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डॉ. जितेन्‍द्र सिंह ने ‘डोनर’ के अधिकारियों के साथ बैठक की

पूर्वोत्‍तर क्षेत्र में व्‍यापार और पर्यटन के लिए व्‍यापक विकास योजना पर विचार-विमर्श किया

5 दरिया न्यूज

नई दिल्‍ली 09-Dec-2014

पूर्वोत्‍तर क्षेत्र का विकास (डोनर) मंत्रालय में केन्‍द्रीय राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) और पीएमओ, कार्मिक व जन-शिकायत तथा पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष राज्‍य मंत्री डॉ. जितेन्‍द्र सिंह ने आज डोनर मंत्रालय की एक बैठक बुलाई ताकि आगामी वर्ष के दौरान पूर्वोत्‍तर क्षेत्र में व्‍यापार एवं पर्यटन के लिए एक व्‍यापक विकास योजना तैयार की जा सके। उन्‍होंने सूचित किया कि केन्‍द्र ने चरण ‘ए’ के तहत सड़कों की विभिन्‍न श्रेणियों में 6418 किलोमीटर लम्‍बी सड़कों को दो लेन तथा चार लेन में परिवर्तित करने को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा, समूचे पूर्वोत्‍तर क्षेत्र में ‘विशेष त्‍वरित सड़क विकास कार्यक्रम’ के अरुणाचल पैकेज को भी स्‍वीकृति दी गई है। इस पर 33,500 करोड़ रुपये का निवेश होने का अनुमान है। 

डोनर मंत्रालय के अधिकारियों को संबोधित करते हुए डॉ. जितेन्‍द्र सिंह ने कहा कि आठ पूर्वोत्‍तर राज्‍य आठ बहनों जैसे हैं, लेकिन मंत्रालय की जिम्‍मेदारी यह सुनिश्‍चि‍त करने की है कि इन सभी आठ बहन-राज्‍यों को उनका वाजिब हिस्‍सा मिले ताकि वे एक-दूसरे से ईर्ष्‍या करने के बजाय तालमेल के साथ रह सकें। उन्‍होंने कहा, ‘इसके साथ ही मंत्रालय की जिम्‍मेदारी यह सुनिश्‍चि‍त करने की भी है कि ये सभी आठ बहनें खुद को बाकी 21 राज्‍यों तथा पूर्वोत्‍तर के बाहर सात केन्‍द्र शासित प्रदेशों की सगी बहनें मानें, न कि चचेरी बहनें।’ दूसरे शब्‍दों में, डॉ. जितेन्‍द्र सिंह ने कहा कि डोनर मंत्रालय का मुख्‍य उद्देश्‍य पूर्वोत्‍तर का विकास शेष भारत की ही तरह करने का है, ताकि यह सुनिश्‍चि‍त किया जा सके कि भारत माता की दायीं भुजा (पूरब) खुद को बायीं भुजा (पश्‍चि‍म‍) के मुकाबले कमजोर न समझे, जैसा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी कहते हैं। 

पूर्वोत्‍तर क्षेत्र की सभी लंबित परियोजनाओं का क्रियान्‍वयन तत्‍काल तेजी से करने का निर्देश देते हुए डॉ. जितेन्‍द्र सिंह ने अधिकारियों से कहा कि यह संदेश सभी आठों मुख्‍यमंत्रियों और पूर्वोत्‍तर के 39 सांसदों के पास अवश्‍य चला जाना चाहिए कि डोनर मंत्रालय यहां एक मध्‍यस्‍थ के बजाय एक मददगार के रूप में काम कर रहा है। इसे हासिल करने के लिए डोनर मंत्रालय को कोई आदेश जारी करने अथवा कोई प्राथमिकता थोपने के बजाय सभी आठों राज्‍यों की अपेक्षाओं एवं प्राथमिकताओं को समझने की कोशिश करनी चाहिए और उन्‍हें देश की राजधानी से आवश्‍यक सम्‍पर्क बनाये रखना चाहिए। डॉ. जितेन्‍द्र सिंह ने कहा चूंकि पूर्वोत्‍तर क्षेत्र ने विद्रोह के माहौल से उबरकर पुनरुत्‍थान की दिशा में धीरे-धीरे आगे बढ़ने का उदाहरण पेश किया है, इसलिए भारत सरकार का अगले कुछ वर्षों के दौरान इस क्षेत्र में व्‍यापार एवं पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ावा देने पर विशेष ध्‍यान रहेगा, जिससे न केवल इस क्षेत्र का आर्थिक स्‍तर बेहतर होगा बल्कि इससे शेष भारत भी व्‍यापार एवं पर्यटन के लिए पूरब की तरफ देखने के लिए प्रेरित होगा।