दक्षिण एशियाई देशों को नरेंद्र मोदी से बड़ी उम्मीद
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इस्लामाबाद/ढाका/कोलंबो/काठमांडू/माले/थिंपू 28-May-2014
दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संघ (दक्षेस) के सदस्य देशों को भारत के नए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बेशुमार उम्मीदें हैं। सभी नेताओं ने अपने देश की मीडिया में भारत के नए नेतृत्व के बारे में इस आशय के संकेत दिए हैं। मोदी की मंगलवार को क्षेत्र के नेताओं के साथ हुई मुलाकातों के बाद शांतिपूर्ण समय की संभावना और द्विपक्षीय रिश्तों में सुधार मीडिया में मुख्य रूप से छाया रहा। मोदी ने दक्षेस के सदस्य देशों के नेताओं को सोमवार को हुए शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया था और अगले दिन मंगलवार को सभी से बारी-बारी से मुलाकात की।सीमा के आर-पार जिस हाईप्रोफाइल मुलाकात को लेकर उम्मीदों के पुल बांधे जा रहे हैं उसके बारे में पाकिस्तान के एक दैनिक अखबार ने बुधवार को कहा है कि यह "शांति की संभावना और आने वाले महीनों में अवश्यमभावी समस्या का संकेत देता है।'अंग्रेजी दैनिक द न्यूज इंटरनेशनल ने नई दिल्ली में मोदी-शरीफ मुलाकात के एक दिन बाद 'अ न्यू पेज' शीर्षक से अपने संपादकीय में अपनी राय दी है। मोदी ने अपने शपथ ग्रहण समारोह में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ सहित दक्षेस के सभी सदस्य देशों के प्रमुखों को न्योता दिया था।
अखबार ने कहा है कि मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में भागीदारी के लिए शरीफ की भारत यात्रा 'अपने आप में एक भूकंपीय घटना की तरह थी। ऐसे कार्यक्रम में हिस्सा लेना किसी भी पाकिस्तानी नेता के लिए पहला मौका था इसलिए इससे किसी ठोस नतीजे की उम्मीद करना उचित नहीं माना जा रहा था।'अखबार ने कहा है, "इसकी जगह यह सार्वजनिक रिश्ते के लिए संघर्ष और अत्यंत खराब हो चुके रिश्ते में सुधार लाने के लिए एक जमीन तैयार करने की कोशिश थी। इस दिशा में नवाज ने बेहतर काम किया। खास तौर से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से उनके आवास पर जाकर मुलाकात कर उन्होंने मर्मस्थल को छूने का प्रयास किया है।"शरीफ से मुलाकात के लिए वाजपेयी ने लाहौर की यात्रा की थी। उस दौर को आज भी भारत-पाकिस्तान के रिश्ते के सबसे बेहतरीन समय के रूप में याद किया जाता है। वाजपेयी से मुलाकात का मोदी के लिए सीधा संकेत है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का पाकिस्तान को सकारात्मक रूप से लेने का भी इतिहास रहा है।
बांग्लादेश में प्रधानमंत्री शेख हसीना की मोदी के नेतृत्व में भारत के साथ बेहतर रिश्ता बने रहने की उम्मीद को उल्लेखित किया गया है।द डेली स्टार के मुताबिक, हसीना ने बुधवार को कहा है, "मुझे विश्वास है कि एक बेहतर रिश्ता बना रहेगा। मोदी की अपनी समझ है और अब वे भारत के प्रधानमंत्री हैं और मैं उम्मीद करती हूं कि भारत के प्रधानमंत्री के रूप में वे अपनी तय भूमिका निभाएंगे ताकि सभी पड़ोसी देशों से बेहतर रिश्ता बना रहे।" श्रीलंका के राष्ट्रपति ने मोदी के साथ मुलाकात के बाद कहा कि वे मोदी के साथ काम करने के प्रति आशान्वित हैं।द डेली न्यूज के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच नई दिल्ली में हुई मुलाकात के दौरान राजपक्षे ने कहा कि दक्षेस की सफलता के लिए भारत का नेतृत्व अहम है और सदस्य देशों को क्षेत्र को वैश्विक मंच पर मदद मिलने वाले साझा मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना होगा।नेपाल के प्रधानमंत्री सुशील कोईराला ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ नई दिल्ली में हुई मुलाकात के दौरान नेपाल में संविधान तैयार होने की प्रक्रिया में हो रही देरी पर भारत की चिंताओं का समाधान करने की कोशिश की।
हिमालयन टाइम्स के मुताबिक, "मुलाकात के दौरान मोदी ने नेपाल में संविधान तैयार करने की प्रक्रिया पर चिंता जताई और जवाब में कोईराला ने उन्हें आश्वासन दिया कि नया संविधान एक वर्ष के भीतर तैयार हो जाएगा।"अफगानिस्तान टाइम्स के मुताबिक, राष्ट्रपति हामिद करजई के साथ मुलाकात के दौरान मोदी ने दोनों देशों के बीच हुए द्विपक्षीय साझीदारी समझौते के तहत अफगानिस्तान को भारत की ओर से सभी प्रकार का सहयोग देने का भरोसा दिया।मालदीव के राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन ने कहा है कि उनके देश को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारत की भूमिका स्वीकार है।मिनिवन समाचार के मुताबिक, नई दिल्ली में मंगलवार को मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंध और मजबूत करने पर सहमति जताई।राष्ट्रपति के कार्यालय ने कहा है कि मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति मौमून अब्दुल गयूम के नेतृत्व में दोनों देशों के रिश्ते को उजागर किया और निकट भविष्य में इसके 'बहाल' होने का भरोसा जताया।भूटान की मीडिया के मुताबिक, भूटान के प्रधानमंत्री त्शेरिंग तोब्गेय ओर मोदी 2,120 मेगावाट क्षमता की चार जल विद्युत परियोजनाओं को बहाल करने पर सहमत हुए। मोदी ने भूआन को भारत के सबसे निकट पड़ोसी की तरह सहयोग करने का भरोसा दिया।