प्रधानमंत्री ने संपर्क संबंधी बुनियादी ढांचा क्षेत्रों की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की
प्रधानमंत्री बुनियादी ढांचा, तटीय सुरक्षा, द्वीप विकास और पर्यटन के बारे में तटवर्ती
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नई दिल्ली 05-Nov-2014
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज संपर्क संबंधी बुनियादी ढांचा क्षेत्रों - सड़क, रेलवे, जहाजरानी और नागर विमानन के लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में कार्य की प्रगति की समीक्षा की। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि संपर्क से जुड़े विभिन्न बुनियादी ढांचा क्षेत्रों का विकास एक-दूसरे से जुड़ा होना चाहिए और उनके बीच समन्वय होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि वे बुनियादी ढांचा, तटीय सुरक्षा, द्वीप विकास, पर्यटन, मनोरंजन और जैव विविधता के मुद्दों पर क्षेत्र में सभी तटवर्ती राज्यों के साथ एक विशेष बैठक करेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि सागरमाला परियोजना में ‘बंदरगाह विकास’ पर जोर देना चाहिए, जिसमें संपर्क के विभिन्न तत्व बंदरगाह, अंतर्राष्ट्रीय नौवहन, राजमार्ग और रेल संपर्क शामिल होंगे। रेलवे में सौ फीसदी एफडीआई की अनुमति देने के फैसले के बाद दस क्षेत्रों में 20 परियोजनाओं की एफडीआई के लिए पहचान की गई है। रेलवे ने विशेषकर नमक लाने-ले जाने के लिए नए डिब्बे तैयार किए हैं, जिससे लाने-ले जाने की क्षमता में 40 प्रतिशत बढ़ोत्तरी होगी।
नागर विमानन क्षेत्र की समीक्षा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्यों को उनके क्षेत्र के भीतर बन रहे प्रस्तावित नए अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों की व्यवहार्यता बनाए रखने के लिए सहयोगी बनाने चाहिए। प्रधानमंत्री ने सिक्किम में पाकयोंग हवाई अड्डे का कार्य शुरू होने पर संतोष व्यक्त किया। गौरतलब है कि कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए दूसरा मार्ग शुरू हो जाने और सिक्किम को एक ऑर्गेनिक राज्य बनाने पर जोर देने के साथ, यह हवाई अड्डा हवाई सेवाओं की बड़ी मांग को पूरा करेगा। एक नई नागर विमानन नीति तैयार की जा रही है।
प्रधानमंत्री ने बैठक के दौरान बार-बार इस बात पर जोर दिया कि मंत्रालयों के बीच तेजी से समन्वय कायम होना चाहिए और मुद्दों का हल निकलना चाहिए और एक निश्चित समय पर नतीजा दिखाई देना चाहिए। प्रधानमंत्री ने परियोजनाओं की कड़ी निगरानी का निर्देश दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि उच्च स्तर पर फैसले लेने के मामले में अब कोई देरी नहीं की जाती है। उन्होंने कहा कि अब सभी बुनियादी ढांचा लक्ष्यों को हासिल करना संभव है। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से आग्रह किया कि वे महीने में कम से कम एक बार सभी प्रमुख परियोजना स्थलों की साइबर यात्रा करें, ताकि वे कार्य की प्रगति पर नजर रख सकें।