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सुखबीर द्वारा बिज़ली के बुनियादी ढांचे की मज़बूती के लिए 1496 करोड़ रुपये मंजूर

पहले चरण तहत 47 शहरों में बिज़ली ढांचे का होगा नवीनीकरण

5 दरिया न्यूज

चंडीगढ़ 19-Aug-2013

पंजाब के उप मुख्यमंत्री स. सुखबीर सिंह बादल ने राज्य में 30 हजार से अधिक की जनसंख्या वाले 47 शहरों में बिज़ली के बुनियादी ढांचे की मज़बूती और नवीनीकरण के लिए 1496 करोड़ रुपये को मंजूरी दे दी है।बिज़ली सुधारों संबंधी इस गौरवमयी प्रौजेक्ट को स्वीकृति देते हुए स. बादल ने कहा कि इस वर्ष दिसंबर तक अतिरिक्त बिज़ली वाला राज्य बनने का सपना पूरा होने के पश्चात उनका उद्धेश्य बिज़ली वितरण नुकसान 15 प्रतिशत तक घटाकर लोगों को स्तरीय बिज़ली आपूर्ति करना है। उन्होंने बताया कि 1496 करोड़ रुपये से स्वचलित बिज़ली वितरण व्यवस्था स्थापित करने के अतिरिक्त लोगों को सूचना तकनीक के प्रयोग से बेहतर सेवांए दी जायेंगी। उन्होंने उर्जा विभाग के सचिव श्री अनिरूद्ध तिवाड़ी को निर्देश दिये कि 33 और 66 के वी के बिज़ली सब-स्टेशनों की क्षमता बढ़ाने एवं बिज़ली वितरण प्रणाली को और मज़बूत किया जाये। श्री तिवाड़ी ने कहा कि पंजाब देश का पहला राज्य होगा जो बिज़ली की लाइनों में किसी भी रूकावट संबंधी सूचना देने के लिए स्व:चलित प्रणाली लागू कर रहा है। जिससे तुरंत वह रूकावट दूर की जा सके। इसके अतिरिक्त पुराने चुंबकीय मीटरों की जगह इलैक्ट्रॉनिक मीटर लगाये जाने का भी कार्य भी तेजी से चल रहा है। इस प्रौजेक्ट दौरान कार्य की गुणवत्ता को बनाये रखने के लिए कठोर निर्देश जारी करते हुए स. बादल ने कहा कि यह प्रौजेक्ट अंतरराष्ट्रीय नामी कंपनियों को अलॉट किये जाये जिनका बिज़ली वितरण में संतोषजनक अनुभव हो। पहले चरण तहत आने वाले 47 शहरों को सात हिस्सों में बांटा गया है जिनका कार्य तीन अंतरराष्ट्रीय कंपनियों जिनमें एल एंड टी, मैसर्ज गोदरेज़, मैसर्ज ए टू जेड शामिल हैं, को दिया गया है जोकि तुर्की मॉडल के आधार पर इसको लागू करेंगी। इन कंपनियों द्वारा अपने प्रौजेक्टों संंबंधी सर्वे पहले ही किया जा चुका है। 

एल एंड टी कंपनी को तीन मैट्रो शहरों लुधियाना, जालंधर और अमृतरसर के प्रौजेक्ट अलॉट किये गये हैं जिस तहत लुधियाना के लिए 371. 71 करोड़ रुपये, जालंधर के लिए 195.42 करोड़ रुपये और अमृतसर के लिए 246.29 करोड़ रुपये मंजूर किये गये हैं। इसके अतिरिक्त गोदरेज और बोएज़ लि. को 20 शहरों में बिज़ली बुनियादी ढांचे के नवीनीकरण की जिम्मेवारी सौंपी गई है। इन शहरों में नकोदर के लिए 10.8 करोड़ रुपये, तरनतारन के लिए 16.23 करोड़ रुपये, बटाला के लिए 37.97 करोड़ रुपये, गुरदासपुर के लिए 14.92 करोड़ रुपये, होश्यिारपुर के लिए 38.1 करोड़ रुपये, कपूरथला के लिए 20.35 करोड़ रुपये, पठानकोट के लिए 25.55 करोड़ रुपये, पट्टी के लिए 4.30 करोड़ रुपये, फगवाड़ा के लिए 28.99 करोड़ रुपये, बरनाला के लिए 14.33 करोड़ रुपये, समाना के लिए 11.82 करोड़ रुपये, संगरूर के लिए 24.56 करोड़ रुपये, सरहिंद के लिए 13.44 करोड़ रुपये, सुनाम के लिए 12.75 करोड़ रुपये, जगराओं के लिए 12.41 करोड़ रुपये, नाभा के लिए 15.06 करोड़ रुपये नंगल के लिए 3.35 करोड़ रुपये, राजपुरा के लिए 25.23 करोड़ रुपये, खरड़ के लिए 10.77 करोड़ रुपये और मलेरकोटला के लिए 19.54 करोड़ रुपये मंजूर किये गये हैं। 

16 अन्य शहरों संबंधी जिम्मेवारी ए 2 जैड कंपनी को दी गई है जिस तहत अबोहर के लिए 22.85 करोड़ रुपये, बठिंडा के लिए 47.50 करोड़ रुपये, फरीदकोट के लिए 11.37 करोड़ रुपये, फाजिल्का के लिए 13.10 करोड़ रुपये, फिरोज़पुर कैंट के लिए 10.68 करोड़ रुपये, फिरोज़पुर शहर के लिए 20.87 करोड़ रुपये, गिदड़बाहा के लिए 8.33 करोड़ रुपये, कोटकपूरा के लिए 11.91 करोड़ रुपये, मानसा के लिए 27.96 करोड़ रुपये, जैतों के लिए 8.7 करोड़ रुपये, जलालाबाद के लिए 11.11 करोड़ रुपये मलोट के लिए 12.57 करोड़ रुपये, मुक्तसर के लिए 24.30 करोड़ रुपये, रामपुरा फूल के लिए 8.28 करोड़ रुपये, ज़ीरा के लिए 9.76 करोड़ रुपये और मोगा के लिए 35.90 करोड़ रुपये को स्वीकृति दी गई है। 

स. बादल द्वारा  3 शहरें की विस्तरित प्रौजेक्ट रिपोर्ट भी स्वीकार कर ली गई है जिसमें पटियाला के लिए 37.92 करोड़ रुपये, धूरी के लिए 7.47 करोड़ रुपये और रूपनगर के लिए 6.13 करोड़ रुपये खर्च किये जाने का प्रस्ताव है। 4 अन्य शहरों नवांशहर के लिए 24.77 करोड़ रुपये, खन्ना के लिए 43.42 करोड़ रुपये, मोहाली के लिए 31.84 करोड़ रुपये और जालंधर कैंट के लिए 30.43 करोड़ रुपये के प्रौजेक्ट भारत उर्जा वित्त कॉरपोरेशन को मंजूरी के लिए भेजे गये हैं। 

स. बादल ने पी एस पी सी एल के अधिकारियों को आदेश दिये कि वह आगामी 7 वर्षो के दौरान होने वाले विकास के मद्देनज़र बिज़ल सिस्टम को तैयार करें। 

इस अवसर पर मुख्य तौर पर वित्त विभाग के सचिव डी पी रैड्डी, पॉवरकाम के चेयरमैन के डी चौधरी और तीनों कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।