केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने केन्द्र-राज्य संबंधों की समीक्षा की
राजनाथ सिंह ने महिलाओं के मुसीबत में होने पर मोबाइल फोन अलार्म बटन के काम करने में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त की
5 दरिया न्यूज
नई दिल्ली 17-Jun-2014
केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आज नई दिल्ली में गृह मंत्रालय के केन्द्र-राज्य खंड की समीक्षा की। मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने श्री राजनाथ सिंह को महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों, अपराधियों का पता लगाने के नेटवर्क, साइबर अपराधों और जेलों के आधुनिकीकरण से अवगत कराया। अपराधों और अपराधियों के नेटवर्क का पता लगाने की प्रणाली (सीसीटीएनएस) परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए यह माना गया कि परियोजना कार्यान्वयन के अंतिम चरण में है, लेकिन कुछ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों जैसे अरूणाचल प्रदेश, बिहार, गोवा, हरियाणा, लक्षद्वीप, मणिपुर और राजस्थान काफी पीछे है। गृह मंत्री ने कहा कि वे इस बारे में संबद्ध मुख्यमंत्रियों और केन्द्र शासित प्रशासकों से बातचीत करेंगे।
महिलाओं के खिलाफ अपराधों – निर्भय कोष परियोजना की समीक्षा करते हुए यह जानकारी दी गई कि विपत्ति में पड़ी महिला की फोन कॉल मिलने पर उस पर तेजी से कार्रवाई करने संबंधी परियोजना को केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने 4 फरवरी, 2014 को मंजूरी दी थी। महिला के मुसीबत में पड़ने/आपात स्थिति में अपने मोबाइल फोन का एक बटन दबाने पर अलार्म पुलिस नियंत्रण कक्ष में पहुंचेगा, जो तत्काल उस स्थान पर सहायता के लिए पीसीआर वैन भेजेगी। इस प्रस्तावित प्रणाली को 114 शहरों में अमल में लाया जाना है। गृह मंत्री ने इस परियोजना की शुरूआत में देरी पर चिंता व्यक्त की। यह फैसला किया गया कि इस परियोजना को तेजी से अमल में लाया जाए। उन्होंने सभी साझेदारों के साथ खुद इसकी समीक्षा करने की इच्छा व्यक्त की। साइबर अपराध परियोजना के संबंध में गृह मंत्री ने कहा कि भारत में 916 मिलियन फोन उपभोक्ता और 239 मिलियन इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले हैं और 2012 में केवल 3,477 साइबर अपराध (2,876 आईटी अधिनियम के तहत और 601 आईपीसी के अंतर्गत) दर्ज किए गए। श्री राजनाथ सिंह ने निर्देश दिया कि सॉफ्टवेयर उद्योग में कार्यरत किसी उचित संगठन का इस्तेमाल राज्यों में पुलिस के मार्गदर्शन के लिए किया जाए, ताकि उसकी साइबर अपराधों से मुकाबला करने की क्षमता बढ़ा सके। देश में जेलों की स्थिति में सुधार की समीक्षा करते हुए गृह मंत्री ने जेलों के आधुनिकीकरण की परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर लागू करने को कहा।