विश्व पर्यटन मानचित्र पर चमकेगा शांघड़,स्थानीय लोगों को घरद्वार पर ही मिलेंगे रोजगार के अवसर
2.30 करोड़ की लागत से बनाई जा रही है रोपा-शांघड़ सड़क
5 दरिया न्यूज
कुल्लू 23-Jul-2014
यूनेस्को की विश्व धरोहर ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क के इको जोन में बसा है एक बहुत ही खूबसूरत गांव शांघड़। लगभग 228 बीघा क्षेत्र में फैला हरा-भरा मैदान और इसके आस-पास के घने जंगल इस छोटे से गांव की खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं। प्रदेश सरकार के प्रयासों से अब यह गांव विश्व पर्यटन मानचित्र में अपनी अलग पहचान बनाने की ओर अग्रसर हो रहा है। सरकार इस गांव को प्राथमिकता के आधार पर सड़क से जोड़ने पर जोर दे रही है। लगभग आठ किलोमीटर लंबी रोपा-शांघड़ सड़क का कार्य प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत युद्ध स्तर पर करवाया जा रहा है। इस पर करीब 2.30 करोड़ की धनराशि खर्च की जा रही है। बीते दिनों विधायक कर्ण सिंह ने जिलाधीश राकेश कंवर व सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ शांघड़ का दौरा करके यहां पर्यटन की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। कर्ण सिंह का कहना है कि शांघड़ को सड़क से जोड़ना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है और इस दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सड़क बनने के बाद शांघड़ की कायाकल्प हो जाएगी और देश-विदेश के पर्यटक यहां आने लगेंगे। ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क को विश्व धरोहर का दर्जा मिलने से भी शांघड़ में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी। इससे स्थानीय लोगों को घरद्वार पर ही रोजगार के अवसर मिलेंगे। प्रदेश सरकार ने ग्राम पंचायत शांघड़ को जलविद्युत प्रभावित क्षेत्रों में शामिल किया है। इससे यहां विकास कार्यों में धन की कमी नहीं रहेगी। विधायक के साथ शांघड़ पहुंचे जिलाधीश राकेश कंवर ने कहा कि भविष्य में पर्यटन के विस्तार की अपार संभावनाओं को देखते हुए क्षेत्रवासी अभी से तैयारी शुरू कर दें। उन्होंने लोगों से गांव की पारंपरिक पहचान बनाए रखने तथा पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर देने की अपील भी की। उन्होंने गांव में मकानों का निर्माण पारंपरिक तरीके से ही करने पर जोर दिया और कहा कि इससे शांघड़ को हेरिटेज विलेज के रूप में विकसित किया जा सकेगा। गांव का यही लुक पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन सकता है।