5 Dariya News

राजनाथ सिंह पूर्वोत्तर में सुरक्षा बलों की कम तैनाती के पक्ष में

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गुवाहाटी 11-Jul-2015

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने पूर्वोत्तर में व्यापक पैमाने पर सुरक्षा बलों की तैनाती पर चिंता जताई और मुख्यमंत्रियों से उनके राज्यों में सुरक्षा बलों की तैनाती के लिए वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए कहा। राजनाथ शुक्रवार शाम असम पहुंचे, जहां शनिवार को उन्होंने सुरक्षा व विकास को लेकर पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक बैठक की।गृह मंत्री ने इस बात से आश्वस्त किया कि क्षेत्र में सुरक्षा बलों की तैनाती तभी होगी, जब उनकी वास्तव में जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की सुरक्षा से समझौता किए बिना सुरक्षा बलों की तैनाती में कमी की जरूरत है, ताकि बाहरी लोग पूर्वोत्तर के बारे में सकारात्मक सोचें।उन्होंने कहा, "पिछले कुछ सालों में पूर्वोत्तर राज्यों के सुरक्षा परिदृश्य में महत्वपूर्ण प्रगति देखी गई है। 

विद्रोहियों द्वारा हिंसा में बेहद कमी आई है।"यह कहते हुए कि मिजोरम, त्रिपुरा तथा असम, मेघालय व अरुणाचल प्रदेश का एक बड़ा हिस्सा विद्रोहियों से मुक्त रहा है, उन्होंने कहा कि नागालैंड तथा मणिपुर में भी शांति की मजबूत चाहत की जरूरत है। राजनाथ ने कहा कि वर्तमान में पूर्वोत्तर में सुरक्षा बलों की तैनाती उस समय से भी अधिक है, जब विद्रोह चरम पर था।उन्होंने कहा, "हमें सुरक्षा बलों की तैनाती को कम करने की योजना बनाने की जरूत है, ताकि यहां का जनजीवन आसान हो और बाहरी लोग यहां के बारे में सकारात्मक सोचें। मैं सभी मुख्यमंत्रियों से अपील करना चाहूंगा कि वे केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की तैनाती के बारे में वास्तविक स्थिति का पता लगाएं।"

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को भारत-म्यांमार सीमा पर हाल के घटनाक्रमों को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस मुद्दे के प्रभावी ढंग से हल के लिए एक समिति का गठन किया है।राजनाथ ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि सुरक्षा विशेषज्ञ आर.एन.रवि की अध्यक्षता में इस स्थिति की पहले ही समीक्षा की जा चुकी है और जल्द ही इस मामले में रपट दर्ज की जा सकती है।गृह मंत्री ने कहा कि बांग्लादेश सीमा पर भी कड़ी चौकसी की जरूरत है। मंत्री ने कहा, "हमें सीमा के पास आबादी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। भारत-म्यांमार सीमा के 10 किलोमीटर के दायरे में 240 गांवों में दो लाख से अधिक आबादी रहती है।"उन्होंने कहा, "इस घनी आबादी को कोई सुरक्षा प्राप्त नहीं है। वे उग्रवादियों की दया पर आश्रित हैं। इसी तरह की स्थिति भारत-भूटान सीमा की भी है।"राजनाथ ने कहा, "आपको सीमाई इलाकों में पुलिस थाने खोलने व उसे मजबूत करने पर विचार करना चाहिए।"गृह मंत्री ने सीमा पर बाड़ लगाने के लिए मुख्यमंत्रियों से जमीन उपलब्ध कराने की भी अपील की।क्षेत्र से सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून (अफ्सपां) हटाने के मुद्दे पर गृह मंत्री ने कहा कि स्थिति में सुधार होते ही ऐसा किया जाएगा।