मुख्यमंत्री द्वारा केन्द्रीय वित्त मंत्री से प्रदेश हित के मामलों की पैरवी
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शिमला 05-Jul-2014
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली से भेंट की और प्रदेश के विकास से जुड़े विभिन्न मामले उनके समक्ष रखे। उन्होंने वित्त मंत्री को हिमाचल की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों से अवगत करवाया और प्रदेश के त्वरित विकास के लिए विशेष सहायता एवं प्रोत्साहन की मांग की। उन्होंने बिलासपुर-लेह वाया मनाली, पठानकोट-जोगिन्द्रनगर रेल मार्ग तथा भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेल मार्ग को उनके सामरिक महत्व के दृष्टिगत राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने की मांग की।उन्होंने वित्त मंत्री से आग्रह किया कि हिमाचल प्रदेश को विशेष औद्योगिक पैकेज पुनर्बहाल किया जाए, क्योंकि प्रदेश में विकास की गति को तेज करने के लिए यह आवश्यक है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाइयों को आयकर तथा केन्द्रीय आबकारी शुल्क में कम से कम वर्ष 2020 तक छूट प्रदान की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने सभी केन्द्रीय प्रायोजित योजनाओं विशेषकर सर्वशिक्षा अभियान, मिड-डे-मील, इंदिरा आवास योजना, राष्ट्रीय रोगी वाहन सेवा तथा लघु योजनाओं के लिए एक समान वित्त पोषण की मांग की। उन्होंने कहा कि विशेष श्रेणी राज्य होने के नाते हिमाचल को योजनाओं में केन्द्र सरकार से 90 प्रतिशत वित्त पोषण प्राप्त होना चाहिए। राज्य सरकार की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में रेल नेटवर्क के विस्तार के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने केन्द्रीय वित्त मंत्री से मांग की कि वर्ष 2013 में भारी बारिश के कारण हुए नुकसान के एवज में प्रदेश को शीघ्र 144.36 करोड़ रुपये का बकाया जारी किया जाए। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा स्वीकृत 240 करोड़ रुपये में से प्रदेश सरकार को अभी तक केवल 95.40 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं, जबकि प्राकृतिक आपदा के कारण प्रदेश में सार्वजनिक सम्पत्ति को 2575 करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया था।केन्द्रीय वित्त मंत्री ने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि प्रदेश के विकास के लिए हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।