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भाजपा के घोषणा-पत्र पर बोले दीपेंद्र सिंह हुड्डा

हरियाणा में दस साल पीछे चल रही है भाजपा

5 दरिया न्यूज

चंडीगढ़ 02-Oct-2014

कांग्रेस के स्टार प्रचारक एवं रोहतक से सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने भाजपा के चुनावी घोषणा-पत्र पर टिप्पणी करते हुए कहा कि भाजपा की हरियाणा इकाई कांग्रेस से दस वर्ष पीछे चल रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने वर्ष 2005 व 2009 में किए अपने सभी वायदों को पूरा कर दिया है और भाजपा ने उन्हीं वायदों को अपने घोषणा-पत्र में शामिल किया है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की अलग से खंड पीठ का वायदा करके भाजपा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह चंडीगढ़ में ही हरियाणा के अलग हाईकोर्ट के खिलाफ है। इसका यह मतलब भी है कि भाजपा ने चंडीगढ़ पर अपना दावा छोड़ दिया है।आज यहां जारी एक बयान में दीपेंद्र ने कहा कि भाजपा ने कहा है कि वह सत्ता में आने पर दिल्ली के एम्स जैसे दो चिकित्सा संस्थान हरियाणा में स्थापित करेगी। न तो इसका खुलासा किया कि वे किस शहर में खुलेंगे और कब तक। दीपेंद्र ने कहा कि भाजपा नेता शायद यह बात भुल गए कि बाढसा में एम्स पहले से ही स्थापित किया जा चुका है और पीजीआई रोहतक को भी मेडिकल यूनिवर्सिटी बनाकर एम्स जैसा दर्जा दिया जा चुका है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने घोषणा-पत्र में स्पष्ट किया है कि सिरसा, रेवाड़ी व कुरुक्षेत्र में मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाएंगे, जबकि भाजपा ने इसका खुलासा ही नहीं किया।

हमने स्पष्ट किया है कि सभी जिलों में विश्वविद्यालय स्थापित किए जाएंगे लेकिन भाजपा ने एक शहर का नाम भी नहीं बताया। भाजपा ने कहा है कि शहरों में औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किए जाएंगे, लेकिन यह तो बताएं कि कौन से शहरों में। कांग्रेस ने तो स्पष्ट तौर पर कहा है कि सिरसा, करनाल, हिसार, झज्जर, यमुनानगर व महेंद्रगढ़ में औद्योगिक केंद्र बनाए जाएंगे। हाईकोर्ट की अलग से खंड पीठ की स्थापना के वायदे पर कटाक्ष करते हुए दीपेंद्र ने कहा कि प्रदेश सरकार पिछले कई बरसों से इस कोशिश में है कि चंडीगढ़ में ही हरियाणा की अलग से हाईकोर्ट स्थापित हो ताकि चंडीगढ़ पर हरियाणा का हक और भी मजबूत हो सके लेकिन भाजपा के मंसूबे तो यही लगते हैं कि वह चंडीगढ़ को भी छोडऩे को तैयार है।एसवाईएल को मुद्दा बनाते हुए दीपेंद्र ने कहा कि भाजपा ने अपने घोषणा-पत्र में यह तो स्वीकार किया है कि कांग्रेस सरकार ने दक्षिण हरियाणा के किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए हांसी-बुटाना लिंक नहर का निर्माण करके सही कदम उठाया है। 

दीपेंद्र ने कहा कि अगर भाजपा एसवाईएल के मुद्दे पर इतनी ही गंभीर है तो पंजाब में उनके गठबंधन से सरकार है और उसे चाहिए कि वह पंजाब सरकार पर दबाव बनाकर हरियाणा के किसानों को उनके हिस्से का पानी दिलवाए।नई खेल नीति एवं ब्लाक स्तर पर स्टेडियम की घोषणा को हास्यास्पद बताते हुए दीपेंद्र ने कहा कि भाजपाइयों को शायद इस बात का ज्ञान नहीं है कि हरियाणा में 146 ब्लाक है और सरकार इन ब्लाकों में एक से सवा करोड़ रुपये प्रति स्टेडियम के हिसाब से 236 खेल स्टेडियम का निर्माण पहले ही करवा चुकी है। दीपेंद्र ने कहा कि यह हरियाणा सरकार की खेल नीति के ही परिणाम हैं कि कॉमन वेल्थ, ओलंपिक एवं एशियाड खेलों में हरियाणा के खिलाड़ी सबसे अधिक मैडल लाते हैं। भाजपा पर सवाल दागते हुए दीपेंद्र ने कहा कि आज भाजपा हरियाणा में नई खेल नीति बनाने की बात कर रही है लेकिन उनके गुजरात में तो आज तक यह नीति बनी ही नहीं और न ही गुजरात का खेलों में कोई योगदान रहा है।

दीपेंद्र ने कहा कि कांग्रेस ने प्रदेश के सिखों के लिए अलग से सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के गठन का वायदा किया था, जिसे भाजपा व इनेलो के विरोध के बावजूद पूरा किया गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपने घोषणा-पत्र पर इस मुद्दे का जिक्र तक नहीं किया है और न ही यह स्पष्ट किया है कि वह प्रदेश के सिखों को उनका अधिकार देने के पक्ष में है या नहीं। दीपेंद्र ने कहा कि हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ को लेकर भी पार्टी ने अपना विजन प्रदेश की जनता के समक्ष नहीं रखा है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपने घोषणा-पत्र में जितने भी वायदे किए हैं, वे कांग्रेस की सरकार पहले ही पूरे कर चुकी है।