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मुख्यमंत्री ने केन्द्र से अधिकतम राहत देने का आग्रह किया

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शिमला 25-Jul-2013

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश में हाल ही में हुई भारी बारिश, बादल फटने व भू-स्खलन के कारण 2522 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। आपदा प्रबंधन के केंद्रीय दल के साथ आज यहां आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने भारत सरकार से हर संभव अधिकतम राहत प्रदान करने का आग्रह किया है ताकि सार्वजनिक एवं निजी संपत्ति को हुए व्यापक नुकसान की भरपाई की जा सके।वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न भागों में बादल फटने के साथ भारी बारिश से व्यापक नुकसान हुआ। प्रदेश भर में 576 प्रतिशत से 1358 प्रतिशत वर्ष दर्ज की गई, जो इस अवधि में सामान्य वर्षा से कहीं अधिक है। किन्नौर तथा सिरमौर जिला सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं तथा किन्नौर के विभिन्न स्थानों में इस अवधि के दौरान असमयिक बर्फबारी भी हुई। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भारी बारिश से 35 व्यक्तियों ने जान गवाई, जिनमें से अकेले किन्नौर जिले में ही 23 व्यक्तियों की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि किन्नौर जिला में 1200 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि किन्नौर जिला केदारनाथ पहाड़ी के पीछे स्थित है और यही कारण है कि यहां सबसे अधिक नुकसान हुआ। जिला प्रशासन, प्रदेश सरकार के विभागों तथा सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के कर्मियों ने युद्ध स्तर पर कार्य कर हालात सामान्य बनाए और पेयजल, विद्युत आपूर्ति एवं सड़कों को शीघ्र बहाल किया। उन्होंने कहा कि कृषि, बागवानी, सड़क एवं अन्य क्षेत्रों में भारी नुकसान हुआ है और इन्हें पुनर्बहाल करने के लिए काफी धनराशि की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि अभी तक केवल अस्थाई एवं त्वरित राहत कार्य किए गए हैं तथा नुकसान की भरपाई के लिए उदार केद्रीय सहायता आवश्यक है। 

इसके पश्चात, केन्द्रीय दल ने मुख्य सचिव श्री एस. रॉय से भी भेंट कर हाल ही में हुई प्राकृतिक आपदा के बारे में विस्तृत विचार-विमर्श किया। मुख्य सचिव ने कहा कि समय से पूर्व हुई मॉनसून की भारी बारिश से सर्वाधिक नुकसान हुआ तथा कई स्थानों पर सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो गया था। यहां तक की मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह किन्नौर जिला के सांगला में तीन दिनों तक फंसे रहे तथा जिले के विभिन्न भागों में लगभग 1700 पर्यटक फंस गए, जिन्हें राज्य के हेलिकॉप्टरो तथा वायु सेना के प्रयासों से बाहर निकाला जा सका। उन्होंने राज्य तथा बीआरओ कर्मियों के प्रयासों की सराहना की। 

केन्द्रीय दल, जिसका नेतृत्व गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव श्रीमती वीना कुमारी मीणा, वित्तायोग मण्डल के संयुक्त निदेशक श्री दीना नाथ, योजना आयोग में राज्य योजना अनुभाग के आर्थिक अधिकारी श्री ए.के. सिन्हा तथा सड़क परिवहन उच्च मार्ग मंत्रालय के क्षेत्रीय अधिकारी श्री आदित्य प्रकाश ने किन्नौर जिले में वर्षा प्रभावित क्षेत्रों पूह, खाब, रोपा घाटी, सांगला, मोरंग, काशंग, सुधारंग एवं पांगी क्षेत्रों का दौरा किया।कृषि विभाग में ओएसडी बागवानी श्री एल. शिवारामा रेड्डी तथा ग्रामीण विकास मंत्रालय में अवर सचिव श्री प्रदीप कुमार सिंह के एक अन्य दल ने सिरमौर तथा मण्डी जिलों के वर्षा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का जायजा लिया।गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव श्रीमती वीना कुमारी मीणा ने कहा कि जनजातीय जिला किन्नौर में हालांकि सबसे ज्यादा नुकसान हुआ परन्तु यह स्थानीय लोगों के आत्मविश्वास को डिगा नहीं पाया। उन्होंने स्थिति को सामान्य बनाने में प्रदेश सरकार के प्रयासों की सराहना की तथा आश्वासन दिया कि केन्द्रीय दल शीघ्र ही अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।

मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री टी.जी. नेगी, अतिरिक्त मुख्य सचिव, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य तथा बागवानी श्री विनीत चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री वी.सी. फारका, प्रधान सचिव एवं वित्तायुक्त राजस्व श्री तरूण श्रीधर, प्रधान सचिव लोक निर्माण विभाग श्री नरेन्द्र चौहान, प्रधान सचिव ऊर्जा श्री एस.के.बी.एस. नेगी, सचिव वित्त श्री मनीष गर्ग, विशेष सचिव राजस्व एवं आपदा प्रबन्धन डॉ. अमनदीप गर्ग, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ श्री आर.के. शर्मा, कृषि विभाग के निदेशक श्री जे.एस. राणा, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियन्ता श्री डी.के नायर तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।