आर्थिक आधार पर आरक्षण की बात करने वाले कर रहे हैं समाज को गुमराह : रामभगत मलिक
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हिसार 17-May-2015
हरियाणा जाट सभा की एडहॉक कमेटी के सदस्यों की एक बैठक आज रामभगत मलिक प्रवक्ता अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की अध्यक्षता में सभा के कार्यालय में हुई। बैठक में आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की बात करने वाले नेताओं व पदाधिकारियों के बयानों पर चर्चा की गई। बैठक में फैसला लिया गया कि जाट समाज ने कई साल पहले ओबीसी के तहत आरक्षण की मांग की थी। इसके लिए समाज ने आंदोलन किए। जाट समाज की माताओं, बहनों, भाईयों व बुजुर्गों ने लाठियां खाई, जेल गए और काफी लोग अपाहिज हुए। वहीं तीन जवानों ने अपनी कौम के लिए शहादत दी, तब जाकर जाट समाज को प्रदेश व केंद्र स्तर पर आरक्षण का लाभ मिला था।
रामभगत मलिक ने कहा कि कुछ स्वार्थी स्वयंभू नेता जिनका आरक्षण आंदोलन से कोई वास्ता नहीं था आज वो जाट समाज को आरक्षण आर्थिक आधार पर देने को लेकर बयानबाजी कर रहे हैं। ऐसा करके वो समाज को गुमराह और तोडऩे का प्रयास कर रहे हैं। उनको इस बात का पता होना चाहिए कि आर्थिक आधार पर आरक्षण संसद के दो तिहाई सदस्यों के बिना लागू नहीं हो सकता। आज संसद में ओबीसी के सांसदों की संख्या काफी अधिक है, जिसके चलते यह मुमकिन नहीं है। उन्होंने कहा कि वैसे भी ओबीसी में आर्थिक आधार पर ही आरक्षण मिलता है, क्योंकि इसमें भी क्रीमी लेयर का नियम लागू है। इसलिए ऐसे नेताओं के बयान का हम पूरजोर तरीके से विरोध करते हैंऔर जाट समाज को पिछड़ा वर्ग में शामिल करने की मांग पुन: दोहराते हैं। उन्होंने समाज से निवेदन किया है कि जाट समाज को ओबीसी में शामिल करवाने के लिए संगठित होकर लड़ाई लड़ें।बैठक में राम सिंह तरड़, शीशपाल नैन, बलराज मलिक, प्रवीण ढांडा, रणबीर सिंह तरड़, देवीप्रशन दहिया, तनवीर बूरा, सुरत सिंह गाजूवाला, प्रवीन जींद आदि भी उपस्थित थे।