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3109 मिडल व सैकेण्डरी स्कूलों के लिए 7.75 करोड़ की ग्रांट जारी- मलूका

जरूरतमंद स्कूलों के रख रखाव के लिए प्रत्येक स्कूल को 25 हजार रूपये की ग्रांट दी जायेगी

5 दरिया न्यूज

चण्डीगढ़ 06-Feb-2013

राज्य में शिक्षा के व्यापक प्रसार के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए पंजाब सरकार राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान योजना (आरएमएसए ) लागू करने में सबसे आगे होने के साथ साथ हाई और सैकेण्डरी शिक्षा के स्तर में ओर सुधार लाने के लिए यत्नशील है ताकि आठवीं से बाहरवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए बेहतर शिक्षा को विश्वसनीय बनाया जा सकें।आज यहां यह जानकारी देते हुए शिक्षा मंत्री पंजाब स. सिकन्दर सिंह मलूका ने बताया कि आरएमएसए अधीन राज्य के जरूरत वाले विभिन्न क्षेत्रों में 3109 मिडल और सैकेण्डरी स्कूलों में संभाल के लिए 7.75 करोड़ रूपये की ग्रांट जारी की गई है जिसके अधीन जरूरतमंद स्कूलों के रखरखाब के लिए प्रत्येक स्कूल को 25000 रूपये की ग्रांट दी जायेगी। इससे पहले राज्य सरकार ने स्कूलों के विकास के लिए 15 करोड़ रूपये की ग्रांट जारी की थी जिसमें से प्रत्येक स्कूल को उच्च स्तर पर स्कूल के विकास के लिए पच्चास हजार रूपये की ग्रंाट उपलब्ध करवाई गई थी। शिक्षा मंत्री ने जिला शिक्षा अधिकारी और स्कूल मुखियों को निर्देश दिये कि वह स्कूलों की कमजोर ईमारतों का निरीक्षण करें ताकि स्कूलों में नई ईमारतों के निर्माण के लिए समय पर ग्रंाट उपलब्ध करवाई जा सकें। मंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में इस केन्द्रीय स्कीम के सफलता से चलने के बाद आरएमएसए अधीन जिन स्कूलों का दर्जा बढ़ाया जा रहा है। पंजाब सरकार उन स्कूलों को बिल्कुल जारी रखेगी। उन्होंने स्कूलों के मुखियों को कहा कि स्कूलों के विकास के लिए स्कूल मुखी एक डाईस प्रोफोर्मा भर कर आवश्यक ग्रांट की मांग करें। ताकि राज्य सरकार केन्द्र सरकार के पास प्रस्ताव भेज सकें। उन्होंने कहा कि आरएमएसए योजना तहत लड़के लड़कियों के संयुक्त स्कूल खोले जाने पर जोर देते हुए यह भी विश्वसनीय बनाया जायेगा कि किसी भी विद्यार्थी के साथ लिंग स्तर, कमजोर आर्थिकता या अपंगता के पक्ष से किसी से भी किसी प्रकार का भेदभाव न हो, बल्कि विद्यार्थियों क ो पूर्ण शिक्षा प्रदान करना ही इस योजना का मुख्य लक्ष्य है। शिक्षा मंत्री ने समाज के सभी वर्गों विशेषकर विद्यार्थियों के अभिभावकों और अध्यापकों को कहा है कि वह राज्य सरकार द्वारा लागू किये जा रहे शिक्षा सुधारों के मध्यनजर सरकार को पूर्ण सहयोग देते हुए शिक्षा प्राप्ति की ओर बढ़ रहे विद्यार्थियों को सरकारी स्कूलों में दाखिल करवाए क्योंकि जहां सरकार द्वारा राज्य में स्कूलों में पूर्ण बुनियादी ढांचा उपलब्ध करवाया जा रहा है वहीं शिक्षा संस्थानों मेंं अध्यापकों की कमी को भी लगभग पूरी करने की ओर बढ़ते जा रहे हैं।