प्रकाश सिंह बादल द्वारा खेती संकट का उचित हल ढूंढने के लिए केंद्र को तुरंत कदम उठाने की अपील
देश के विकास को गति देने के लिए तकनीकी शिक्षा एवं हुनर विकास बेहद आवश्यक -प्रकाश सिंह बादल
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मलौद (लुधियाना) 24-Aug-2015
देश की किसानी को गंभीर आर्थिक संकट में से बाहर निकालने के लिए केंद्र सरकार को उचित राह ढूंढने की अपील करते हुये पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने इस संबंध में तुरंत कदम उठाये जाने की अपील की है ताकि किसानों में पैदा हुई खुदकुशियों के रूझान को रोकने के साथ साथ कृषि को लाभप्रद व्यवसाय बनाया जा सके।आज यहां शहीद महाराज सिंह आई टी आई मलौद का नींव पत्थर रखने के बाद पत्रकारों द्वारा खेती संकट को हल करने संबंधी राज्य सरकार की भूमिका के संबंध में पूछे गये एक प्रशन के उत्तर में स. बादल ने कहा कि कृषि राज्यों का विषय था परंतु केंद्र में लगातार बनने वाली कांग्रेस सरकारों ने इस के समूचे अधिकार अपने पास ले लिये।
उन्होंने कहा कि फसलों के मूल्य निर्धारित करने के अतिरिक्त, डीज़ल, कीटनाशक दवाईयां, नदीन नाशक दवाईयां सहित सभी कृषि वस्तुओं के मूल्य केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किये जाते हैं और राज्य सरकार के हाथ बस कुछ भी नही है। उन्होंने कहा िक राज्य सरकार के हाथ केवल टयूबवैलों की बिज़ली थी जो उसने किसानों को निशुल्क मुहैया करवाई है और इसके लिए 6000 करोड़ की सब्सिडी सरकार द्वारा दी जा रही है। फसलों के मूल्य स्वामीनाथन के फार्मूले के अनुसार निर्धारित करने संबंधी एक प्रशन के उत्तर में स. बादल ने कहा कि वह इसकी मांग पहले से ही करते आ रहें हैं और उन्होंने लगातार इस फार्मूले की पैरवी की है परंतु इस संबंधी फैसला केंद्र सरकार ने लेना है।
इससे पूर्व स्थानीय आनाज़ मंडी में एक भारी जनसमूह को संबोधित करते हुये स. बादल ने देश के विकास के लिए तकनीकी शिक्षा को सबसे महत्वपूर्ण बताते हुये कहा कि आज तक देश में तकनीकी शिक्षा की तरफ कोई ध्यान नही दिया गया और केंद्र में श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद इसको अह्म क्षेत्र समझते हुये प्रधानमंत्री ने नीति उद्योग में हुनर विकास संबंधी विशेष तौर पर एक सब ग्रुप बनाया और इस का कन्वीनर उनको बनाया गया है ताकि देश में हुनर विकास को प्रौत्साहन दिया जा सके। उन्होंने कहा कि भारत में हुनरमंद व्यक्तियों की जनसंख्या 12 प्रतिशत है जबकि कोरिया में 96 प्रतिशत, जापान में 80 और जर्मनी में 75 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि भारत को विकास के पक्ष से एक नम्बर देश बनाने के लिए हुनर विकास बहुत आवश्यक है जिससे बेरोज़गारी की समस्या के साथ भी निपटा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने हुनर प्रशिक्षण के लिए अनेक कदम उठाये हैं अब राज्य में 50 करोड़ की लागत 5 नई आई टी आईज़ बनाई जा रही हैं। इनमें मलौद के अतिरिक्त मानकपुर शरीफ (मौहाली) आदमपुर (जालंधर), निआड़ी (पठानकोट) और सिंहपुरा (रोपड़) शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त राज्य सरकार ने राज्यभर में हुनर प्रशिक्षण केंद्र भी स्थापित किये हैं ताकि नवयुवकों को बेहतर रोजगार के योग्य बनाया जा सके।
