अलगाववादियों से कैसे वार्ता कर सकते हैं पाकिस्तानी उच्चायुक्त : मनीष तिवारी
5 दरिया न्यूज
नई दिल्ली 17-Aug-2014
कांग्रेस ने रविवार को सरकार से पूछा कि पाकिस्तानी उच्चायुक्त के कश्मीरी अलगाववादी नेताओं को वार्ता के लिए बुलाए जाने की स्थिति में भारत क्यों विदेश सचिव स्तर की बैठक करने जा रहा है। कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि विदेश सचिव सुजाता सिंह के पाकिस्तान दौरे से पहले बासित को अलगाववादी नेताओं के साथ बातचीत करने देना कूटनीति की कमी को दर्शाता है। तिवारी ने टाइम्स नाउ चैनल से कहा, "पाकिस्तानी उच्चायुक्त अलगाववादियों को वार्ता के लिए बुला रहे हैं। कूटनीति कहां चली गई? क्या सरकार पाकिस्तान के रवैये का समर्थन कर रही है?"उन्होंने कहा कि सरकार को 18-19 अगस्त को बासित और अलगाववादी नेताओं के बीच होने वाली बैठक के मुद्दे की जानकारी देनी चाहिए।
सुजाता सिंह 25 अगस्त को पाकिस्तान दौरे पर रहेंगी, जहां वह अपने समकक्ष एजाज अहमद से मुलाकात करेंगी। उनके दौरे से पहले हुर्रियत नेता मीरवाइज उमर फारूक और सैयद गिलानी को बासित ने दिल्ली में मुलाकात के लिए बुलाया है। पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने सरकार पर दोहरा मानदंड रखने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि विदेश सचिव स्तर की वार्ता का फैसला करना भाजपा के विपक्ष में रहने के दौरान पाकिस्तान के साथ वार्ता का विरोध करने वाले बयान से बिल्कुल अलग है। खुर्शीद ने सवाल किया, "भाजपा लगातार कहती रही है कि आतंकवाद और वार्ता साथ-साथ नहीं हो सकती। क्या वह सब कुछ भूल गई है।"