मुख्यमंत्री की केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री से नई दिल्ली में मुलाकात
विभिन्न केन्द्रीय प्रायोजित परियोजनाओं के लम्बित मामलों को शीघ्र निपटाने में सहयोग का आग्रह
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नई दिल्ली 21-Sep-2015
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा से मुलाकात की तथा उनसे लम्बित विभिन्न केन्द्रीय प्रायोजित परियोजनाओं के मामलों को शीघ्र निपटाने के लिए हस्तक्षेप करने का आग्रह किया । प्रदेश के उद्योग मंत्री श्री मुकेश अग्निहोत्री भी इस बैठक में उपस्थित थे ।बैठक में ऊना जिला की महत्वाकांक्षी 922 करोड़ रूपए की स्वां नदी चैनलाइजेशन परियोजना की लम्बित 107 करोड़ रूपए की द्वितीय किस्त का मामला विशेष तौर पर उठाते हुए मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री से आग्रह किया कि इस किस्त को जल संसाधन मंत्रालय से शीघ्र जारी करवाने के लिए हस्तक्षेप करें ताकि इस परियोजना के कार्य को और तीव्रता प्रदान की जा सके।
वीरभद्र सिंह ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री के ध्यान में लाया कि इस परियोजना का निष्पादन, केन्द्र और प्रदेश सरकार द्वारा 70:30 की भागीदारी से किया जा रहा है तथा वित्तीय कठिनाईयों के बावजूद परियोजना के कार्य को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के पूरे प्रयास जारी हैं ।मुख्यमंत्री ने इस बात पर खुशी व्यक्त की कि इस परियोजना के पूरा हो जाने पर ऊना जिला देश भर में ऐसा प्रथम जिला बन जाएगा जो बाढ़ की दृष्टि से पूरी तरह नियंत्रित होगा । उन्होंने कहा कि इस कार्य को पूरा करने के लिए केन्द्रीय सहायता की आवश्यकता है ।मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में लम्बित अनेक मामलों पर विस्तार से चर्चा करते हुए, स्वास्थ्य मंत्री ने आग्रह किया कि बिलासपुर में स्थापित किए जा रहे ’एम्स’ की जल्द आधारशिला रखी जाए ताकि अविलम्ब इस परियोजना पर कार्य आरम्भ हो सके ।प्रदेश के इंदिरा गांधी मेडिकल कालेज एवं अस्पताल में अति आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने की प्रदेश सरकार की वचनबद्धता का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने अवगत करवाया कि इस अस्पताल में हृदय रोग से सम्बन्धित चिकित्सा सेवाएं बड़े स्तर पर प्रदान की जा रही हैं तथा सरकार ने इन सेवाओं को ’सुपर स्पेशियलिटी’ में स्तरोन्नत करने के लिए 218 करोड़ रूपए की एक परियोजना तैयार की है जिसे शीघ्र ही केन्द्र सरकार को भेजा जाएगा ।
उन्होंने केन्द्रीय मंत्री से इस परियोजना को शीघ्र स्वीकृत करने का भी अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री के ध्यान में यह भी लाया कि इंदिरा गांधी मेडिकल कालेज के लिए केन्द्र की ओर से ट्रामा सेन्टर के लिए स्वीकृत 150 करोड़ रूपए की सहायता राशि अभी आना बाकि है जिसे शीघ्र जारी करने का आग्रह किया । उन्होंने यह भी आग्रह किया कि प्रदेश के चम्बा, हमीरपुर व सिरमौर जिलों में स्थापित किए जा रहे तीन मेडिकल कालेज के लिए भी राशि जारी की जाए ताकि इन पर कार्य आरम्भ हो सके । उन्होंने अवगत करवाया कि अभी तक इन कालेजों के लिए मात्र 12.5 करोड़ रूपए ही जारी हुए हैं।शिक्षा, स्वास्थ्य व सामाजिक सेवा के क्षेत्र में अन्य अनेक केन्द्रीय प्रायोजित योजनाओं पर भी चर्चा करते हुए, मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री के ध्यान में लाया कि क्योंकि वे स्वयं इस बात से अवगत हैं कि हिमाचल एक पहाड़ी राज्य होने के कारण यहॉं परियोजनाओं की निर्माण लागत बढ़ जाती है तथा केन्द्रीय परियोजनाओं में उदार वित्तीय सहायता की प्रदेश को अपेक्षा रहती है ।
उन्होंने इन परियोजनाओं में प्रदेश को उदार वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाने के लिए भी हस्तक्षेप करने का आग्रह किया ।मुख्यमंत्री ने ऊना में स्वीकृत इण्डियन आयल डिपो खोलने की दिशा में कदम उठाने का भी आग्रह किया । उन्होंने जिला में आर्मी कैंटीन आरम्भ करने का मामला भी उठाया ।उद्योग मंत्री श्री मुकेश अग्निहोत्री ने बैठक में हरोली में स्थापित आधुनिक चिकित्सा अनुसंधान इकाई के विस्तार का मामला विशेष तौर पर उठाया तथा आग्रह किया कि इस इकाई के विस्तार से क्षेत्र के लोगों को व्यापक लाभ पंहुचेगा। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने मुख्यमंत्री द्वारा उठाये गए सभी मामलों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया तथा आश्वस्त किया कि हिमाचल प्रदेश के विकास में धन की कमी को आड़े नहीं आने दिया जाएगा तथा केन्द्र सरकार बिना भेदभाव के सहायता उपलब्ध करवाती रहेगी ।मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा से नई दिल्ली में विभिन्न मुद्दों पर बातचीत करते हुए । उद्योग मंत्री श्री मुकेश अग्निहोत्री भी इस बैठक में शामिल हुए।