5 Dariya News

लोक हित नीतियों में तंबाकू इंडस्ट्री द्वारा दखलअंदाजी से निपटने के लिए 8 राज्यों ने हाथ मिलाया

एफ सी टी सी के आर्टीकल 5.3 को लागू करने के लिए गोल मेज सम्मेलन किया गया

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चंडीगढ़ 23-Sep-2015

तंबाकू इंडस्ट्री के साथ निपटने के लिए पब्लिक हैल्थ नीति बनाने और लागू करने के लिए 8 राज्य पंजाब, हिमाचल, हरियाणा, सिक्किम, कर्नाटका, चंडीगढ़, बिहार और केरला इक्ठ्ठे हो गये हैं। दिनांक 23-24 सितंबर, 2015 को माननीय स्वास्थय मंत्री जी की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में एफ सी टी सी के आर्टीकल 5.3 को लागू करने के लिए एक गोलमेज सम्मेलन का आयोजन एन जी ओ की यूनियन द्वारा किया गया। इस सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के आये स्वास्थय विशेषज्ञ, लीगल विशेषज्ञ, नेशनल कार्यक्रम प्रबंधक तंबाकु कंट्रोल तथा नीति बनाने वाले विशेषज्ञ, जन स्वास्थय विशेषज्ञ शामिल हुये। यह सम्मेलन कर्नाटक के स्वास्थय मंत्री यू टी खद्देर, हिमाचल के स्वास्थय मंत्री कौल सिंह ठाकु र तथा 8 राज्य पंजाब, हिमाचल, सिक्किम, हरियाणा, कर्नाटका, चंडीगढ़, बिहार और केरला के सरकारी और गैर सरकारी संस्थान के अधिकारियों द्वारा शमूलियत की गई । 

यूनियन द्वारा डॉ. राना सिंह, सीनियर टैकनीकल एडवाइजर ने सभी सदस्यों का स्वागत किया तथा इस सम्मेलन के उद्धेश्य संबंधी बताया कि इस सम्मेलन का उद्धेश्य तंबाकु नियंत्रण कार्यक्रम में तंबाकु उद्योग को निपटने की विधि को समझना तथा आर्टीकल 5.3 को मज़बूत करने की एक व्यापक नीति बनाना था। आर्टीकल 5.3 तंबाकु इंडस्ट्री से लोगों के स्वास्थय से खिलवाड़ करने से रोकता है। यू टी खटेरा, स्वास्थय मंत्री कर्नाटक द्वारा राज्य में तंबाकु नियंत्रण संबंधी विभिन्न विभागों द्वारा उठाये गये कदमों संबंधी बताया। उन्होंने कहा कि तंबाकु कंट्रोल कार्यक्रम को जिला प्रशासन द्वारा मासिक रिपोर्ट के आधार पर मुख्य सचिव और प्रधान सचिव स्वास्थय द्वारा किया जाता है। राज्य द्वारा वैब-मोनीटर की आधार पर रियल टाइम रिपोर्टिंग सिस्टम बनाया गया है। तंबाकू उगाने वाले किसानों की रोजी रोटी से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा बागवानी, कृषि और कल्याण बोर्ड के साथ कार्य किया जा रहा है ताकि वार्षिक तंबाकू की पैदावार को 10 प्रतिशत घटाया जा सके। कर्नाटक राज्य में हुक्का बारों पर पाबंदी के लिए भी कदम उठाये जा रहें हैं। 

कौल सिंह ठाकुर स्वास्थय मंत्री हिमाचल प्रदेश द्वारा कहा गयाकि नॉन कम्यूनीकेबल बिमारियों के लिए तंबाकू एक बड़ा खतरा है और इसको ध्यान में रखते हुये राज्य द्वारा तंबाकू नियंत्रण को सबसे अधिक महत्तता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में खुली सिगरेट पर पाबंदी के लिए और तंबाकू उत्पादों के लिए लाईसैंस की प्रोविजन लागू करने के लिए प्रस्ताव दिया गया है। उनहोंने तंबाकू पदार्थो एवं गैर कानूनी अंररराज्यीय व्यापार संबंधी भी चिंता व्यक्त की और कहा कि तंबाकू पदार्थो पर एक समान टैक्स नीति बनाने संबंधी पड़ौसी राज्यों द्वारा मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता है। सुरजीत कुमार ज्याणी स्वास्थय मंत्री पंजाब द्वारा कहा गया है कि पंजाब में तंबाकू नियंत्रण के लिए अच्छे कार्य और डब्लयू एच ओ द्वारा वल्र्ड नो तंबाकू डे-2015 का अवार्ड भी मिला है। उन्होंने बताया कि तंबाकु इंडस्ट्री द्वारा तंबाकू कंट्रोल एक्ट को सरल बनाने के लिए और पंजाब सरकार द्वारा जारी की अधिसूचना को वापिस लेने के लिए पंजाब सरकार के विभिन्न स्तर पर अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा है। 

उन्होंने यह भी बताया कि पंजाब सरकार द्वारा आर्टीकल 5.3 को लागू करने के लिए एक इनपैनलड कमेटी का गठन किया गया है जो तंबाकु नियंत्रण, 2003 अधीन कोपटा अधीन फलेवर्ड या स्टैंडर्ड तंबाकू पर किये बैन/ई सिगरेट को गैर कानूनी घोषित करने संबंधी तंबाकू उद्योग द्वारा दिये प्रस्ताव पर विचार करेगी। विनी महाजन प्रधान सचिव स्वास्थय द्वारा कहा गया कि पंजाब में हर प्रकार के चबाने वाले तंबाकू और खुली सिगरेट /तंबाकू पर पूर्ण पाबंदी है और उल्लंघना करने वाले व्यापारिक संस्थानों का लाईसैंस भी रद्द किया जायेगा। उनहोंने यह भी कहा कि तंबाकू के सेवन के कारण हर रोज देश में लगभग 2200 मौते होती हैं इसलिए इसके प्रयोग के  रोकथाम करनी चाहिए। उन्होंने लोगों को अपील की कि इस अभियान को कामयाब करने के लिए सरकार की मदद की जाये। उन्होंने कहा कि पंजाब अकेला ऐसा राज्य है जिसने तंबाकू इंडस्ट्रीय से निपटने के लिए एक इम्पावर्ड कमेटी का गठन किया है। गोल मेज सम्मेलन अटैंड करने वाले समस्त सदस्यों द्वारा अधिक से अधिक जनहित के लिए तंबाकू के प्रयोग संबंधी कठोर से कठोर कानून बनाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।