विश्व की उत्पत्ति, पालन व प्रलय करने वाले परमात्मा को प्रणाम करें : गोपाल कृष्ण शास्त्री
श्री बाबा तारा कुटिया में मद भागवत कथा आरंभ
5 दरिया न्यूज
सिरसा 16-Jul-2014
श्री बाबा तारा कुटिया में पूजा-अर्चना, मंत्रोचारण और कलश यात्रा के पश्चात श्रद्धैय गौरव कृष्ण गोस्वामी ने भागवत कथा का वाचन प्रारंभ किया। विश्वविख्यात कथा वाचक गोपाल कृष्ण शास्त्री के पुत्र गौरव कृष्ण गोस्वामी ने स्वरचित प्रसिद्ध भजन 'राधे-राधे-राधे बरसाने वाली राधे गाकर भागवत कथा का भव्य शुभारंभ किया। उन्होंने 'हमरो प्रणाम बांके को 'दर पे तुम्हारे सांवरे आदि भजनों का गायन कर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। गोस्वामी जी ने कथा वाचन करते हुए कहा कि भगवान पर किसी का जोर नहीं है, भगवान किसी की साधना के बल पर नहीं मिलते। भगवान किसी की भजन के बल पर नहीं मिलते, भगवान किसी को रुपये पैसे के बल पर नहीं मिलते। भगवान जब भी प्राप्त होंगे तो वो अपनी कृपा से ही तुमको मिलेंगे। गौरव कृष्ण गोस्वामी जी ने आए हुए श्रद्धालुओं को भागवत कथा का सुंदर शब्दों में वाचन कर भक्तिमय कर दिया। स्वामी जी ने कहा कि विश्व की उत्पत्ति, पालन और प्रलय करने वाले परमात्मा को प्रणाम करो और प्रत्येक व्यक्ति चाहे वह छोटा हो या बड़ा हो, उसे यह सोचकर प्रणाम करना चाहिए कि उसमे परमात्मा का वास है। कथा से पूर्व श्री बाबा तारा कुटिया के मुख्य सेवक गोबिंद कांडा, उनकी पत्नी सरिता कांडा, धवल कांडा और संगीता कांडा सहित सैंकड़ो महिलाओं ने बाबा तारा के समाधि स्थल से सत्संग पंडाल तक कलश यात्रा निकाली और मंगल गीत गाए। बाबा तारा के भक्तों ने बम-बम भोले व बाबा तारा का जयघोष करते हुए कलश यात्रा के साथ चल रहे थे। भागवत कथा श्रवण के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने शिरक्त की। शिव भक्तों के बैठने के लिए व्यापक प्रबंध किए गए थे। गर्मी से निजात दिलाने के लिए कुल्लरों व पंखो का विशेष रुप से प्रबंध किया गया।