दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने एशियन गेम्स विजेताओं को दी बधाई
सरकार की खेल नीति को सराहा
5 दरिया न्यूज
चंड़ीगढ़ 29-Sep-2014
कांग्रेस पार्टी के रोहतक से सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने एशियन खेलों में हरियाणा के पहलवान योगेश्वरदत्त व डिस्कस थ्रो खिलाड़ी सीमा पूनिया द्वारा का स्वर्ण पदक व महिला पहलवान विनेश फोगाट और गीतिका जाखड़ के कांस्य पदक जीतने पर प्रदेश के इन चारों होनहार खिलाडिय़ों को बधाई दी है। सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि प्रदेश के इन चारों होनहार खिलाडिय़ों ने प्रदेश के साथ देश का गौरव भी बढ़ाया है।आज प्रैस को जारी बयान में उन्होंने कहा कि हरियाणा प्रदेश, देश में स्पोट्र्स हब के रूप में उभरा है, यह केवल प्रदेश की कांग्रेस सरकार की खेल नीति और प्रदेश के उर्जावान युवाओं की बदोलत संभव हुआ है।सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि हरियाणा सरकार ने खेलों और खिलाडिय़ों को प्रोत्साहित करने और उनका हौसला अफजाई करने के उद्देश्य से एक और पदक लाओ पद पाओ योजना शुरू की। इस योजना के तहत अब तक 494 खिलाडिय़ों को सरकार पदों पर नियुक्तियां दी गई हैं। इन खिलाडिय़ों को उनकी उपलब्धि के आधार पर पुलिस विभाग और बोर्ड-निगमों में नियुक्त किया गया। पुलिस विभाग में अब तक 18 डीएसपी, 21 इंस्पेक्टर, 35 सब-इंस्पेक्टर, 336 कांस्बेटल और 84 को अन्य पदों पर नौकरी देना शामिल है।उन्होंने कहा कि ग्लास्को में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स-2014 में भी हरियाणा के खिलाडिय़ों का वर्चस्व रहा। देश के कुल 64 पदकों में से 22 पदक अकेले हरियाणा के खिलाडिय़ों ने प्राप्त किए। 2010 में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स भी देश के कुल पदकों के 40 प्रतिशत पदक हरियाणा के खिलाडिय़ों ने जीते थे और इस बार भी हरियाणा के खिलाडिय़ों ने सर्वाधिक पदक हासिल किए हैं।
सांसद ने बताया कि हरियाणा की जनसंख्या देश की कुल सवा अरब जनसंख्या का केवल 2.09 प्रतिशत (लगभग ढाई करोड़) है। पिछले 10 साल में कांग्रेस शासन के दौरान खेलों को बढ़ावा देने और खिलाडिय़ों को प्रोत्साहित करने के कारण हरियाणा ने खेलों में अप्रत्याशित वृद्धि की है, जिसका जीता-जागता उदाहरण अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में हरियाणा के खिलाडिय़ों का शानदार परिणाम है। यह प्रदेश की खेल नीति का परिणाम है कि मेलबर्न में 2006 में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में हरियाणा जहां 5 पदक ही हासिल कर पाया था, वहीं आज इन पदकों की संख्या 22 तक पहुंच गई है। हरियाणा ऐसा प्रदेश है, जहां पदक विजेता खिलाडिय़ों को इनाम के तौर सबसे अधिक धनराशि दी जाती है। देश के किसी अन्य राज्य में इतनी इनामी राशि नहीं दी जाती। इसके अलावा पदक लेकर लौटने वाले खिलाडिय़ों का भरपूर मान-सम्मान किया जाता है।उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने फैसला किया है कि ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेताओं को एक करोड़ की बजाय 5 करोड़, रजत विजेता को 50 लाख की बजाय 3 करोड़ और कांस्य पदक विजेता को 25 लाख की बजाय 2 करोड़ दिए जाएंगे। एशियन गेम्स इनाम की राशि में भी भारी बढ़ोतरी की । स्वर्ण पदक विजेताओं को 10 लाख की बजाय 2 करोड़, रजत विजेता को 7 लाख की बजाय 1 करोड़ और कांस्य पदक विजेता को 5 लाख की बजाय 50 लाख दिए हैं। इसके अतिरिक्त कॉमनवेल्थ गेम्स व अन्य राष्ट्रीय अंतर राष्ट्रीय खेल स्पर्धाओं में पदक जीतने वाले खिलाडिय़ों को दी जाने वाली इनामी राशि में भारी बढोतरी की है जिससे खिलाडिय़ों में उत्साह का संचार हुआ।
उन्होंने कहा कि लगभग एक दशक के दौरान कांग्रेस सरकार ने खेल संसाधनों में इतनी वृद्धि की, जितनी पिछले 38 साल में नहीं हुई थी। खेल नीति के कारण प्रदेश के खिलाडिय़ों को उनकी प्रतिभा दिखाने का मौका मिला। प्रत्येक जिलों के अलावा ब्लॉक स्तरीय व ग्रामीण खेल स्टेडियमों का निर्माण कर एक नेटवर्क खड़ा किया और खिलाडिय़ों को प्रतिभा दिखाने का सुअवर प्रदान किया। यह महत्वपूर्ण बात थी कि स्टेडियमों का निर्माण केवल शहरी इलाकों में ही नहीं गांवों में भी कराया गया।हरियाणा प्रदेश, देश में स्पोट्र्स हब के रूप में उभरा है, केवल प्रदेश की कांग्रेस सरकार की खेल नीति का परिणाम है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा द्वारा खेल नीति बनाकर खेलों को जो बढ़ावा दिया गया, उसका परिणाम आज अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हरियाणा के खिलाडिय़ों के प्रदर्शन को देखकर आसानी से लगाया जा सकता है।