5 Dariya News

मध्य प्रदेश में 'स्मार्ट विलेज' बनेंगे : शिवराज सिह चौहान

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भोपाल 15-Aug-2015

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिह चौहान ने राज्य को बेहतर बनाने में प्रदेशवासियों से सहयोग का शनिवार को आह्वान किया और कहा कि राज्य के गांवों को 'स्मार्ट विलेज' के रूप में विकसित किया जाएगा। आजादी की 69वीं सालगिरह पर राजधानी भोपाल के मोती लाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित समारोह में ध्वजारोहण और परेड की सलामी लेने के बाद चौहान ने शहीदों के बलिदान को याद किया। उन्होंने कहा, "प्रदेश के विकास में भागीदारी निभाने के लिए हर नागरिक अपने दायित्व का निष्ठापूर्वक निर्वहन करे। 

पिछले दस वर्षो में मध्यप्रदेश को विकसित राज्य का नया स्वरूप मिला है। संकल्प लें कि प्रदेश में समृद्घि की नई गाथा लिखेंगे।"उन्होंने वादा किया कि प्रदेश में ऐसा कानून बनाया जाएगा, जिसमें हर गरीब के पास घर होगा और बिना वैकल्पिक व्यवस्था के किसी गरीब को नहीं हटाया जाएगा। लघु एवं सीमांत कृषकों तथा भूमिहीन श्रमिकों के भूमि प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विषयों पर समेकित विचार के लिए भू-सुधार आयोग गठित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा, "प्रदेश के सात शहरों को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। 

अन्य शहरों को भी स्मार्ट सिटी के रूप में राज्य के संसाधनों से विकसित करने की योजना तैयार की जा रही है। वर्ष 2018 तक सभी नगरों में घर-घर स्वच्छ जल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।"उन्होने कहा कि सिर्फ शहर ही नहीं प्रदेश के गाव स्मार्ट विलेज के रूप में विकसित हो, इसके लिए उनका मास्टर प्लान तैयार किया गया है। बिजली, सड़क, स्वच्छ पेयजल, शिक्षा तथा डिजिटल संचार नेटवर्क से गांवों का स्वरूप बदल रहा है।प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की चर्चा करते हुए शिवराज ने कहा कि लाडली लक्ष्मी योजना का लाभ 20 लाख से अधिक बेटियों को मिला है। 

"महिलाओं के लिए स्थानीय निकायों के निर्वाचन में 50 प्रतिशत, शिक्षकों की भर्ती में 50 प्रतिशत और पुलिस भर्ती में 33 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना की राशि बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दी गई है।"उन्होंने आगे कहा कि मध्य प्रदेश के माथे से बीमारू प्रदेश का कलंक मिट गया है। राज्य की विकास दर दहाई पर पहुंच गई है, तो कृषि विकास दर 20 प्रतिशत के आसपास बनी हुई है। उन्होंने किसानों के हित के लिए चलाई जा रही योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य खेती को फायदे का धंधा बनाने का संकल्प है। मुख्यमंत्री ने बताया कि तीर्थ दर्शन योजना में अब तक तीन लाख वरिष्ठ नागरिकों को विभिन्न तीर्थ-स्थलों की यात्रा कराई गई है। वर्ष 2015-16 पर्यटन वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। सिंहस्थ 2016 में पांच करोड़ से अधिक श्रद्घालुओं का उज्जैन में आगमन संभावित है।