अब विदायार्थी भी बनेगे उर्जा बचाने एवं नवीनकरणयोग उर्जा के प्रचार का माध्याम
मजीठिया एवं चीमा द्धारा निवकेली पंजाब उर्जा संभाल एवं कुशलता मुहिम की शुस्आत
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जालन्धर 12-May-2015
पंजाब ने आज युवा पीढी को बढिया जीवन के लिए उर्जा की संभाल एवं नवीनकरण योगय उर्जा की महात्ता बारे जागरक करने की दिशा मे एक विशाल पग उठाते हुये राज्य स्तरीय उर्जा संभाल एवं कुशलता मुहिम को चला कर देश मे ऐसा यत्न करने वाला प्रथम राज्य बनने का गौरव प्राप्त कर लिया है।आगामी पांच सालो के दौरान घरेलू क्षेत्र मे बिजली की खपत मे २०प्रतिशत की बचत की आशा से किये गये प्रयत्न का एक विलक्षण पक्ष यह भी है कि इस उदेंश्य के लिए ४० लाख स्कूली विदायार्थीयो को अगले तीन सालों के दौरान क्रमवार इस मुहिम मे शामिल करके उनको उर्जा की बचत एवं नवीनकरणयोग उर्जा के प्रोत्साहन के प्रतीक के तौर पर सामने लाया जायेगा।
आज यहां से थोडी दूर लवली प्रौफेशनल यूनिवसिर्टी के मुख्य आडीटोरयम मे पंजाब के न्यू एडं रिन्यूऐअल एनर्जी मंत्री स ब्रिकम सिह मजीठिया एवं शिक्षा मंत्री डा दलजीत सिह चीमा द्धारा एक प्रभावशाली कार्यक्रम के दौरान संयुकत तौर पर पंजाब राज्य उर्जा संभाल एवं कुशलता मुहिम की शुरआत की गई जिस उपरान्त जालन्धर एवं कूपरथला जिलों से संबधित १२०० स्कूली प्रिसीपलों एवं साईंस अध्यापकों इिको कलब कोआरडीनेटरों केलिए एक विशेष वर्कशाप का आयोजन किया।इस अवसर पर अपने संबोधन मे स मजीठिया ने कहा कि थर्मल एंव हाईडरों प्लांटो द्धारा बिजली पैदा करने पर आवश्यकता से अधिक निर्भरता पर परिणाम आज हमारे लिए गालोबल वर्मिग,वातावरण मे अन-कयासी परिवर्तन एवं विभिन्न प्राक्तिक स्त्रोतों मे गिरावट के रप मे सामने आ रहे है जो आगे हमारे लिए कई तरह की बिमारियों का कारण भी बन रहे है। उन्होने कहा कि इन सब चुनौतियो के परिणामस्वरप ही हम हस्पतालों,प्रा़$कतिक आपदाओं को रोकने एवं प्रबंधन के साथ साथ पुर्नवास आदि के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा खडा करने के लिए बडा खर्च करने के लिए मजबूर हो रहे है।
उन्होने कहाकि इस चिंताजनक स्थिति को सामने रखते हुये यह आवश्यक हो जाता है कि हम बिजली तो पैदा करने परन्तु हमारे प्राकूतिक इंधन अर्थात कोयले आदि का बेहताशा प्रयोग करने से बचते हुये एक तरफ हमारे रोजमर्रा के जीवन मे बिजली की बचत करने एवं दूसरे तरफ सूर्य किरणो,हवा,खेती कचरे एवं छोटे स्तर पर हाईडों प्रौजेकटों जैसे नवीनीकरण योगय उर्जा संसधानों से अधिक से अधिक बिजली पैदा करने को प्राथमिकता दे। उन्होने कहा कि आज पंजाब द्धारा इस मुहिम को शुर करने का उदेंश्य हमारे स्कूली विदायार्थीयों,प्रिसीपलों एवं अध्यापको को उर्जा की बचत एवं कुशलता के लिए आडिटरों के तौर पर त्यार करे।उन्होने कहा कि अगले तीन सालों के दौरान समूह सरकारी एवं निजी हाई एवं सीनियर सकैडरी स्कूलों मे पढते ४० लाख विदायार्थीयो को इस मुहिम मे शामिल करना है। इस मुहिम के अधीन विदायार्थीयो को बिजली के बिल समझने,स्कूल एवं घर का अपने ही स्तर पर बिजली की खपत का आडिट करने एवं बिजली की संभाल एवं कुशलता का उदेंश अपने माता-पिता, अभिवाकों एवं मित्रों तक पहुचाने के लिए श्ििाक्षत किया जायेगा। उन्होने इस अवसर शिक्षा मंत्री को सुझाव दिया कि उर्जा की संभाल एवं कुशलता जैसे अहम् विषय को विदायार्थीयो के सिलेबस मे प्रमुखता देने बारे भी विचार किया जाये।