शिक्षा का स्तर उंचा उठाने के लिए राज्य सरकार द्वारा किये गये प्रयासों का जिक्र करते हुये स. बादल ने कहा कि उनकी सरकार ने शिक्षा के प्रसार के लिए कई क्रांतिकारी कदम उठाये है और गरीब विद्यार्थीयों को बेहतर शिक्षा मुहैया करवाने के लिए 6 विशेष स्कूल खोले गये हैं जिसमें सरकारी स्कूलों में मैट्रिक कक्षा में से 80 प्रतिशत से अधिक अंक लेने वाले विद्यार्थीयों को निशुल्क पढ़ाई के अतिरिक्त होस्टल और किताबों आदि का भी संपूर्ण खर्चा सरकार द्वारा किया जाता है। उन्होंने राज्य में इस प्रकार के चार और स्कूल बनाने का भी एलान किया। कांग्रेस पार्टी द्वारा लोगों को जाति, धर्म, नस्ल के नाम पर विभाजित करने के विभिन्न समय के दौरान की गई कोशिशों का जिक्र करते हुये स. बादल ने कहा कि कांग्रेस ने अपनी संकीर्ण राजनीति के लिए हमेशा ही लोगों में फूट डालने का प्रयास किया है और उसका उद्धेश्य फूट डालो और राज करो ही रहा है। इसके विपरीत अकाली-भाजपा की सरकार ने राज्य में शांति, भाईचारक सांझ और आपसी मिलवर्तन का वातावरण बनाने को प्राथमिकता दी है जिसके परिणाम स्वरूप पंजाब में इस समय देश में सबसे अधिक शांति वाला राज्य बन गया है।
उन्होंने कहा कि विभिन्न समय के दौरान केंद्र में बनी कांग्रेस सरकारों ने लगातार पंजाब से सौतेला व्यवहार किया है परंतु अब केंद्र में एन डी ए की सरकार बनने के बाद राज्य को एम्ज़, आई आई एम और हार्टीकल्चर इंस्टीच्यूट मिलने के अतिरिक्त केंद्र सरकार ने अमृतसर को विरासती शहर का दर्जा दिया है। जिस कारण सिक्खों के इस धार्मिक शहर का करोड़ों रुपये से विकास होगा। इससे पूर्व शहीद बाबा महाराज सिंह को श्रद्धांजलि भेंट करते हुये स. बादल ने कहा कि बाबा महाराज सिंह देश के स्वतंत्रता संग्राम के पहले शहीद थे जिन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपनी कुर्बानी दी। स्वतंत्रता संग्राम में पंजाब की भूमिका का जिक्र करते हुये स. बादल ने कहा कि पंजाबियों ने दो प्रतिशत होते हुये भी देश की आज़ादी के लिए 80 प्रतिशत फांसी और काले-पानी की सजांए झेली परंतु फिर भी आज़ादी के बाद पंजाब की कदर नही पाई गई। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने हमारे महान शहीदों की याद को आने वाली पीढिय़ों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बनाने के लिए जालंधर जिले के करतारपुर समीप 200 करोड़ की लागत से जंग-ए-आज़ादी यादगार बनाई जा रही है और इसके अतिरिक्त देश की सीमाओं की रक्षा करने के अवसर पर अपनी जान न्यौछावर करने वाले सैनिकों की शानदार सेवाओं की याद अमृतसर में जंगी यादगार बनाई जा रही है।
इससे पूर्व विधान सभा के स्पीकर स. चरणजीत सिंह अटवाल ने प्राईमरी शिक्षा की ओर ध्यान देने से बच्चों की नींव को अधिक मज़बूत बनाया जा सकेगा। उन्होंने गरीबों और अमीरों को एक समान शिक्षा देने की भी वकालत की। उन्होंने इस क्षेत्र को आई टी आई और ज्यूडिश्यल कंपलैक्स देने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया।इस अवसर पर अकाली दल के जिला देहाती प्रधान स. संता सिंह उम्मेदपुर, पूर्व विधायक श्री इंद्र इकबाल सिंह अटवाल, एस जी पी सी सदस्य श्री रघुबीर सिंह सहारन माज़रा, भारतीय पार्टी के नेता श्री रविंदर सिंह चीमा, नवयुवक नेता श्री शिवराज सिंह जल्ला और हरपाल सिंह जल्ला ने भी संबोधित किया।इस अवसर पर अन्य के अतिरिक्त पूर्व मंत्री श्री ईश्वर सिंह मेहरबान, श्री जगदीश सिंह गरचा, पूर्व विधायक श्री रणजीत सिंह तलवंडी, निदेशक तकनीकी शिक्षा और औद्योगिक प्रशिक्षण श्री बी पुरूषार्था, मुख्यमंत्री के विशेष प्रधान सचिव श्री अजोय शर्मा, उपायुक्त श्री रजत अग्रवाल के अतिरिक्त प्रमुख राजनीतिक नेता तथा सिविल एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।