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ब्रिटेन के उच्‍चायुक्‍त जेम्‍स बेवन ने डॉ. जितेन्‍द्र सिंह से मुलाकात की

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नई दिल्ली 20-Jun-2014

भारत में ब्रिटेन के उच्‍चायुक्‍त जेम्‍स बेवन ने आज यहां कार्मिक, जन शिकायत और पेंशन राज्‍य मंत्री डॉ. जितेन्‍द्र सिंह से मुलाकात की और प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्‍व में नई सरकार के सत्‍ता संभालने पर अपनी सरकार की ओर से शुभकामनाएं दी। डॉ. जितेन्‍द्र सिंह ने शिष्‍टाचार भेंट के लिए उच्‍चायुक्‍त को धन्‍यवाद दिया और कहा कि नई सरकार ब्रिटेन सहित दुनिया के सभी देशों के साथ मिलकर काम करना चाहती है। डॉ. जितेन्‍द्र सिंह ने नागरिक सेवाओं के क्षेत्र में सुधारों पर ब्रिटेन के साथ सहमति पत्रों की चर्चा की और कहा कि भारत से अधिकारियों को लंदन स्‍कूल ऑफ इकनॉमिक्‍स, किंग्‍स कॉलेज, यूनिवर्सिटी ऑफ मेनचेस्‍टर और ब्रिटेन के अन्‍य जाने माने संस्‍थानों में नियमित आधार पर भेजा जाता है। उन्‍होंने बताया कि इस तरह के प्रशिक्षणों का खर्च भारत सरकार उठाती है। श्री सिंह ने जानकारी दी कि जल्‍द ही सरकार नई पहलों पर विचार विमर्श के लिए एक कार्यबल को ब्रिटेन भेजेगी। डॉ. जितेन्‍द्र सिंह और ब्रिटेन के उच्‍चायुक्‍त ने ‘निवेश’ नाम के एक संयुक्‍त कार्यक्रम के बारे में विस्‍तार से बातचीत की, जिसका उद्देश्‍य स्‍वास्‍थ्‍य, स्‍वच्‍छता और अन्‍य बुनियादी सुविधाओं के संबंध में समाज के निचले स्‍तर की मूलभूत जरूरतों को पूरा करना है। 

अपने विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय की चर्चा करते हुए डॉ. जितेन्‍द्र सिंह ने कहा कि भारत-ब्रिटेन विज्ञान और नव परिवर्तन परिषद ने दोनों देशों के बीच विज्ञान और नव परिवर्तन सहयोग को बढ़ाने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई है जो दोनों पक्षों के संयुक्‍त वित्‍त पोषण से 2008 में 20 लाख पौंड से बढ़कर इस समय 15 करोड़ पौंड पर पहुंच चुकी है। डॉ. जितेन्‍द्र सिंह ने कहा कि भारत और ब्रिटेन के बीच विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आपसी विश्‍वास, साझेदारी और समानता पर आधारित परंपरागत और ऐतिहासिक संबंध हैं। उन्‍होंने बताया कि भारत की ओर से विभिन्‍न विभाग ब्रिटेन के व्‍यावसायिक, नव परिवर्तन और कौशल विभाग, ब्रिटिश काउंसिल और रॉयल सोसायटी के साथ सहयोग कर रहे हैं। 

डॉ. जितेन्‍द्र सिंह ने उच्‍चायुक्‍त को बताया कि आने वाले समय में दोनों देशों के बीच ‘दूरसंचार की अगली पीढ़ी’, सौर वैद्युत सामग्री, मौसम विज्ञान और स्‍टेम सेल जैसे सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों को शामिल किया जा सकता है। गणित और स्‍वास्‍थ्‍य विज्ञान के क्षेत्र में एशियाई भारतीय विद्वानों की चर्चा करते हुए डॉ. जितेन्‍द्र सिंह ने इस बात पर संतोष व्‍यक्‍त किया कि स्‍वास्‍थ्‍य और ऊर्जा के क्षेत्र में दोनों सरकारों ने संयुक्‍त रूप से नए कार्यक्रम तैयार किए हैं और 100 से ज्‍यादा परियोजनाएं ब्रिटेन-भारत शिक्षा अनुसंधान पहल के अंतर्गत कार्यान्‍वयन की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।