प मजीठिया ने बताया किइस ्रपकार पंजाब ने २०प्रतिशत बिजली बचाने का लक्ष्य रखा है एवं इस अधीन हम आगामी पांच सालों के दौरान अपनी बिजली पैदा करने की सर्मथा मे १९०० मैगावाट तक कम थर्मल सर्मथा बढाने बारे सोच सकते है। इस उदेंश्य के लिए बुनियादी ढांचेपर होने वाले१२५०० करोड रपये का खर्चा बचाया जा सकता है,केवल घरेलू क्षेत्र मे ही हम ५३० मैगावाट तक थर्मल सर्मथा बचाने से बच सकते है जिससे ३५०० करोड रपये का खर्चा बच सकता है। उन्होने कहाकि अगर हम १८०० मैगावाट थर्मल प्लांटो द्धारा पैदा होती बिजली को सूर्यी उर्जा से बिजली पैदान करने सेे बदले तो हमे १२६०० करोड रपये की आवश्यकता पडेगी। उन्होने कहा कि इस लक्ष्य की प्राप्ती से हम सालाना २००० करोड रपये की सीधी बचत कर सकते है।मजीठिया ने आगे घोषणा की कि हर जिले मे बढिया कारगुजारी दिखाने वाले पांच स्कूलो को क्रमवार१५०००,१२०००,१००००,८०००, ५०००,रपये के नकद अवार्ड दिये जायेगे। उन्होने कहाकि राज्य के समूह २२ जिलों के अन्दर कुल११ लाख रपये के नकद ईनाम हर साल दिये जायेगे।बाद मे पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान पंजाब की नवीनकरणयोग उर्जा मुहाज एवं प्राप्तयों का वर्णन करते हुये स मजीठिया ने कहा कि फरवरी२०१२ के दौरान राज्य की सूर्यी किरणो से बिजली पैदा करने की सर्मथा केवल ९ मैगावाट थी जो कि अब १५०० करोड रपये के निवेश से २२५ मैगावाट तक पहुंच गई है। उन्होने बताया कि १८४ मैगावाट सर्मथा के २४ नये प्रौजेकट एवं घरो की छतो से बिजली पैदा करने के ६५ मैगावाट के प्रौजेकट जिन परभग अनुमानित २१०० करोड रपये कर निवेश होगा,का निर्माण भी शीध्र ही शुर हो जायेगा।
उन्होने बतायाकि पंजाब सरकार द्धारा किसानों के लिए एक विशेष सोलर बिजली उत्पादन योजना शुर की गई है जिस अधीन ५०० मैगावाट का लक्ष्य रखा गया है। उन्होन बताया कि देश का सब से बडा छतो से बिजली पैदा करने का प्रौजेकट डेराब्यास मे ७क५मैगवाट सर्मथा से चल रहा है एवं इस की सर्मथा को बढा कर ३१ ५ मैगावट किया जा रहा है जिससे दुनिया का सब से बडा प्रौजेकट बन जायेगा। उन्होने बताया कि पेडा ने हाल ही मे छतों से बिजली पैदा करने संबधी६५ मैगावाट के टेंडर सफलता पूर्वक अलाट किये गये है,इसी प्रकार राज्य की नई नेट मीट्गि योजना अधीन ११०० प्रार्थनापत्र पहले तीन मास मे ही प्राप्त हो गये है।
समागम को संबोधन करते हुये शिक्षा मंत्री डा दलजीत सिह चीमा ने पेडा एवं ब्यूरो आफ एनर्जी एफीसैंसी के इस विलक्षण यत्न की सराहना करते हुये आश्वासन दिलाया कि राज्य का शिक्षा विभाग इस मुहिम को ूपरी तरह सफल बनाने के लिए बचनबद्ध है। उन्होने कहा कि बच्चे किसी भी परिवर्तन के लिए अहम् भूमिका निभा सकते है एवं उन द्धारा बिजली की बचत वाली जीवन शैली अपनाने से राष्ट़ को बडा लाभ मिल सकता है। उन्होने कहा कि इस उत्सोहित मुहिम मे राज्य के समूह ४३६१ सरकारी ,गैर सरकारी एवं निजी हाई एवं सीनियर हाई सकैडरी स्कूलो के प्रिसीपलो,साईंस आध्यापको एवं ईको कलब कोआरडीनेटरो को शामिल किया जायेगा।इस अवसर पर संजय सेठ,सीनियर उर्जा अर्थशास्त्री,बयूरो आफ एनर्जी एफीसैंसी ने उर्जा की संभाल एवं कुशलता की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। डा अमरपाल सिह ,सी ई ओ पेडा ने इस मुहिम की रप-रेखा बारे बताते शिक्षा विभाग एवं एल पी यू के इस अहम योगदान के लिए धन्यवाद किया। इस अवसर पर श्री रमेश मितल,चैयरमैन लवली ग्रुप,श्री अशोक मितल,चासंलर एल पी यू,श्री पी टी भूटिया,निदेशक केन्द्रीय बिजली मंत्रालय एवं श्री बलौर सिह,निदेशक पेडा भी प्रमुख तौर पर उपस्थित थेे।