ऑफ चैरिटी को ममता बनर्जी का समर्थन

5 Dariya News

कोलकाता 11-Oct-2015

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को मदर टेरेसा द्वारा स्थापित मिशनरीज ऑफ चैरिटी का समर्थन किया। इस संस्था ने देश में बच्चा गोद लेने के केंद्र संचालित करने के अपने दर्जे को स्वेच्छया छोड़ दिया है। ममता ने कहा, "हम मिशनरीज ऑफ चैरिटी और सिस्टर प्रेमा के बच्चा गोद लेने के कार्यक्रम से अलग होने के फैसले का पूरी तरह समर्थन करते हैं। उन्हें ऐसा करने का अधिकार है। भारत की खासियत विविधता में एकता है। यह हमारे महान राष्ट्र का स्तंभ है।"

मिशनरीज ऑफ चैरिटी ने शनिवार को जुलाई में सरकार की ओर से जारी नए दत्तक नियमों को पेंचीदा बताते हुए भारत में बच्चे गोद लेने के अपने काम को बंद करने की सार्वजनिक घोषणा शनिवार को की थी।मिशनरीज ऑफ चैरिटी ने एक बयान में कहा, "हमने बच्चे गोद लेने वाले केंद्रों की मान्यता स्वेच्छया छोड़ दी है।"बयान में कहा गया है, "हमने यह निर्णय केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से एक अधिसूचना के तहत जारी नए 'गाइडलाइंस गवर्निग एडॉप्शन ऑफ चिल्ड्रन, 2015' के प्राप्त होने के बाद लिया है।"

संगठन ने हालांकि किसी विशेष प्रावधान के खिलाफ आपत्ति दर्ज नहीं कराई है। जुलाई में जारी अधिसूचना के तहत नए दिशानिर्देशों के अनुसार, एकल माता-पिता (अलग हुए, तलाकशुदा, बिन ब्याही मां) ऑनलाइन पंजीकरण के जरिए बच्चा गोद लेने के पात्र हैं।मिशनरीज ऑफ चैरिटी निर्मल शिशु भवन नाम से देश में 16 अनाथालय चलाती है। इनमें बेसहारा बच्चों को आश्रय, भोजन, चिकित्सा देखभाल और शिक्षा मुहैया कराई जाती है। इनमें से 13 अनाथालय सरकार की ओर से दत्तक केंद्र चलाने के लिए अधिकृत हैं।