पंजाब में लड़कियों के लिए 50 स्किल ट्रेनिंग कालेज और दो हजार कौशल विकास केंद्र खोले जाएंगे- सुखबीर सिंह बादल
कन्याओं का सशक्तिकरण करने और इन्हें अपनी इकाईयां स्थापित करने कम अवधि के पाठ्यक्रम होंगे
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चंडीगढ़ 11-Sep-2015
राज्य के युवा को 'स्किल पंजाब के तहत प्रशिक्षित करने पंजाब सरकार ने तय किया है कि 50 स्किल ट्रेनिंग कालेज खोले जाएंगे। इसके अलावा ग्रामीण स्तर पर दो हजार स्किल ट्रेनिंग सेंटर भी खोले जाएंगे। उप मुख्यमंत्री श्री सुखबीर सिंह बादल की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में इस सबंध में निर्णय लिया गया है। बैठक में केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्रीमती हरसिमरत कौर बादल, राजस्व मंत्री श्री विक्रम सिंह मजीठिया, ग्रामीण विकास मंत्री श्री सिकंदर सिंह मलूका, उच्च शिक्षा मंत्री श्री सुरजीत सिंह रखड़ा ने भी भाग लिया है। इन नए गल्स कालेजों को पंजाब विश्वविद्यालय, पंजाबी विश्वविद्यालय, गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी द्वारा नियंत्रित किया जाएगा और जहां लड़कियों के लिए कम अवधी के पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। प्रत्येक कॉलेज को 20 लाख रूपये की लागत से खोला जाएगा और इसमें तीन सौ छात्रांए प्रवेश ले सकेंगी। यहां वे स्वयं उद्यमी बनने के अलावा अपने स्टार्ट अप शुरू कर सकेंगी, यहां तक कि स्वरोजगार के लायक बनने के साथ साथ अन्य लोगों को भी नौकरी प्रदान करने लायक अपनी इकाइयों का शुभारंभ करने में सक्षम हो पाएंगी।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि 'स्किल इंडिया मिशन के तहत राज्य सरकार ने बेरोजगार लड़कियों के लिए एक से तीन महीने की कम अवधी के पाठ्यक्रम चलाने की योजना बनाई है, जिससे ग्रमीण महिलाओं के सशक्तिकरण के साथ वे अपनी दुकान / इकाइयों आदी की स्थापना से आत्मनिर्भर बन सकें।
श्री बादल ने कहा कि राज्य विश्वविद्यालयों की ओर से उद्योग और वाणिज्य, तकनीकी शिक्षा एवं औद्योगिक प्रशिक्षण, श्रम, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण विभागों के साथ विचार-विमर्श करके इस तरह के पाठ्यक्रम / प्रशिक्षण कार्यक्रमों का डिजाइन किया जाएगा। उन्होंने मुख्य सचिव से कहा है कि वे उद्योगों की विभिन्न प्रकार की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए और इंडस्ट्री के साथ विचार-विमर्श करते हुए कम अवधी के पाठ्यक्रम तैयार करवाएं। इसके लिए विभिन्न विभागों और प्रशिक्षण संस्थानों की मदद डिजाइन और चयन में ली जाए।
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि 'स्किल पंजाबÓ कार्यक्रम के तहत राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में पहले से ही स्थापित सेवा केंद्रों के समीप 2000 कौशल केंद्रों की स्थापना करेगी, जहां प्रशिक्षण देने के लिए लघु अवधि के पाठ्यक्रम चलाए जाएंगे। ये केंद्र 4-5 गांवों के क्लस्टर में एक होगा। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य है कि युवा वर्ग को राज्य द्वारा चलाई गई विकास मूलक गतिविधियों का हिस्सा बनाया जाए और उन्हें आत्म निर्भर बनने में मदद की जाए। उन्होंने कहा कि राज्य उन्हें वाणिज्यिक बैंकों और मुद्रा बैंक से ऋण की व्यवस्था करते हुए प्रशिक्षुओं को हरसंभव मदद उपलब्ध कराएगा। श्री बादल ने कहा कि राज्य इन उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को अपने उत्पाद की मार्केटिंग करने तहसील परिसरों, अस्पतालों और अन्य मौजूदा सरकारी या अन्य भवनों / परिसरों में बिक्री काउंटर सेटअप करवाएगा।
केंद्रीय मंत्री श्रीमती बादल ने कहा कि फूड इंडस्ट्री कैपेसिटी एंड स्किल इनीशिएटिव (एफआईसीएसआई) खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में यह कौशल विकास योजना को लागू कर रही है, जिसे केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की ओर से विधिवत सहायता प्रदान की गई है। साथ ही उन्होंने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी, और वस्त्र उद्योग में कौशल पाठ्यक्रम मालवा की कॉटन बेल्ट में स्थापित किए जाएंगे। जिससे कपड़ा उद्योग की प्रशिक्षित व कुशल कारीगरों की जरूरत को पूरा किया जा सके। इसके अलावा स्वरोजगार के क्षेत्र में भी लोगों को कुशल बनाने की अपार क्षमता है, इससे भी रोजगार पाने वालें की अपेक्षा रोजगार पैदा करने वाले तैयार किए जा सकें।
बैठक में मौजूद राजस्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने कौशल विकास केंद्र तुरंत शुरू करने अपने निर्वाचन क्षेत्र में तीन सब डिवीजनों में प्रत्येक में खाली इमारतों में की पेशकश की है। और परामर्श दिया है कि सभी चुने गए प्रतिनिधियों की ओर से अपने निर्वचन क्षेत्रों में खाली इमारतों या रिक्त स्थान की उपलब्धता पर इस तरह की जानकारी प्राप्त की जाए। बैठक में प्रमुख रूप से उपस्थित रहने वालों में ग्रामीण विकास मंत्री श्री सिकंदर सिंह मलूका, उच्च शिक्षा मंत्री श्री सुरजीत सिंह रखड़ा शिक्षा मंत्री डा. दलजीत सिंह चीमा, मुख्य सचिव श्री सर्वेश कौशल और विभिन्न विभागों के सचिव और विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि शामिल हैं।