हिमाचल : वीरभद्र सिंह के इस्तीफे को लेकर विधानसभा गतिरोध बरकरार
5 दरिया न्यूज
शिमला 08-Aug-2014
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और सत्तारूढ़ कांग्रेस के बीच जारी गतिरोध लगातार तीसरे दिन शुक्रवार को भी बना रहा। भाजपा सदस्यों ने सदन के तमाम कार्यो को निलंबित करने और मुख्यमंत्री के खिलाफ काला धन सफेद करने के कथित मामले में चल रही जांच में दिल्ली उच्च न्यायालय की कार्यवाही पर सदन में चर्चा कराने की मांग की। सदन की कार्यवाही सुबह जैसे ही शुरू हुई, भाजपा के सदस्य मोहिंदर सिंह ने अध्यक्ष बृज बिहारी लाल बुटेल से कहा कि चूंकि गुरुवार को उनके स्थगन प्रस्ताव के नोटिस को रद्द कर दिया गया था, इसलिए मुख्यमंत्री को अदालती कार्यवाही के बारे में जवाब देना चाहिए।
43 मिनट तक चले प्रश्नकाल के दौरान अध्यक्ष भाजपा सदस्यों से सदन की मर्यादा को बनाए रखने का आग्रह करते रहे।हंगामा शांत न होता देख अध्यक्ष ने सदन को दिन भर के लिए स्थगित कर दिया।मुख्यमंत्री ने गुरुवार को एक बयान में कहा, "अदालत की कार्यवाही पर भाजपा अनावश्यक अनुमान लगा रही है, यह बेवजह है।""मामला पहले से ही दिल्ली उच्च न्यायालय के विचाराधीन है। मैं भाजपा के अपने साथियों को सलाह दूंगा कि वे कानून को अपना काम करने दें।"कार्यालय के सूत्रों ने आईएएनएस से कहा कि भाजपा द्वारा मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग केंद्र सरकार द्वारा दिल्ली उच्च न्यायालय में दी गई उस दलील के बाद उठी है, जिसमें उसने कहा है कि काला धन सफेद करने के मामले में वीरभद्र सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का प्रथम दृष्टया मामला बनता है।
दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जी.रोहिणी और न्यायाधीश जयंत नाथ की पीठ के समक्ष अतिरिक्त महाधिवक्ता संजय जैन ने कहा, "यह काला धन सफेद करने का स्पष्ट मामला है।"याचिकाकर्ता गैर सरकारी संस्था की ओर से वकील प्रशांत भूषण ने एक जनहित याचिका दायर कर इस्पतात मंत्री रहते हुए वीरभद्र सिंह के खिलाफ लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की सीबीआई जांच की मांग की।अदालत इस मामले की अगली सुनवाई 20 अगस्त को करेगी।